अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में बहता ‘खूनी’ झरना, जानें 'ब्लड फॉल्स' पर क्या कहते हैं वैज्ञानिक
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। दुनिया भर में ऐसी कई जगहें हैं, जिनके पीछे का रहस्य हैरत में डालता है। इस लिस्ट में अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में स्थित ‘ब्लड फॉल्स’ का नाम शामिल है, जो दुनिया के सबसे रहस्यमयी और आश्चर्यजनक प्राकृतिक स्थलों में से एक है।
ब्लड फॉल्स यानी लाल रंग का झरना ऐसा लगता है मानो खून बह रहा हो, लेकिन इसका कारण विज्ञान है, न कि कोई अलौकिक घटना।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इस रहस्य पर से पर्दा उठाते हुए बताती है कि अंटार्कटिका में रॉस सागर और पूर्वी अंटार्कटिक हिम चादर के बीच स्थित शुष्क घाटियां पृथ्वी पर उन दुर्लभ जगहों में शामिल हैं, जहां बर्फ के बावजूद भूभाग बर्फ से मुक्त यानी उन जगहों पर बर्फ नहीं है। इन घाटियों पर लगातार चलने वाली कैटाबेटिक हवाओं या ठंडी, शुष्क हवाओं के कारण बर्फ नहीं रहती हैं। इन घाटियों में कई झीलें हैं, जिनमें से एक है लेक बोनी। टेलर ग्लेशियर से निकलने वाला लाल रंग इसी झील में गिरता है और ‘ब्लड फॉल्स’ के नाम से जाना जाता है।
यह लाल रंग लौह युक्त नमक यानी फेरस हाइड्रोक्साइड के कारण होता है। 1960 के दशक से वैज्ञानिक इस रहस्य को समझने की कोशिश कर रहे थे। साल 2003 में ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के बेरी लायंस की टीम ने इसका सबसे विश्वसनीय कारण बताया। उनके अनुसार, लाखों वर्ष पहले यह क्षेत्र समुद्र से जुड़ा था। जब समुद्र पीछे हटा, तो खारे पानी की झील बन गई। इसमें लौह युक्त लवण जमा हो गए। बाद में टेलर ग्लेशियर आगे बढ़ा और इस झील को ढक लिया। समय के साथ ये लवण ग्लेशियर के अंदर फंस गए और अब पिघलते हुए बाहर निकल रहे हैं। जब ये लवण हवा से मिलते हैं, तो ऑक्सीडाइज होकर लाल रंग के हो जाते हैं।
ब्लड फॉल्स न केवल देखने में बेहद आकर्षक है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह पृथ्वी के इतिहास, जलवायु परिवर्तन और यहां तक कि मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं को समझने में मदद करता है। शोधकर्ता इन शुष्क घाटियों की झीलों का अध्ययन कर रहे हैं, क्योंकि इनमें मीठे और खारे पानी की झीलें दोनों मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, बोनी और फ्राइक्सेल झीलें खारे पानी की हैं, जबकि होरे झील मीठे पानी की है।
नासा के टेरा सैटेलाइट की 29 नवंबर 2000 को ली गई फॉल्स-कलर इमेज में ब्लड फॉल्स स्पष्ट दिखाई देता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि आगे की ड्रिलिंग और अध्ययन से इन झीलों के निर्माण और बदलाव के बारे में और अधिक जानकारी मिलेगी।
--आईएएनएस
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LPG Delivery Delayed: बुकिंग के बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा? इन आसान तरीकों से घर बैठे कर सकते हैं शिकायत
LPG Delivery Delayed: अगर आप इन दिनों गैस सिलेंडर की बुकिंग या डिलीवरी में परेशानी झेल रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. कई बार लोग सिलेंडर बुक तो कर लेते हैं, लेकिन समय पर डिलीवरी नहीं होती. ऐसे में उन्हें गैस एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ते हैं और काफी परेशानी होती है. लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार और गैस कंपनियों ने शिकायत दर्ज करने के कई आसान तरीके उपलब्ध कराए हैं.
नजदीकी गैस एजेंसी से करें संपर्क
सबसे पहले, अगर आपने गैस सिलेंडर बुक किया है और वह समय पर नहीं मिला है, तो आपको अपनी नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क करना चाहिए. कई बार तकनीकी गड़बड़ी या डिलीवरी से जुड़ी समस्याओं के कारण देरी हो जाती है, जिसे एजेंसी स्तर पर ही ठीक किया जा सकता है.
कस्टमर केयर नंबर पर दर्ज कराएं शिकायत
अगर गैस एजेंसी से आपको सही जवाब नहीं मिलता या आपकी समस्या का समाधान नहीं होता, तो आप सीधे गैस कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. भारत में इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस ये तीन बड़ी कंपनियां मुख्य रूप से एलपीजी गैस की सप्लाई करती हैं. इन सभी कंपनियों के अपने-अपने टोल फ्री नंबर और शिकायत दर्ज करने के तरीके होते हैं.
वेबसाइट या मोबाइल ऐप भी है एक जरिया
आप इन कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. यह तरीका काफी आसान और तेज होता है, क्योंकि इसमें आपकी शिकायत सीधे कंपनी के सिस्टम में दर्ज हो जाती है और उस पर जल्दी कार्रवाई होती है.
सरकार के ऑनलाइन पोर्टल से भी मिलती है मदद
इसके अलावा, अगर आपको कंपनी स्तर पर भी समाधान नहीं मिलता है, तो आप सरकार के ऑनलाइन पोर्टल CPGRAMS (Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System) पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. यह एक सरकारी प्लेटफॉर्म है, जहां आपकी शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचती है और उस पर कार्रवाई की जाती है.
नागरिक आपूर्ति विभाग से भी कर सकते हैं संपर्क
अगर इसके बाद भी आपकी समस्या हल नहीं होती है, तो आप जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) या खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से संपर्क कर सकते हैं. ये विभाग गैस वितरण की निगरानी करते हैं और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई भी कर सकते हैं. ध्यान रखने वाली बात यह है कि जब भी आप शिकायत दर्ज करें, तो आपके पास कंज्यूमर नंबर, बुकिंग नंबर और संबंधित जानकारी जरूर होनी चाहिए. इससे आपकी शिकायत जल्दी और सही तरीके से सुलझाई जा सकती है.
जरूरी हेल्पलाइन नंबर
इंडेन गैस:
टोल फ्री: 1800-2333-555
बुकिंग/शिकायत: 7718955555
भारत गैस:
टोल फ्री: 1800-22-4344
वैकल्पिक नंबर: 1800-33-3555
एचपी गैस:
टोल फ्री: 1800-2333-555
इमरजेंसी (गैस लीकेज):
1906 (24×7 सभी कंपनियों के लिए)
इन आसान तरीकों को अपनाकर आप बिना ज्यादा भागदौड़ के अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं और समय पर गैस सिलेंडर हासिल कर सकते हैं.
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