दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति और न्यूजीलैंड पीएम ने मध्य पूर्व तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर चर्चा की
सियोल, 24 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते मध्य पूर्वी तनाव को लेकर वार्ता हुई।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की और अपने-अपने देशों में जीवन-यापन को स्थिर रखने के लिए लागू की गई नीतिगत उपायों को एक-दूसरे के साथ साझा किया।
वार्ता के दौरान ली ने बताया कि दक्षिण कोरिया ने ईंधन की लागत के बोझ को कम करने के लिए अस्थायी ईंधन मूल्य सीमा प्रणाली लागू की है और नेफ्था के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।
ली ने दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड से निकट समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि समान दृष्टिकोण रखने वाले देशों के बीच सहयोग क्षेत्रीय शांति बहाल करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए महत्वपूर्ण है।
लक्सन ने कहा कि न्यूजीलैंड ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
लक्सन ने दोनों देशों द्वारा एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए जाने की भी सराहना की, जिसमें ईरान से जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक यातायात को रोकने के प्रयासों को रोकने का आह्वान किया गया था। साथ ही, उन्होंने संबंधित मुद्दों पर घनिष्ठ समन्वय जारी रखने की उम्मीद भी जताई।
न्यूजीलैंड के विदेश और व्यापार मंत्रालय के अनुसार, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया के द्विपक्षीय संबंध मजबूत राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों पर आधारित हैं, जो कोरियाई युद्ध के समय से चले आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 1962 में स्थापित हुए और 1971 में सियोल और वेलिंगटन में स्थायी दूतावास खोले गए।
हाल के वर्षों में दोनों देशों के संबंध अर्थव्यवस्था और व्यापार, रक्षा, लोगों के बीच संपर्क, फिल्म, संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा अंटार्कटिक मामलों जैसे क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से और गहरे हुए हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सोनिया गांधी की बिगड़ी तबीयत, गंगाराम अस्पताल में किया गया भर्ती
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की तबीयत मंगलवार 24 मार्च 2026 को अचानक खराब हो गई. इसके बाद उन्हें तुरंत दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.
कब-कब अस्पताल में भर्ती हुई हैं सोनिया
बता दें कि ये पहली बार नहीं जब सोनिया गांधी को स्वास्थ्य कारणों के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया है. इससे पहले भी कई बार उन्हें हॉस्पिटल में एडमिड किया गया है. पिछले कई वर्षों में समय-समय पर स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती होती रही हैं. उनका मेडिकल इतिहास बताता है कि अधिकतर मामलों में उन्हें पेट, श्वसन और सामान्य स्वास्थ्य जांच से जुड़ी समस्याओं के कारण अस्पताल जाना पड़ा है.
इससे पहले 2026 के जनवरी महीने में ही सोनिया गांधी को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. साल की शुरुआत में भी उन्हें सांस से जुड़ी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था. डॉक्टरों के अनुसार यह ब्रोंकियल समस्या से जुड़ा मामला था और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई थी.
2025 में सोनिया गांधी कई बार अस्पताल में भर्ती हुईं
यही नहीं इससे पहले यानी बीते वर्ष 2025 में भी सोनिया गांधी को कई बार स्वास्थ्य कारणों के चलते हॉस्पिटल जाना पड़ा और भर्ती होना पड़ा था. बीते वर्ष की बात करें तो जून 2025 में पेट से जुड़ी समस्या के कारण उन्हें सर गंगा राम अस्पताल में ही भर्ती किया गया था. यहां करीब 4 दिन बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया था.
इसी दौरान उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद शिमला के अस्पताल में भी ले जाया गया. बाद में दिल्ली में दोबारा जांच और इलाज कराया गया. फरवरी 2025 में भी सोनिया गांधी को एक दिन के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था. यहां डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















