Devi Kalratri Ki Aarti in Hindi: कैसे करें देवी कालरात्रि की पूजा? जानें आरती-मंत्र और मुहूर्त सहित हर बात
Chaitra Navratri 2026 7th Day: चैत्र नवरात्रि का सातवे दिन देवी कालरात्रि की पूजा का विधान है। देवी का ये रूप बहुत ही विकराल है। इनका रंग काला होने से इनका नाम कालरात्रि पड़ा। इनके स्वरूप से राक्षस भी भयभीत हो जाते हैं।
Maa Kalratri Ki Aarti: चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन आज, मां कालरात्रि की पूजा के समय करें आरती, मिलेगा व्रत का फल
Maa Kalratri Ki Aarti Lyrics In Hindi: आज यानी 25 मार्च 2026, बुधवार को नवरात्रि का सातवां दिन है. आज के दिन मां के सातवें यानी कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है. इस दिन शुभ फलों की प्राप्ति और भय से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करना हो तो मां कालरात्रि की पूजा कर उनकी आरती जरूर करें. महासप्तमी पर माता कालरात्रि की पूजा करने से भक्तों के भय का नाश होता है और शरीर निरोगी होता है. शत्रुओं की हार होती है. चलिए पढ़ते हैं मां कालरात्रि की आरती.
मां कालरात्रि की आरती (Maa Kalratri Ki Aarti Lyrics In Hindi)
॥मां कालरात्रि की आरती॥
कालरात्रि जय जय महाकाली।
काल के मुंह से बचाने वाली॥
दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा।
महाचंडी तेरा अवतारा॥
पृथ्वी और आकाश पे सारा।
महाकाली है तेरा पसारा॥
खड्ग खप्पर रखने वाली।
दुष्टों का लहू चखने वाली॥
कलकत्ता स्थान तुम्हारा।
सब जगह देखूं तेरा नजारा॥
सभी देवता सब नर-नारी।
गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥
रक्तदन्ता और अन्नपूर्णा।
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥
ना कोई चिंता रहे ना बीमारी।
ना कोई गम ना संकट भारी॥
उस पर कभी कष्ट ना आवे।
महाकाली माँ जिसे बचावे॥
तू भी भक्त प्रेम से कह।
कालरात्रि माँ तेरी जय॥
मां कालरात्रि के मंत्र
'ॐ कालरात्र्यै नम:'
'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गति नाशिन्यै महामायायै स्वाहा'
'ॐ फट् शत्रून साघय घातय ॐ'
'क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:'
'ॐ देवी कालरात्र्यै नम:'
'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नम:'
मां कालरात्रि की पूजा का महत्व
मां कालरात्रि की पूजा नवरात्रि के सातवें दिन की जाती है, जो शत्रुओं के नाश, नकारात्मकता को दूर करने और अकाल मृत्यु से सुरक्षा के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है. यह भयंकर रूप होने के बावजूद भक्तों के लिए 'शुभंकरी' (कल्याणकारी) हैं और साहस, शक्ति व आत्म-विश्वास प्रदान करती हैं.
मां कालरात्रि को लगाएं भोग
नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि को गुड़ (Jaggery) या गुड़ से बनी चीजों का भोग लगाना सबसे उत्तम माना जाता है. मान्यता है कि गुड़ का भोग लगाने से माँ प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि व निरोगी काया का आशीर्वाद देती हैं. इसके अलावा, आप उन्हें गुड़ का मालपुआ या गुड़ की खीर का भी भोग लगा सकते हैं.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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