भारत-ताइवान का व्यापार 2025 में 17 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर के पार
नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। भारत-ताइवान का द्विपक्षीय व्यापार 2025 में सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 12.5 अरब डॉलर हो गया है। यह जानकारी ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर (टीईसीसी) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों दी गई।
भारत की ओर से ताइवान का निर्यात बढ़कर 3.3 अरब डॉलर हो गया है। इसमें मिनरल फ्यूल, एल्यूमिनियम, लोहा, स्टील, जैविक रसायन और प्लास्टिक शामिल है। ताइवान का भारत को निर्यात 9.2 अरब डॉलर रहा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स इंटेग्रेटेड सर्किट्स, प्लास्टिक, जैविक रसायन, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लोहा और स्टील शामिल है।
एशियन कम्युनिटी न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान एक्सीलेंस एक्सपो इवेंट के लॉन्च के दौरान टीईसीसी की इकोनॉमिक डिविजन की डायरेक्टर एस्टेला चेन ने कहा,ताइवान सेमीकंडक्टर, एआई सर्वर, एआईओटी टोटल सॉल्यूशन और एज कंप्यूटिंग में अग्रणी भूमिका में है।
पिछले वर्ष ताइवान और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 12.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह बढ़ता आर्थिक संबंध निवेश को बढ़ावा दे रहा है और दोनों पक्षों के बीच व्यापार सहयोग को गहरा कर रहा है।
चेन ने आगे कहा कि ताइवानी कंपनियां भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोटिव सेक्टर्स में सक्रिय रूप से निवेश कर रही हैं, जबकि भारतीय कंपनियां ताइवान के आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में मूल्यवान अवसर तलाश रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ताइवान को भारत की प्रमुख पहलों जैसे डिजिटल इंडिया और इंडिया एआई मिशन में एक विश्वसनीय भागीदार होने पर गर्व है।
उन्होंने कहा, स्मार्टफोन और आईओटी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एडवांस हाइ-टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट डिजाइन तक, ताइवान की विशेषज्ञता भारत के डिजिटल परिवर्तन में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्तमान में, भारत में कार्यरत ताइवानी कंपनियों की कुल संख्या 300 से अधिक हो गई है।
हालांकि, अमेरिका (246.43 अरब डॉलर), चीन (100.1 अरब डॉलर), दक्षिण कोरिया (90.2 अरब डॉलर) और जापान (84.85 अरब डॉलर) जैसे अन्य देशों के साथ ताइवान के द्विपक्षीय व्यापार की तुलना में, भारत के साथ व्यापार में और अधिक प्रगति की संभावना है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
बोआओ एशिया मंच: 2026 में एशिया की आर्थिक वृद्धि दर 4.5 फीसदी रहने का अनुमान
बीजिंग, 25 मार्च (आईएएनएस)। बोआओ एशिया मंच ने 24 मार्च को एशियाई आर्थिक दृष्टिकोण और एकीकरण प्रक्रिया 2026 वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस में अनुमान लगाया गया है कि 2026 में एशिया की आर्थिक वृद्धि दर 4.5 फीसदी तक पहुंच जाएगी और वह वैश्विक आर्थिक विकास का एक प्रमुख इंजन बना रहेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, क्रय शक्ति समता के आधार पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ती रहेगी, जो 2025 में 49.2 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 49.7 फीसदी होने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया वैश्विक प्रत्यक्ष निवेश के लिए सबसे पसंदीदा, आशाजनक और मजबूत क्षेत्र बना हुआ है। चीन और आसियान एशिया में विदेशी निवेश के लिए सबसे आकर्षक अर्थव्यवस्थाएं हैं। इसके अलावा, एशियाई अर्थव्यवस्थाएं धीरे-धीरे धन प्राप्तकर्ता होने से हटकर सक्रिय बाह्य निवेश गतिविधियों के साथ बाह्य निवेशक बन रही हैं।
रोजगार के संबंध में, रिपोर्ट में कहा गया है कि एशिया में बेरोजगारी दर 2026 में आम तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ क्षेत्रों को बेरोजगारी के महत्वपूर्ण दबाव का सामना करना पड़ेगा।
बोआओ एशिया मंच के महासचिव ज्आंग जून ने कहा कि कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, एशियाई अर्थव्यवस्था ने मजबूत लचीलापन प्रदर्शित किया है, एक सकारात्मक प्रवृत्ति और दृष्टिकोण दिखाया है, और विश्व अर्थव्यवस्था, वैश्विक व्यापार और सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
(साभार - चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
डीकेपी/
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