'नाइट सूट पहनकर आ गई', शादी के 2 हफ्ते बाद कृतिका कामरा ने पहने ऐसे कपड़े, देखकर खिल्ली उड़ा रहे लोग
Kritika Kamra Viral Video: एक्ट्रेस कृतिका कामरा (Kritika Kamra) और क्रिकेट प्रेजेंटर गौरव कपूर (Gaurav Kapur) को लेकर कुछ समय से चर्चा चल रही थी कि ये दोनों शादी कब करेंगे. उन्होंने इन चर्चाओं पर विराम देते हुए 11 मार्च को मुंबई में अपने घर पर प्राइवेट तरीके से शादी कर ली. अब शादी के बाद पहली बार दोनों एक साथ मुंबई में एक इवेंट के दौरान स्पॉट हुए हैं. सोशल मीडिया पर उनका वीडियो सामने आया है. लेकिन कृतिका के कपड़े देखकर नेटिजन्स उनकी खिल्ली उड़ाने लगे.
कृतिका ने इवेंट में पहनी नाइट ड्रेस?
दरअसल, कृतिका गौरव के साथ मुंबई के एक इवेंट में शामिल होने के लिए आई थीं. दोनों साथ काफी खुश नजर आ रहे थे. गौरव इस दौरान कैजुअल लुक में काफी कूल नजर आए. जबकि कृतिका ने लेस-ट्रिम साटन स्लिप ड्रेस के साथ ब्लैक बेल बॉटम पैंट पहनी हुई थी. इसके अलावा उन्होंने पैरों में ब्लैक हील डाल रखी थी. इस लुक में दोनों काफी खूबसूरत नजर आ रहे थे. इवेंट के दौरान दोनों पैपराजी को पोज देते हुए भी नजर आए. हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को कृतिका की ड्र्रेस पसंद नहीं आई. इसके बाद लोगों ने कमेंट सेक्शन में उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया, 'इवेंट में नाइट सूट पहन कर आ गई.'
यूजर्स ने कपड़े देख उड़ाई खिल्ली
कृतिका को कई यूजर्स ने ट्रोल किया. एक शख्स ने सवाल करते हुए लिखा, 'कृतिका नाइट ड्रेस पहनकर क्यों आई है?' वहीं, दूसरे ने कहा, 'न्यूली वेड है क्या नाइट ड्रेस पहनकर घूमेंगी.' तीसरे ने कमेंट किया, 'नाइट ड्रेस का टॉप पहनकर आ गई हो.' हालांकि कई लोगों ने कमेंट बॉक्स में कृतिका बचाव कर कहा कि ये कोई नाइट ड्रेस नहीं है. बल्कि एक टॉप जो ऑनलाइन भी मिलती है. इसके साथ ही एक अन्य ने कहा, 'वो स्लिप ड्रेस है, वो भारत में है इसलिए उसने इस टॉप के साथ पैंट पहन रखी है वरना इसे बिना पैंट के ही पहना जाता है.'
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कृतिका कामरा के बारे में जानिए
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कृतिका कामरा का जन्म 25 अक्तूबर 1988 को जन्म उत्तर प्रदेश के बरेली हुआ था. उन्होंने NIFT से फैशन कम्युनिकेशन में डिग्री ली है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 'यहाँ के हम सिकंदर' शो से 2007 में की थी. उसके बाद उन्होंने 'कितनी है मोहब्बत है', 'कुछ लोग कहेंगे' और 'रिपोर्ट्स' जैसे कई हिट टीवी शो में काम किया. इसके अलावा उन्होंने 'भीड़' और 'तांडव' जैसी कई वेबसीरीज में भी काम किया था. कृतिका ने अपना बॉलीवुड डेब्यू 2018 में फिल्म 'मित्रों' से की थी. इस फिल्म उन्होंने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया था जो अपनी लाइफ में आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को पूरा करना चाहती है फिल्म में उनकी मासूमियत ने सबका दिल जीत लिया था.
बहुत अमीर हैं कृतिका के पति
बता दें कि कृतिका के पति गौरव उनसे पांच गुना ज्यादा अमीर है. वो ज्यातर क्रिकेट के टूर्नामेंट होस्ट करते नजर आते हैं. उनकी संपत्ति करीब 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है. जबकि कृतिका की नेट वर्थ 10-12 करोड़ रुपये के बीच हैं. इसके अलावा गौरव आग, वेडनेस डे, काई पोचे, बैड लक गोविंद जैसी कई फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं.
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कौन हैं कारगिल हीरो दीपचंद? जिन्हें देखकर प्रेमानंद महाराज ने किया सैल्यूट, युद्ध में गवाएं एक हाथ और दोनों पैर
Premanand Maharaj: वृंदावन में संतों की वाणी सुनने के लिए देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं. इन्हीं में हाल ही में कारगिल युद्ध के वीर योद्धा नायक दीपचंद भी प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे. यह मुलाकात बेहद खास और भावुक रही. दीपचंद को देखते ही प्रेमानंद महाराज का चेहरा खुशी से खिल उठा. उन्होंने तुरंत खड़े होकर उन्हें सैल्यूट किया और बार-बार नमस्कार किया. महाराज ने कहा कि उन्हें दोपचंद से मिलकर भीतर से गहरा आनंद मिल रहा है.
"आप एक संत हैं"- प्रेमानंद महाराज
मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने दीपचंद से कहा कि "आपको देखकर मुझे बहुत सुख मिल रहा है. आप वास्तव में एक संत हैं." उन्होंने सैनिकों के त्याग को याद करते हुए कहा कि जब आम लोग घरों में आराम से सोते हैं, तब सैनिक बर्फीली पहाड़ियों पर अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा करते हैं.
दीपचंद ने बताई कारगिल युद्ध की सच्चाई
दीपचंद ने भी युद्ध के अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान हालात बेहद कठिन थे. उन्होंने कहा, "हमने दो महीने तक एक ही ड्रेस में काम किया. जूते तक फट गए थे. तापमान माइनस में था. लेकिन हमारे हौसले कभी नहीं टूटे." दीपचंद ने बताया कि उस समय सैनिकों के लिए सबसे जरूरी चीज गोला-बारूद था. उन्होंने साफ कहा था कि राशन कम मिले तो भी चलेगा, लेकिन हथियार और गोलियां पूरी मिलनी चाहिए.
10 हजार राउंड फायर का रिकॉर्ड
दीपचंद ने बताया कि उनकी बटालियन ने युद्ध के दौरान करीब 10 हजार राउंड फायर किए थे. यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी टीम ने दुश्मनों के कई बंकर तबाह किए और कठिन मोर्चों पर कब्जा किया.
ब्लास्ट में गंवाए एक हाथ और दोनों पैर
युद्ध के बाद ऑपरेशन पराक्रम के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ. सामान समेटते समय ब्लास्ट हो गया. इस हादसे में दीपचंद गंभीर रूप से घायल हो गए. डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए दोनों पैर और एक हाथ काटना पड़ा. उनका बहुत खून बह गया था. उन्हें बचाने के लिए 17 बोतल खून चढ़ाया गया. आज भी वे कृत्रिम पैरों के सहारे खड़े होते हैं. लेकिन उनका हौसला पहले जैसा ही मजबूत है. वे आज भी एक सैनिक की तरह सैल्यूट करते हैं.
हर शहीद परिवार तक पहुंचते हैं दीपचंद
दीपचंद ने बताया कि वह आज भी हर शहीद सैनिक के परिवार के पास जाते हैं. वह अपने साथ एक दीपक लेकर जाते हैं और परिवार को भेंट करते हैं. यह उनके सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है. उन्होंने अपनी गाड़ी को इस तरह से मॉडिफाई किया है कि वह खुद उसे चला सकें. उनकी यह बात सुनकर प्रेमानंद महाराज भी हैरान रह गए.
कौन हैं दीपचंद?
दीपचंद वर्ष 1989 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे. उन्होंने कई अहम ऑपरेशन में हिस्सा लिया. कारगिल युद्ध में उन्होंने तोलोलिंग जैसे कठिन क्षेत्र में मोर्चा संभाला. उनकी बहादुरी की सराहना पूर्व सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने भी की थी.
12 गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित
दीपचंद की बटालियन को 12 गैलेंट्री अवॉर्ड मिले थे. यह उनके साहस और समर्पण का प्रमाण है. दीपचंद ने बताया कि युद्ध के दौरान उनकी यूनिट ने कई बार गन पोजिशन बदली और कंधों पर भारी हथियार उठाकर आगे बढ़ते रहे. प्रेमानंद महाराज और नायक दीपचंद की यह मुलाकात सिर्फ एक भेंट नहीं थी. यह त्याग, साहस और सम्मान की मिसाल थी. यह कहानी बताती है कि देश के सैनिक सिर्फ योद्धा नहीं होते, बल्कि सच्चे अर्थों में संत समान होते हैं.
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