'युद्ध से पूरे विश्व में पैदा हुए गंभीर ऊर्जा संकट', मध्य पूर्व में चल रही जंग पर राज्यसभा में बोले PM मोदी
PM Modi on Middle Ease Situation: मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. पीएम मोदी ने लोकसभा के बाद मंगलवार को राज्यसभा में भी मध्य पूर्व के हालातों पर अपनी बात रखी. पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और उससे बनी परिस्थितियों पर हम सभी परिचित हैं. पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज संसद के उच्च सदन और देशवासियों के सामने इन विकट परिस्थितियों पर सरकार का पक्ष साझा करने के लिए उपस्थित हुआ हूं. पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है, इस युद्ध ने पूरे विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है. भारत के लिए भी ये स्थिति चिंताजनक है.
पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं, इससे पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर जैसे जरूरी सामान की रुटीन सप्लाई प्रभावित हो रही है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं. वहीं काम करते हैं उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा भी भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता है. होर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के अनेक जहाज फंसे हैं उनमें बहुत बड़ी संख्या भारतीय क्रू मेंबर्स हैं ये भी भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है ऐसी विकट परिस्थिति में जरूरी है कि भारत की संसद के उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए.
पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि, युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्षों से मैंने कम से कम दो राउंड बातचीत की है. हम गल्फ के सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमारा लक्ष्य डायलोग और डिप्लोमेसी के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाली का है. हमने डिएस्कलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी उनसे बात की है. कमर्शियल जहाजों पर हमला और होर्मुज स्ट्रेट जैसे जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है.
Death Signs in Garud Puran: मरने से पहले इंसान को दिखते हैं ये संकेत, गरुड़ पुराण में छिपे हैं जवाब
Death Signs in Garud Puran: सनातन धर्म में गरुड़ पुराण को जरूरी ग्रंथ माना गया है. इसमें मनुष्य के जीवन, जन्म, मृत्यु, आत्मा की यात्रा, पाप-पुण्य और कर्मों के फल के बारे में भी बताया गया है. माना जाता है कि इंसान को अपने कर्मों की सजा सिर्फ इस जीवन में नहीं मिलती है बल्कि मृत्यु के पश्चात भी भुगतनी पड़ती है. यही वजह है कि किसी व्यक्ति के देहांत के बाद घर में गरुड़ पुराण का पाठ कराया जाता है. इससे आत्मा को शांति मिलती है और सही मार्ग प्रशस्त होता है. गरुड़ पुराण ऐसा ग्रंथ है, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि मृत्यु अचानक कभी नहीं आती है. मौत से पहले हमेशा कुछ संकेत दिखते हैं, लोग अक्सर इन्हें सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं. आइए आपको आज इस खबर में बताते हैं कि मौत आने से पहले हमें क्या-क्या संकेत देती है किस्मत.
गरुड़ पुराण में बताए गए मौत के संकेत (Death Signs In Garud Puran)
1.सांस लेने में दिक्कत
कहते हैं कि जब इंसान का आखिरी समय आता है तो व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होती है. उसकी सांस लेने की गति बदल जाती है. उनकी श्वास प्रणाली कभी तेज तो कभी धीरे होने लगती है. कुछ लोगों को ऐसा महसूस होता है कि उनका मन दुनिया से हटकर कहीं और जा रहा है.
2.सपनों में अजीब संकेत दिखना
गरुड़ पुराण में बताया गया है कि अंतिम समय आने से पहले इंसान को अजीबोगरीब सपने आने लगते हैं. वे प्रतीकात्मक सपने देखता है, जो मौत से संबंधित लगता है. उसे ऐसे सपने आते हैं जैसे कि दीया बुझ गया हो, अंधेरानुमा दृश्य दिखना. जीवन की लौ बुझ जाने जैसे संकेत सपनों में आना.
3.हथेली की रेखाओं का हल्का होना
गरुड़ पुराण में एक और संकेत बताया गया है, जो अंत समय में आता है. व्यक्ति को अपनी हाथों की हथेलियों की रेखाएं हल्की और धुंधली दिखने लगती है. इस संकेत को जीवन की ऊर्जा कम होने का लक्षण कहा जाता है.
4.अपनी परछाई न दिखना
कहते हैं कि यह संकेत सबसे खतरनाक होता है. माना जाता है कि जब इंसान की मृत्यु पास होती है तो व्यक्ति को पानी या तेल में अपनी छाया नहीं दिखाई देती है. इसे छाया का हमारे जीवन के साथ संबंध छूटने का संकेत कहते हैं.
5.आसपास अदृश्य शक्ति को देखना
गरुड़ पुराण की कुछ मान्यताओं के अनुसार, इंसान के अंत समय में व्यक्ति को अपने पूर्वजों की या किसी अदृश्य शक्ति के आसपास होने की उपस्थिति महसूस होती है. ऐसा आभास होना सही नहीं होता है. ये आत्मा के अगले सफर की तैयारी के सूचक माना जाता है.
6.अपनी नाक का न दिखना
गरुड़ पुराण की एक और धारणा भी लोगों के बीच मौजूद है. इसमें बताया जाता है कि व्यक्ति को अपनी नाक सही से नहीं दिखाई देती है. हालांकि, सामान्य स्थिति में रहने पर इंसान अपनी दोनों आंखों से अपनी नाक को देख सकता है लेकिन जब मृत्यु निकट होती है तो इसे देखना कठिन हो जाता है.
कुछ अन्य संकेत
- गरुड़ पुराण के अनुसार, सपनों में पूर्वजों को देखना भी मृत्यु के समीप होने का संकेत होता है.
- यदि किसी रात के समय ऐसी अनुभूति होती है कि उन्हें लेने यमदूत आ रहे हैं तो यह भी मौत का संकेत हो सकता है.
- अचानक अपने अच्छे-बुरे कर्मों की याद आना भी मृत्यु का संकेत हो सकता है.
ये भी पढ़ें- Navratri Vrat Paran 2026: 26 या 27 मार्च कब होगा नवरात्रि का पारण? नोट करें व्रत खोलने का सही समय
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
















.jpg)




