अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में बेंगलुरु में जीरो FIR:भतीजे रोहित ने साजिश का आरोप लगाया, कहा- महाराष्ट्र में शिकायत दर्ज नहीं की गई
महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के मामले में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई है। यह FIR उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार की शिकायत पर दर्ज हुई है। उन्होंने हादसे को आपराधिक साजिश बताया गया है। रोहित पवार ने कहा कि उन्होंने मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन, बारामती पुलिस और महाराष्ट्र CID से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने 23 मार्च को बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज कराई। कर्नाटक पुलिस ने केस दर्ज कर इसे महाराष्ट्र पुलिस को जांच के लिए ट्रांसफर कर दिया है। रोहित ने FIR में 5 बड़े आरोप लगाए… CBI जांच में देरी पर सवाल रोहित पवार ने VSR एविएशन कंपनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में नया विमान खरीदने का टेंडर रद्द हो गया था। अगर नया विमान खरीदा गया होता तो यह हादसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया… दावा-अजित का प्लेन क्रैश लैंडिंग से पहले पेड़ों से टकराया एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे लियरजेट 45 XR एयरक्राफ्ट ने कम विजिबिलिटी के बावजूद रनवे पर लैंडिंग की। AAIB ने क्रैश साइट के पास के गांव में लगे CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि हादसे से पहले प्लेन दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों और फिर जमीन से टकराया। इससे उसमें आग लग गई और पूरा कॉकपिट, केबिन जल गया। पोस्ट-फ्लाइट चेक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 27 जनवरी को प्लेन एक उड़ान पूरी करके मुंबई लौटा था। पोस्ट-फ्लाइट चेक के बाद टेक्नीशियन को उसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली। दरअसल, 26 जनवरी को VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट VT-SSK ने मुंबई-सूरत-मुंबई सेक्टर के लिए एक चार्टर फ्लाइट ऑपरेट की थी। यह 27 जनवरी की रात 12.20 बजे मुंबई वापस आई। अगले दिन यानि 28 जनवरी को इसी एयरक्राफ्ट को सुबह करीब 8.09 बजे टेक ऑफ क्लियरेंस दिया गया था। पुणे ATC के बाद, प्लेन सुबह 8.19 बजे बारामती टावर के संपर्क में आया। बाद में कंट्रोलर ने पायलटों को बताया कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर थी। हालांकि, एयरक्राफ्ट ने अप्रोच जारी रखा और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरे अप्रोच के दौरान एयरक्राफ्ट ने फील्ड इन साइट की रिपोर्ट दी। बाद में बारामती टावर ने रनवे 11 के लिए लैंडिंग क्लियरेंस दिया। रिपोर्ट में 2 और दावे… लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट है, मुख्यालय दिल्ली में VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में 'सुपर-लाइट' बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार प्लेन क्रैश मामला:भतीजे रोहित का सवाल- CID ने VSR के मालिक से पूछताछ की या मेहमाननवाजी की, अभी तक FIR क्यों नहीं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीआईडी की जांच पर सवाल खड़े किए। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘CID ने विमान कंपनी VSR के मालिक सिंह से पूछताछ की या उनकी मेहमाननवाजी की है।’ पूरी खबर पढ़ें…
कर्नाटक में पॉलिसी- बच्चों का स्क्रीन टाइम 1 घंटा रहे:शाम 7 बजे के बाद इंटरनेट बंद; 9-12वीं के छात्रों के लिए ड्राफ्ट जारी
कर्नाटक सरकार ने 9वीं से 12वीं के छात्रों के डिजिटल इस्तेमाल को लेकर ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की है। इसमें सिफारिश की गई है कि पढ़ाई के अलावा मनोरंजन के लिए स्क्रीन टाइम रोजाना 1 घंटे तय किया जाए। शाम 7 बजे के बाद इंटरनेट बंद करने की भी सिफारिश की गई है। ड्राफ्ट में कहा गया है कि छात्रों को सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन से दूर रखा जाए। मोबाइल के लिए ‘चाइल्ड प्लान’ का सुझाव दिया गया है, जिसमें ऑडियो-ओनली विकल्प और तय समय के बाद इंटरनेट बंद करने की व्यवस्था होगी। उम्र के हिसाब से डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलप करने की भी बात कही गई है। सरकार के मुताबिक, करीब 25% किशोरों में इंटरनेट की लत है, जिससे नींद की कमी, चिंता और ध्यान भटकने जैसी समस्याएं हो रही हैं। इसी को देखते हुए यह पॉलिसी लाई गई है। डिजिटल यूज पर नई पॉलिसी के चार बड़ी बातें… कई संस्थानों के साथ मिलकर तैयार ड्राफ्ट यह पॉलिसी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कर्नाटक स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी, निमहांस और शिक्षा विभाग ने मिलकर तैयार किया है। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बजट में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्ती के ऐलान से अलग है। 6 मार्च को कर्नाटक सरकार ने बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर बैन लगाया था कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने का ऐलान किया था। कर्नाटक ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। सीएम सिद्धारमैया ने बजट भाषण के दौरान कहा कि बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे उन पर गलत असर पड़ रहा है। उम्र का वैरिफिकेशन जरूरी होगी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन का प्रस्ताव डेटा सुरक्षा कानून डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (DPDP) और पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स 2025 से भी जुड़ा है। इसके तहत बच्चों को अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता की अनुमति और उम्र का वैरिफिकेशन जरूरी होगी। इसके लिए सरकारी पहचान प्रणाली या डिजिटल लॉकर का उपयोग किया जा सकता है। टीनएज में सोशल मीडिया के प्रति झुकाव ज्यादा टीनएज में 'सोशल वैलिडेशन’ बहुत मायने रखता है। वहीं सोशल मीडिया टीनएजर्स को एक ऐसा मंच देता है, जहां वे अपनी पहचान बना सकते हैं और अपनी पसंद की चीजों को दुनिया के साथ साझा कर सकते हैं। यह उनके लिए केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक वर्चुअल दुनिया है, जहां वे अपने अस्तित्व को तलाशते हैं। साथ ही यहां मिलने वाला इंस्टेंट रिएक्शन (लाइक्स, कमेंट्स और व्यूज) उन्हें यह एहसास कराता है कि लोग उन्हें देख रहे हैं और ये मायने रखता है। टीनएजर्स के सोशल मीडिया के प्रति अट्रैक्शन के कई कारण हो सकते हैं। ---------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र की चेतावनी, कहा- कंपनियां ऐसे कंटेंट पर रोक लगाएं, नहीं तो केस होगा
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