पीएम मोदी के 'मन की बात' में मछली पालन का जिक्र होने पर बेलगावी के किसान खुश
बेलगावी, 29 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात कार्यक्रम में कर्नाटक के बेलगावी के एक किसान की तारीफ की। उन्होंने मछली पालन को आजीविका का एक जरूरी काम बताया और ग्रामीण उद्यमिता की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने पर खुशी और गर्व जताया।
बेलगावी तालुक के बोडाक्यतनट्टी गांव के एक युवा किसान राजेश शिवलिंग हुद्दार ने खुशी और गर्व जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व महसूस हो रहा है कि उनके काम और पेशे को प्रधानमंत्री मोदी ने एक नेशनल प्लेटफॉर्म पर पहचाना।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जिक्र से न सिर्फ उन्हें, बल्कि पूरे ग्रामीण भारत में मछली पालन में लगे छोटे किसानों को भी पहचान मिली है। अपने अनुभव के बारे में आईएएनएस से बात करते हुए, हुद्दार ने कहा कि वह पिछले तीन सालों से कुची मछली पालन कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मछली पालन पर प्रधानमंत्री मोदी की बातों ने उन्हें हिम्मत दी और इस सेक्टर में अपना काम जारी रखने का उनका कमिटमेंट और पक्का किया। हुद्दार के मुताबिक, यह पहचान उनके जैसे छोटे गांव के किसानों के लिए गर्व की बात है, जो अक्सर कम रिसोर्स के साथ काम करते हैं, लेकिन गांव की इकॉनमी में अहम योगदान देते हैं।
हुद्दार ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि पीएम मोदी ने मछली पालन के बारे में बात की। यह खुशी और गर्व की बात है कि मेरे जैसे छोटे से गांव के किसान को मन की बात में हाईलाइट किया गया। मैं प्रधानमंत्री का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की तारीफ किसानों को एक्वाकल्चर में सस्टेनेबल तरीकों को अपनाने और बढ़ाने के लिए मोटिवेट करती है।
बेलगावी के किसान का मानना है कि बढ़ती जागरूकता और सरकारी मदद से गांव के ज्यादा युवा मछली पालन को एक फायदेमंद आजीविका के ऑप्शन के तौर पर अपना सकते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में गांव की आजीविका को मजबूत करने और किसानों में सेल्फ-रिलाएंस को बढ़ावा देने की कोशिशों के तहत मछली पालन के महत्व पर जोर दिया था।
मन की बात प्रोग्राम में हुद्दार का जिक्र तब से बेलगावी के लोकल समुदाय के लिए गर्व की बात बन गया है, जहां के लोग इसे अपनी खेती की परंपराओं और एक्वाकल्चर से जुड़े हुए सेक्टर में उभरते डाइवर्सिफिकेशन की पहचान के तौर पर देखते हैं।
--आईएएनएस
एसडी/डीएससी
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दिल्ली वालों के लिए खास मौका! खत्म करें अपने सारे ट्रैफिक चालान; अप्रैल में लगने जा रही स्पेशल लोक अदालत
Delhi Special Lok Adalat April 2026: दिल्ली में जिन लोगों पर ट्रैफिक चालान बकाया है, उनके लिए एक बड़ा मौका आने वाला है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अप्रैल 2026 को स्पेशल लोक अदालत आयोजित करने जा रही है. यह आयोजन दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) के सहयोग से किया जा रहा है. इस लोक अदालत का मकसद लोगों के लंबित ट्रैफिक चालान और नोटिस का आसान और जल्दी निपटारा करना है.
कब लगेगी स्पेशल लोक अदालत?
यह विशेष लोक अदालत 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को लगेगी. दिल्ली के सात प्रमुख कोर्ट परिसरों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएगी. इसमें वे सभी लोग शामिल हो सकते हैं जिनके चालान लंबे समय से पेंडिंग हैं और जिन्हें वे खत्म करना चाहते हैं. इस तरह के आयोजनों से लोगों को कोर्ट के लंबे चक्कर लगाने से राहत मिलती है और मौके पर ही मामलों का समाधान हो जाता है.
Special Lok Adalat for settling pending Compoundable Traffic Challans/Notices to be held on 5th April, 2026 (Sunday) at all Court Complexes, Delhi from 10 am to 4 pm.
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) March 28, 2026
Avail this opportunity to get cleared pending challans/notices.@DSLSA_DELHI pic.twitter.com/9G0nJke2Ls
कहां लगेगी लोक अदालत?
यह स्पेशल लोक अदालत दिल्ली के इन सात कोर्ट परिसरों में आयोजित होगी:
- पटियाला हाउस कोर्ट
- कड़कड़डूमा कोर्ट
- तीस हजारी कोर्ट
- साकेत कोर्ट
- रोहिणी कोर्ट
- द्वारका कोर्ट
- राउज एवेन्यू कोर्ट
आप अपने नजदीकी कोर्ट में जाकर अपने चालान का निपटारा कर सकते हैं.
कैसे करें आवेदन?
अगर आप इस लोक अदालत का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको पहले से तैयारी करनी होगी. इसके लिए आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना चालान या नोटिस डाउनलोड करना होगा.
हर दिन 50 हजार नोटिस हो सकेंगे डाउनलोड
वेबसाइट 30 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से एक्टिव होगी. हर दिन केवल 50,000 चालान या नोटिस डाउनलोड किए जा सकेंगे. कुल मिलाकर 2,00,000 चालान डाउनलोड की सीमा तय की गई है. इसलिए अगर आपका चालान लंबित है, तो जल्दी से जल्दी वेबसाइट पर जाकर उसे डाउनलोड करना जरूरी है. देरी करने पर आपको मौका नहीं मिल पाएगा.
किन चालानों पर होगी सुनवाई?
यह जानना भी जरूरी है कि हर चालान इस लोक अदालत में नहीं लिया जाएगा. केवल वही ट्रैफिक चालान या नोटिस सुने जाएंगे जो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर लंबित हैं. इसके अलावा जो 31 दिसंबर 2025 तक वर्चुअल कोर्ट को भेजे जा चुके हैं और समझौता योग्य (compoundable) हैं
जरूरी बातों का रखें ध्यान
लोक अदालत में जाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है:
- अपने चालान या नोटिस का प्रिंटआउट जरूर निकाल लें
- बिना प्रिंटआउट के आपको प्रवेश नहीं मिलेगा
- समय पर पहुंचें ताकि आपका नंबर आसानी से आ सके
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क्यों है यह मौका खास?
स्पेशल लोक अदालत एक आसान और तेज तरीका है, जिससे आप अपने पुराने ट्रैफिक चालान का निपटारा कर सकते हैं. आमतौर पर कोर्ट की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, लेकिन लोक अदालत में मामलों को आपसी सहमति से जल्दी सुलझाया जाता है. इससे न सिर्फ समय बचता है, बल्कि कई मामलों में जुर्माने में राहत भी मिल सकती है.
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बिल्कुल न गंवाएं ये अवसर
अगर आपकी गाड़ी पर कोई चालान पेंडिंग है, तो इस मौके को बिल्कुल न गंवाएं. यह एक दिन का खास अवसर है, जहां आप अपने पुराने मामलों को खत्म कर सकते हैं और भविष्य की परेशानियों से बच सकते हैं.
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