इजरायल का दावा: समय रहते कार्रवाई में ईरान का मिसाइल लॉन्चर नष्ट, बड़ा खतरा टला
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मंगलवार को इजरायल की ओर से दावा किया गया कि समय रहते की गई कार्रवाई में ईरान के लॉन्चर को नष्ट कर संभावित खतरे को टाल दिया।
इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने बताया कि इजरायल एयर फोर्स (आईडीएफ) के जेट्स ने पश्चिमी ईरान में एक ऐसे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को निशाना बनाया, जो पूरी तरह लोड था और इजरायल पर हमले के लिए तैयार था।
लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “हमारे आम लोगों को निशाना बनाकर किए गए लॉन्च को समय रहते रोका लिया गया। इजरायल एयर फोर्स (आईएफ) जेट्स ने पश्चिमी ईरान में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर पर हमला किया जो पहले से ही लोड था और इजरायल पर फायर करने के लिए तैयार था और इस्तेमाल होने से पहले ही उसे खत्म कर दिया।
आईएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, वायु सेना ने ईरान से इजरायल राज्य के क्षेत्र की ओर निर्देशित, एक भरी हुई और प्रक्षेपण के लिए तैयार बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को नष्ट कर दिया और उसे निष्क्रिय बना दिया।
आईएफ ने पोस्ट किया, वायु सेना ने लेबनान भर में हवाई हमलों का एक और दौर पूरा किया, जिसमें उन ईंधन स्टेशनों को निशाना बनाया गया जो संगठन हिज़्बुल्लाह के अभियानों को वित्तपोषित करते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए इजरायली वायु सेना ने दावा किया, मंगलवार को ही एक अन्य कार्रवाई में इस्फहान में व्यापक हमलों की एक लहर पूरी की, जिसमें ईरान के कई क्षेत्रों में स्थित ईरानी शासन के उत्पादन स्थलों को निशाना बनाया गया।
इजरायल एयर फोर्स ने इससे पहले रात में एक और अहम रास्ते पर हमले का दावा किया, जिसका इस्तेमाल हिज़्बुल्लाह संगठन के लड़ाके लिटानी नदी के पार उत्तर से दक्षिण की ओर जाने के लिए करते थे। इस रास्ते का इस्तेमाल आईडीएफ सेना के खिलाफ साजिशों को आगे बढ़ाने और अंजाम देने के लिए हथियार, रॉकेट और लॉन्चर ले जाने के लिए किया जाता था।
आईडीएफ ने कहा कि वह हिज़्बुल्लाह संगठन के खिलाफ सख्ती से काम करना जारी रखेगा, जिसने ईरानी शासन के तहत कैंपेन में शामिल होने और काम करने का फैसला किया है, और इजरायल राज्य के नागरिकों को नुकसान नहीं होने देगा।
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नई दिल्ली में जयशंकर ने ईरान के राजदूत से की मुलाकात, पश्चिम एशिया संकट पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को नई दिल्ली में ईरान के राजदूत से मुलाकात की, जिसमें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा केंद्रित रही।
मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “मंगलवार दोपहर भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली से मुलाकात की। पश्चिम एशिया के संघर्ष पर चर्चा की। इन चुनौतीपूर्ण समय में ईरान में भारतीयों को दिए गए समर्थन की सराहना करता हूं।”
पिछले सप्ताह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की, जिसमें क्षेत्रीय घटनाक्रम और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन को ईद और नवरोज के शुभ अवसरों पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि यह उत्सव का समय पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हालिया हमलों की निंदा की और कहा कि ऐसे कदम क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को खुले और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व को दोहराया। उन्होंने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ईरान के निरंतर सहयोग की सराहना भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बात की और ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं। हमने आशा व्यक्त की कि यह त्योहार पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाएगा। क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री मार्गों को खुले और सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। ईरान में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ईरान के सहयोग की सराहना की।”
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न स्थिति पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा यह युद्ध एक गंभीर वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर रहा है, जिसका भारत पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष से भारत के व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं और पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों जैसी आवश्यक वस्तुओं की नियमित आपूर्ति बाधित हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत ने सक्रिय कूटनीतिक प्रयास किए हैं। उन्होंने स्वयं पश्चिम एशिया के अधिकांश देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बातचीत की है और भारत खाड़ी देशों के साथ-साथ ईरान, इजरायल और अमेरिका के संपर्क में लगातार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाल करना है, और तनाव कम करने तथा होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर विशेष रूप से चर्चा की गई है।
भारत के स्पष्ट रुख पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों पर हमले और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बाधा डालना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि भारत ने नागरिकों, नागरिक ढांचे तथा ऊर्जा और परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर सभी हमलों का स्पष्ट रूप से विरोध किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इस युद्ध में मानव जीवन को किसी भी प्रकार का खतरा मानवता के हितों के खिलाफ है, और इसलिए भारत का निरंतर प्रयास है कि सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान की ओर प्रेरित किया जाए।”
--आईएएनएस
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