आरबीआई के आगे कुआं और पीछे खाई! अब रुपया बचाए या रिजर्व, देश के लिए दोनों जरूरी, पर एक की देनी होगी बलि
Rupee vs Reserve : ईरान युद्ध की वजह से रिजर्व बैंक के सामने दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है. फिलहाल उसे रुाये में आ रही गिरावट को थामने अथवा अपने कैश रिजर्व को बचाए रखने में से कोई एक चुनना पड़ सकता है. आंकड़ों के नजरिये से इसका जवाब मिल सकता है कि आरबीआई आगे दोनों में से किस विकल्प को बचाने पर जोर दे सकता है.
ट्रंप की सैन्य नीति पर उठे सवाल, 59% अमेरिकियों ने कहा- ईरान के खिलाफ जरूरत से ज्यादा कार्रवाई
वॉशिंगटन। मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष को लगभग एक महीना होने जा रहा है, लेकिन अब तक सीजफायर पर कोई सहमति नहीं बन सकी है। इस बीच अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य नीति को लेकर घरेलू स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। एक नए सर्वेक्षण में सामने आया है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
एपी-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च के सर्वे के मुताबिक, करीब 59% अमेरिकियों का मानना है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ गया है। इससे साफ है कि युद्ध को लेकर जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
जमीनी सेना भेजने का विरोध
सर्वे में यह भी सामने आया कि 74% अमेरिकी नागरिक ईरान में जमीनी सेना भेजने के खिलाफ हैं। लोगों का मानना है कि यह संघर्ष बिना स्पष्ट रणनीति के लंबा खिंचता जा रहा है, जिससे अमेरिका की स्थिति और जटिल हो सकती है।
ट्रंप की रेटिंग फिलहाल स्थिर
हालांकि सर्वे के अनुसार ट्रंप की समग्र लोकप्रियता रेटिंग में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है, तो इसका राजनीतिक असर तेजी से देखने को मिल सकता है। ट्रंप प्रशासन लगातार मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त युद्धपोत और सैनिक तैनात कर रहा है।
ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता
युद्ध का असर आम अमेरिकी नागरिकों पर भी पड़ रहा है। सर्वे के अनुसार, करीब 45% लोग आने वाले महीनों में पेट्रोल के खर्च को लेकर बेहद चिंतित हैं। बढ़ती ईंधन कीमतें सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
विदेश नीति और घरेलू मुद्दों के बीच संतुलन
सर्वे में यह भी सामने आया कि करीब दो-तिहाई अमेरिकी नागरिक चाहते हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए। वहीं, उतने ही लोग देश में तेल और गैस की कीमतों को नियंत्रित करने को भी अहम मानते हैं।
बढ़ सकती है राजनीतिक मुश्किल
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ, तो यह मुद्दा ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ी राजनीतिक परेशानी बन सकता है। बढ़ती महंगाई और युद्ध को लेकर जनता की नाराजगी आने वाले समय में चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकती है।
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