CM Yogi on Lockdown: 'लॉकडाउन' अफवाह या सच? CM योगी का बड़ा बयान
सीएम योगी अदित्यनाथ ने देश में 'लॉकडाउन' अफवाह को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि ईरान और इसराइल के बीच में ईरान और अमेरिका के बीच में जो युद्ध चल रहा है उससे पूरा मध्य पूर्व एशिया प्रभावित है. भारत के अंदर हम एक शानदार नेतृत्व में प्रधानमंत्री के यशस्वी नेतृत्व में सुरक्षित भी हैं और बेखूबी अपने विकास की यात्रा को आगे बढ़ाने का काम भी कर रहे हैं. यह लगातार चल रहा है. लेकिन याद करिए यह युद्ध लंबा खींचा तो प्रभावित तो हर व्यक्ति होगा. हमें मानसिक रूप से उसके लिए तैयार होना होगा. अफवाहों पर ध्यान नहीं देना होगा. जब आपत्ति आती है, कोई चुनौती आती है.
चुनौती का मुकाबला करने के लिए व्यक्ति को सरकार के साथ मिलकर कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए अपने आप को तैयार करना होगा. यही सच्ची राष्ट्रभक्ति होती है. जब हम सरकार के साथ किसी भी नेशनल इशू में मिलकर के काम करते हैं,तो परिणाम हम सबके सामने आएंगे. हमारी राष्ट्रभक्ति इस बात को लेकर होगी कि अगर देश के हित में सरकार ने कोई कदम उठाया है तो हम लोग उसके लिए अपने आप को तैयार करें. कुछ लोग हैं जो अफवाह फैला के माहौल खराब करना चाहते हैं. कुछ लोग हैं अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं. जब आपकी बारी आएगी आप तक रसोई गैस पहुंच जाएगी. जब आवश्यकता हो तभी आप डीजल लेने के लिए जाइए. पेट्रोल लेने के लिए जाइए. लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं.
गाजा में हमास के दस हथियारबंद लड़ाकों को निशाना बनाया : इजरायल
नई दिल्ली, 29 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार रात सैन्य कार्रवाई में उसने गाजा पट्टी में लगभग दस हथियारबंद लड़ाकों को मार गिराया। साथ ही हिज्बुल्लाह के हथियार डिपो और सैन्य इमारतों पर हमले किए।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, गाजा पट्टी में लगभग दस हथियारबंद लड़ाकों को मार गिराया गया। साथ ही एक ऐसे लड़ाके को भी, जिसने विंग्स ऑफ फ्रीडम ऑपरेशन के तहत रिहा होने के बाद समझौते का उल्लंघन किया था।
आईडीएफ ने बताया कि रात की कार्रवाई में आईडीएफ बलों ने गाजा पट्टी के मध्य में सक्रिय हमास संगठन के लगभग दस हथियारबंद लड़ाकों के एक दस्ते की पहचान की। पहचान होते ही आईडीएफ ने हमला किया और खतरे को खत्म करने के लिए उन हथियारबंद लड़ाकों को मार गिराया।
इसके अलावा एक अन्य घटना में 188वीं ब्रिगेड की लड़ाकू टीम के बलों ने अहमद फ़ायज सलेम अबू रिदा को मार गिराया। यह एक ऐसा लड़ाका था, जिसने समझौते की शर्तों का लगातार उल्लंघन किया था, जिसमें कई बार येलो लाइन पार करना, संदिग्धों को पैसे भेजना और आईडीएफ बलों के लिए खतरा पैदा करना शामिल था। इसे युद्ध के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। बाद में विंग्स ऑफ फ्रीडम ऑपरेशन के तहत रिहा कर दिया गया था।
दक्षिणी कमान के तहत आईडीएफ बल समझौते के अनुसार इस क्षेत्र में तैनात हैं। किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए अपना अभियान जारी रखे हुए है।
आईडीएफ ने बेका घाटी में भी एक लॉन्चर की पहचान कर उसे नष्ट करने का दावा किया है। आईडीएफ के अनुसार, ये लॉन्चर इजरायल की सीमा की ओर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार था। आईडीएफ ने रात के समय हिज्बुल्लाह के हथियार डिपो और सैन्य इमारतों पर हमले किए।
आईडीएफ के अनुसार, रात भर बेरूत और लेबनान के अन्य इलाकों में हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे पर हमले किए गए।
इसके अलावा पूरे लेबनान में हथियार डिपो और सैन्य इमारतों पर हमले किए गए। इन्हीं जगहों से हिज्बुल्लाह के लड़ाके आईडीएफ बलों और इजरायल के नागरिकों के खिलाफ हमलों को अंजाम देते थे।
आईडीएफ ने कहा कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। इस संगठन ने मौजूदा संघर्ष में शामिल होने और ईरान के शासन के संरक्षण में काम करने का फैसला किया है। आईडीएफ इजरायल के नागरिकों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने देगा।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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