सिएरा लियोन की मिड-डे मील योजना के लिए भारत ने एक हजार मीट्रिक टन चावल भेजे
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। भारत ने मंगलवार को सिएरा लियोन को उसकी स्कूल मिड-डे मील योजना में मदद के लिए 1,000 मीट्रिक टन चावल भेजा। यह कदम वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) का समर्थन करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “ग्लोबल साउथ की साझेदारी काम कर रही है। भारत ने आज सिएरा लियोन की स्कूल मिड-डे मील योजना में मदद के लिए 1,000 मीट्रिक टन चावल भेजा है। यह कदम ग्लोबल साउथ के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने और सतत विकास लक्ष्यों का समर्थन करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।”
पिछले साल मार्च में भारत और सिएरा लियोन ने नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का दूसरा दौर आयोजित किया था, जिसमें व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क सहित सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सेवला नाइक मुडे और सिएरा लियोन के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक एलन सी.ई. लोगन ने की।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, “भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और विकास साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए सिएरा लियोन का समर्थन जारी रखने का वादा किया है। दोनों पक्षों ने ‘जनसंख्या स्तर पर लागू सफल डिजिटल समाधानों के साझा उपयोग’ पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद इंडिया स्टैक में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और इस क्षेत्र में आगे की कार्यवाही पर चर्चा की।”
बयान में आगे कहा गया, “दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग, ऊर्जा विकास और विकास सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा और विविध बनाने पर सहमति व्यक्त की।”
बैठक के दौरान दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय संगठनों में सहयोग पर चर्चा की।
सिएरा लियोन ने वर्ष 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने पर विचार करने की सहमति दी। साथ ही, उसने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के समझौते पर हस्ताक्षर करने और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस में शामिल होने की प्रक्रिया को तेज करने पर भी सहमति जताई।
भारत और सिएरा लियोन के बीच लगभग छह दशकों से मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंध हैं, जो साझा मूल्यों और समान दृष्टिकोण पर आधारित हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सॉफ्ट लोन, छात्रवृत्ति और क्षमता निर्माण के माध्यम से सिएरा लियोन के विकास में एक विश्वसनीय भागीदार बना रहने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर भी सहयोग करते हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति और न्यूजीलैंड पीएम ने मध्य पूर्व तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर चर्चा की
सियोल, 24 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते मध्य पूर्वी तनाव को लेकर वार्ता हुई।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की और अपने-अपने देशों में जीवन-यापन को स्थिर रखने के लिए लागू की गई नीतिगत उपायों को एक-दूसरे के साथ साझा किया।
वार्ता के दौरान ली ने बताया कि दक्षिण कोरिया ने ईंधन की लागत के बोझ को कम करने के लिए अस्थायी ईंधन मूल्य सीमा प्रणाली लागू की है और नेफ्था के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।
ली ने दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड से निकट समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि समान दृष्टिकोण रखने वाले देशों के बीच सहयोग क्षेत्रीय शांति बहाल करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए महत्वपूर्ण है।
लक्सन ने कहा कि न्यूजीलैंड ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
लक्सन ने दोनों देशों द्वारा एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए जाने की भी सराहना की, जिसमें ईरान से जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक यातायात को रोकने के प्रयासों को रोकने का आह्वान किया गया था। साथ ही, उन्होंने संबंधित मुद्दों पर घनिष्ठ समन्वय जारी रखने की उम्मीद भी जताई।
न्यूजीलैंड के विदेश और व्यापार मंत्रालय के अनुसार, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया के द्विपक्षीय संबंध मजबूत राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों पर आधारित हैं, जो कोरियाई युद्ध के समय से चले आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 1962 में स्थापित हुए और 1971 में सियोल और वेलिंगटन में स्थायी दूतावास खोले गए।
हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंध अर्थव्यवस्था और व्यापार, रक्षा, लोगों के बीच संपर्क, फिल्म, संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा अंटार्कटिक मामलों जैसे क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से और गहरे हुए हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















