सीजीटीएन सर्वे : नीतिगत स्थिरता और निरंतरता चीन के गुणवत्तापूर्ण विकास का एक बड़ा लाभ
बीजिंग, 24 मार्च (आईएएनएस)। 15वीं पंचवर्षीय योजना के शुरुआती साल में आयोजित होने वाला बोआओ एशिया मंच ध्यानाकर्षक है। परिवर्तन और अस्थिरता से भरी अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में हमेशा विकास में संलग्न रहने वाले चीन पर अधिक विश्वसनीय और स्थिर उम्मीद बंधी है, खासकर चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना ने इस उम्मीद के लिए समयसूची और रोडमैप प्रस्तुत किया है।
चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन सीजीटीएन द्वारा वैश्विक नेटिजनों के बीच चलाए गए एक सर्वे के मुताबिक 94.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में नीतिगत स्थिरता और निरंतरता चीन के गुणवत्तापूर्ण विकास का एक बड़ा लाभ है।
इस सर्वे के परिणामों के अनुसार, 87.8 प्रतिशत लोगों का विचार है कि चीन का अति विशाल बाजार विभिन्न देशों को मूल्यवान मौके प्रदान करेगा। 91.2 प्रतिशत लोगों का मानना है कि चीन द्वारा उच्च स्तरीय खुलेपन बढ़ाए जाने से उसका आर्थिक भूमंडलीकरण सुरक्षित करने का संकल्प और विश्वास जाहिर हुआ है।
उधर, 94.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि उच्च स्तरीय वैज्ञानिक व तकनीकी स्वावलंबन मजबूत करना चीन के लिए स्वस्थ आर्थिक विकास की दीर्घकालिक रणनीति है। 89.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं का विश्वास है कि चीनी अर्थव्यवस्था का स्वस्थ, स्थिर और सतत विकास कमजोर वैश्विक आर्थिक बहाली में विश्वास और शक्ति डालेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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प्रदेश के बाल कैंसर रोगियों के इलाज के लिए अन्य राज्यों में धन उपलब्ध कराएगी पंजाब सरकार
चंडीगढ़, 24 मार्च (आईएएनएस)। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि पंजाब सरकार आधिकारिक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राज्य के बाल कैंसर रोगियों के इलाज के लिए अन्य राज्यों के अस्पतालों को सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (डीएचएफडब्ल्यू) में गैर-संचारी रोग विभाग के सहायक निदेशक डॉ. गगनदीप सिंह ग्रोवर ने कहा कि हाल ही में हमें हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक अस्पताल से सूचीबद्ध होने का अनुरोध प्राप्त हुआ, जहां एम्स से पंजाब के पांच मरीजों को इलाज के लिए स्थानांतरित किया गया था।
एक बयान के अनुसार, वे यहां कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए उपचार की पहुंच में सुधार पर आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला के दौरान बोल रहे थे।
बाल कैंसर देखभाल को मजबूत करने पर हितधारकों के संवाद में भाग लेते हुए हरियाणा के गैर-संचारी रोग विभाग के निदेशक डॉ. सुशील माही ने बच्चों को उनके घरों के पास स्थित उत्कृष्ट केंद्रों में आसानी से कैंसर का इलाज कराने में मदद करने के लिए सभी विकल्पों का पता लगाने की राज्य सरकार की तत्परता व्यक्त की।
आईसीएमआर की केंद्रीय मानव अनुसंधान नीति समिति की सदस्य, कैनकिड्स की संस्थापक और चाइल्डहुड कैंसर इंटरनेशनल की डब्ल्यूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र की प्रतिनिधि पूनम बागई ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है, क्योंकि इन राज्यों के मरीज पड़ोसी राज्यों में इलाज के लिए जाते रहते हैं।
उत्तर प्रदेश के ऐसे उदाहरण मौजूद हैं, जहां मरीजों ने मध्य प्रदेश के किसी अस्पताल में इलाज के लिए अपने राज्य की वित्तीय सहायता का लाभ उठाया है, लेकिन छह उत्तरी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी बीमा योजनाओं की ऐसी अंतरसंचालनीयता सीमित है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को हितधारकों के रूप में मिलकर काम करने और लद्दाख से लेकर हिमाचल प्रदेश और हरियाणा तक के क्षेत्र में कैंसर से पीड़ित 4,400 बच्चों के लिए समाधान खोजने की आवश्यकता है, ताकि यदि रोगी पड़ोसी राज्य के अधिक सुलभ केंद्र में उपचार कराने का विकल्प चुनता है तो उसके गृह राज्य की सरकारी वित्तीय सहायता योजना उसके साथ जारी रहे।
बगाई ने कहा कि उदाहरण के लिए, पंजाब मुख्यमंत्री राहत कोष के लाभार्थी को हरियाणा में मुफ्त उपचार मिलना चाहिए, या लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के बच्चों को चंडीगढ़ के पीजीआई में उपचार के दौरान अपनी सरकार की वित्तीय सहायता योजनाओं का लाभ उठाने में सक्षम होना चाहिए।
बयान में कहा गया है कि सम्मेलन में भाग लेने वालों में लुधियाना के सीएमसी में बाल रोग विभाग की प्रोफेसर, हेमेटोलॉजी और स्टेम सेल प्रत्यारोपण इकाई की सलाहकार श्रुति कक्कड़ और चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर के एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर में पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी यूनिट की प्रोफेसर अमिता त्रेहान शामिल थीं।
सम्मेलन के सत्रों में उत्तर-पश्चिम भारत में व्यापक बाल कैंसर देखभाल के लिए एकीकृत मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया गया, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय अंतर और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, उत्तरजीविता परिणामों में सुधार लाने में तृतीयक केंद्रों की भूमिका और नीति से जन तक, अंतिम छोर तक प्रभाव के लिए सरकार-गैर-सरकारी संगठनों की साझेदारी का लाभ उठाना।
बगाई ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के 6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में, भौगोलिक सीमाओं की परवाह किए बिना, कैंसर से पीड़ित बच्चों को उनके संबंधित राज्य सरकार के फंड से निर्बाध रूप से सर्वोत्तम उपचार मिलता रहे, इसके लिए राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए शीघ्र ही एक कार्य बल का गठन किया जाएगा।
--आईएएनएस
एसडी/डीकेपी
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