प्रकृति की देन से बदली किस्मत, बिना पालन 800-900 रु./किलो बिक रहा झींगा, मल्लाहों की बढ़ी कमाई
बिहार के पूर्वी चंपारण में एक ऐसा गांव है जहां मल्लाहों को मछली पालने की जरूरत नहीं पड़ती. यहां एक ऐसा प्राकृतिक तलाब है जहां नदी की मछलियां बाढ़ में दहकर खुद आ जाती हैं. इन मछलियों में झींगा मछली भी आती हैं जिन्हें बेचकर मल्लाह अच्छा पैसा कमा लेते हैं. वे झींगा मछली के बारे में विशेष बातें भी बताते हैं.
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