रूस ने हाल के महीनों में यूक्रेन पर अपने सबसे बड़े हमलों में से एक को अंजाम दिया है, जिसमें पिछले 24 घंटों में लगभग 1,000 ड्रोन दागे गए हैं। सेना ने बताया कि इनमें से 550 से अधिक ड्रोन देश भर में विभिन्न लक्ष्यों पर दागे गए, जो दिनदहाड़े किया गया एक दुर्लभ और घातक हमला था। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि इन हमलों में देश में कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं। पश्चिमी यूक्रेनी प्रांत इवानो-फ्रांकिवस्क की राज्यपाल स्वितलाना ओनिशचुक ने बताया कि इस क्षेत्र में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है। इवानो-फ्रांकिवस्क के मेयर रुस्लान मार्त्सिनकिव के अनुसार, मृतकों में एक नेशनल गार्ड सैनिक और उसकी 15 वर्षीय बेटी शामिल हैं। वे एक अस्पताल के प्रसूति वार्ड में सैनिक की पत्नी से मिलने गए थे, जिसने कुछ ही दिन पहले एक बेटे को जन्म दिया था।
रूस की ओर से यूक्रेन के नागरिक इलाकों पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 27 लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मॉस्को की सेना ने यूक्रेनी अग्रिम पंक्ति की रक्षा पंक्ति को भेदने के प्रयासों को तेज कर दिया है, जो वसंत ऋतु में होने वाले संभावित जमीनी आक्रमण की शुरुआत हो सकती है। यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस ने रात भर में लगभग 400 लंबी दूरी के ड्रोन दागे, जो हाल के हफ्तों में सबसे बड़ा हमला है। यह हमला मंगलवार सुबह तक जारी रहा, जब दिन के उजाले में भी कई ड्रोन ने राजधानी कीव को निशाना बनाया। यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि इसके अलावा, रूस ने रात में 23 क्रूज मिसाइल और सात बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागीं, जिनसे देशभर में कम से कम 10 स्थान प्रभावित हुए।
चार साल से भी अधिक समय पहले रूस द्वारा अपने पड़ोसी देश पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से यूक्रेनी नागरिक लगातार बमबारी का सामना कर रहे हैं। पिछले एक साल में अमेरिका की मध्यस्थता में मॉस्को और कीव के बीच हुई वार्ताओं से कोई राहत नहीं मिली है। रूस ने यूक्रेन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, वहीं हाल के हफ्तों में ईरान से जुड़े संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ध्यान को यूक्रेन से हटा दिया है। पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में फैली लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति पर तैनात यूक्रेनी सैनिक बेहतर मौसम के साथ रूस के नए हमले के लिए तैयार हैं। यूक्रेन के सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल ओलेक्सांद्र सिरस्कीने कहा कि हाल के दिनों में रूसी सैनिकों ने कई रणनीतिक क्षेत्रों में एक साथ रक्षा पंक्तियों को तोड़ने की कोशिश की है।
अमेरिका इजराइल ईरान आपस में लड़ रहे हैं असर मिडिल ईस्ट पर नहीं बल्कि बल्कि पूरी दुनिया पर हो रहा है। भारत भी प्रभावित है। भारत के प्रधानमंत्री बार-बार इसको रेखांकित कर रहे हैं। ऐसे में एक खबर जो आ रही है वो भारत के लिए भी कई मायनों में चुनौतीपूर्ण है और चिंताजनक भी। क्योंकि खबर यह है कि ईरान, इजराइल, अमेरिका के बीच में नेगोशिएशन के सेंटर पॉइंट में पाकिस्तान आ रहा है। खबरें कुछ रिपोर्ट्स हैं जो कुछ मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्ट्स किए हैं। उसके मुताबिक भारत जहां एक तरफ शांति और सुरक्षा के लिए तमाम लोगों से बातचीत की अपील कर रहा है। वहीं पाकिस्तान मिडिएशन कर रहा है। इस तरह की रिपोर्ट्स हैं। पाकिस्तान के जो फील्ड मार्शल हैं आसिम मुनीर उनको लेकर रिपोर्ट है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति यानी कि प्रेसिडेंट ट्रंप से फोन पर बातचीत की है। जितना वेटेज ट्रंप ने हाल के दिनों में आसिम मुनीर और तमाम पाकिस्तान को हाल के दिनों में दिया है।
खबर है वो ये कि इस्लामाबाद में ये जो हफ्ता चल रहा है इस हफ्ते के दरमियान अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बैठकर बातचीत हो सकती है और इसकी जगह जो है संभावित रूप से पाकिस्तान का इस्लामाबाद हो सकता है। ये खबर है। हालांकि इसको लेकर ईरान हमेशा बार-बार कह रहा है कि हमारी कोई बातचीत नहीं हो रही है। हम किसी तरह की कोई बातचीत नहीं कर रहे हैं। फिलहाल किसी के पक्ष से कोई ना थर्ड पार्टी है ना कोई फर्स्ट पार्टी है। लेकिन पाकिस्तान जो है वो काफी इंटरेस्टेड दिख रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री या पाकिस्तानी सरकार से जुड़े लोग जो हैं वो ये कह रहे हैं कि भाई हां हम इंटरेस्टेड हैं और अगर कोई चाहता है कि वो बातचीत करें तो पाकिस्तान इसके लिए एक मंच के तौर पर उपलब्ध हो सकता है। पाकिस्तान के साथ-साथ तुर्की भी जो है इंटरेस्टेड दिख रहा है और वो भी मिडिएशन की कोशिश कर रहा है। हालांकि क़तर ने अपने आप को साइड कर लिया है। क़तर का कहना है कि बॉस ऐसा है कि हम इस बातचीत में नहीं हैं। हमारी कोई भूमिका नहीं है। वहीं जो कुछ रिपोर्ट सजेस्ट कर रही हैं वो यह कि यूएई और सऊदी उनका हौसला अब जवाब दे रहा है। यानी कि अब वो ईरान पर हमला कर सकते हैं। क्योंकि बार-बार सऊदी की तरफ से ये कहा गया है कि हमारे पेशेंस का एक लिमिट है और अब वो जवाब दे रहा है। तो ऐसे में यूएई हो गया या फिर सऊदी हो गया वो काउंटर अटैक शुरू कर सकता है। जब यह मीडिएशन की खबरें आ रही हैं। तो पाकिस्तान अपने आप को एक सेंटर पॉइंट के रूप में प्ले करने की कोशिश कर रहा है। अह कुछ इशारे भी बताते हैं कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने मसूद पेजिशियान से बात की। उसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने तुर्किए से बात की।
एएनआई ने बातचीत जब की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलना लेविड से संपर्क करके सवाल पूछा कि कुछ रिपोर्ट कहते हैं कि क्या अमेरिका के शीर्ष अधिकारी इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे? इस पर लेविट ने कहा कि यह संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं। अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। यह एक बदलती हुई स्थिति और मुलाकातों के बारे में लगाए जा रहे हैं। अंदाजों को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए जब तक वाइट हाउस द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा न हो जाए।
टाइम्स ऑफ इजराइल ने चैनल 12 के हवाले से कहा कि एक अनाम इजराइली अधिकारी के हवाले से ये कहा जा रहा है कि ईरान और अमेरिका इस हफ्ते में आखिर में इस्लामाबाद में बातचीत के लिए मिल सकते हैं। इजराइयली पब्लिकेशन ने बताया है कि वेंस के अलावा शांति मिशन के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरल्ड कुशनर अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गलीब तेहरान से आने वाले प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करेंगे और लगातार यह जो कोशिश हो रही है उसके बीच यानी कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बातचीत में मौजूद हो सकते हैं।
Royal challengers bengaluru sale: आईपीएल इतिहास में एक और बड़ा रिकॉर्ड बन गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु फ्रेंचाइजी को करीब 1.78 अरब डॉलर (लगभग 16,660 करोड़ रुपये) में एक बड़े कंसोर्टियम ने खरीद लिया। यह डील मौजूदा मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्र्स लिमिटेड ने आधिकारिक तौर पर घोषित की।
इस कंसोर्टियम में आदित्य बिरला ग्रुप, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की BXPE रणनीति शामिल है। इस ऑल-कैश डील के बाद आरसीबी की पुरुष और महिला दोनों टीमें अब इस नए समूह के स्वामित्व और संचालन में होंगी।
लखनऊ-गुजरात फ्रेंचाइजी की वैल्यू से ज्यादा में हुआ सौदा यह सौदा इसलिए भी खास है क्योंकि इसकी कीमत 2021 में बेची गई लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस की संयुक्त वैल्यू से भी ज्यादा है। इससे साफ है कि आईपीएल फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू तेजी से बढ़ रही।
पहले डियाजियो के पास था मालिकाना हक दरअसल, पिछले साल नवंबर में डियाजियो ने संकेत दिए थे कि वह RCB में अपनी हिस्सेदारी की समीक्षा कर रही है, क्योंकि क्रिकेट उसका मुख्य कारोबार नहीं है। इसके बाद बिक्री की प्रक्रिया शुरू हुई और अब यह डील पूरी हो गई है। हालांकि, अंतिम तौर पर इस सौदे को बीसीसीआई और प्रतिस्पर्धा आयोग से मंजूरी मिलना बाकी है।
2008 में 111 मिलियन डॉलर में आरसीबी बिकी थी आरसीबी आईपीएल की शुरुआत 2008 से ही जुड़ी हुई टीम है। उस समय इसे विजय माल्या के नेतृत्व वाले यूनाइटेड ब्रेवरीस ग्रुप ने करीब 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था। इसके अलावा 2023 में RCB ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) की टीम को भी 901 करोड़ रुपये में खरीदा था।
नए कंसोर्टियम ने भी इस डील को लेकर उत्साह जताया है। उनके अनुसार, RCB की मजबूत ब्रांड पहचान, बेंगलुरु से गहरा जुड़ाव और दुनिया भर में फैला फैन बेस इसे एक खास फ्रेंचाइजी बनाता है। कंसोर्टियम ने कहा कि वे टीम को मैदान के अंदर और बाहर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस नए समूह में आर्यमन बिड़ला को चेयरमैन और सत्यन गजवानी को वाइस-चेयरमैन बनाया जाएगा। वहीं, यूएसएल के सीईओ प्रवीण सोमेश्वर ने कहा कि RCB आज आईपीएल और WPL की सबसे सफल और लोकप्रिय फ्रेंचाइजी में से एक बन चुकी है।
यह डील एक बार फिर दिखाती है कि भारतीय क्रिकेट और खासकर आईपीएल की आर्थिक ताकत लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।