नाला सोपारा में आयुष्मान भारत योजना से जरूरतमंद परिवारों को मिला सहारा, जताया केंद्र सरकार का आभार
नाला सोपारा, 24 मार्च (आईएएनएस)। आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज के जरिए लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को लाभ पहुंचा रही है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रही है। मुंबई से सटे वसई-विरार नगर निगम के अंतर्गत नाला सोपारा पश्चिम में सोपारा अस्पताल एक आदर्श केंद्र के रूप में उभरा है, जो आयुष्मान कार्ड धारकों को पूरी तरह से मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
सोपारा अस्पताल में मौजूद जलील शेख ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, मेरे पिता फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसलिए मैंने उन्हें सोपारा पश्चिम के इस अस्पताल में भर्ती कराया। आयुष्मान कार्ड के जरिए हमें यहां मुफ्त इलाज मिल रहा है। मैं इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। मेरी इतनी हैसियत नहीं थी कि मैं अपने पिता का इलाज प्राइवेट अस्पताल में करा सकूं। अस्पताल में बहुत अच्छी व्यवस्था है।
इसी तरह लाभार्थी इकबाल शेख की पत्नी का कहना है, मेरे पति को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्हें 18 दिनों से भर्ती किया गया है और उनका मुफ्त इलाज चल रहा है और अब उन्हें कोई समस्या नहीं है।
सोपारा हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ. गौरव वाघ ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लगातार मरीजों को लाभ मिल रहा है। पिछले एक महीने में 15 मरीजों ने योजना का लाभ उठाया है, जिनमें रायगढ़, रत्नागिरी, जलगांव सहित कई दूर-दराज के क्षेत्रों से आए मरीज शामिल हैं। इन मरीजों को निमोनिया, हार्ट से संबंधित समस्याएं, खून की कमी जैसी गंभीर बीमारियां थीं। आयुष्मान कार्ड के जरिए उन्हें पूरी तरह मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिला। इलाज के बाद सभी मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जो इस योजना की सफलता का बड़ा प्रमाण है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सरकार की दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज (कैशलेस) प्रदान करती है। यह योजना गंभीर बीमारियों के लिए सूचीबद्ध निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने का खर्च उठाती है, जिसमें दवाएं और सर्जरी भी शामिल हैं।
--आईएएनएस
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Ashtami And Navami 2026 Date: क्या एक ही दिन है नवरात्रि की अष्टमी और नवमी? नोट कर लें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और विधि
Ashtami And Navami 2026 Date: हिंदू धर्म में नवरात्रि में अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व होता है. इन दोनों दिनों पर भक्त माता की पूजा करते हैं. कई लोग इन तिथियों पर कन्या पूजन करके व्रत का पारण भी करते हैं. आमतौर पर अष्टमी और नवमी अलग-अलग दिन आती हैं, लेकिन साल 2026 में स्थिति अलग है. इस बार दोनों तिथियां एक ही दिन पड़ रही हैं. इसी कारण लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि पूजा किस दिन करना शुभ रहेगा. चलिए जानते हैं इसके बारे में.
क्या अष्टमी और नवमी एक ही दिन हैं? (Ashtami And Navami 2026 Date)
पंचांग के अनुसार 26 मार्च 2026 को अष्टमी तिथि सुबह 11:47 बजे तक रहेगी. इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी. यानी एक ही दिन में दोनों तिथियों का संयोग बन रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसी स्थिति में 26 मार्च को ही अष्टमी और नवमी दोनों मनाना शुभ माना जा रहा है.
अष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च 2026 को ही मनाई जाएगी. इस दिन पूजा का शुभ समय सुबह 06 बजकर 16 मिनट से 07 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इस दौरान मां दुर्गा की पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है.
नवमी और राम नवमी 2026 का मुहूर्त
नवमी तिथि भी 26 मार्च को ही शुरू हो जाएगी. राम नवमी का पर्व भी इसी दिन मनाया जाएगा. राम नवमी पूजा का शुभ समय सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 01 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. मध्याह्न का खास क्षण दोपहर 12 बजकर 27 मिनट माना गया है. हालांकि नवमी तिथि 27 मार्च की सुबह 10 बजकर 06 मिनट तक बनी रहेगी.
कब मनाई जाएगी राम नवमी?
कुछ लोग उदया तिथि को महत्व देते हैं. ऐसे में वे 27 मार्च 2026 को भी राम नवमी मना सकते हैं. इस दिन भी पूजा का समय लगभग वही रहेगा, यानी सुबह 11:13 से 01:41 बजे तक.
क्यों होता है ऐसा कन्फ्यूजन?
यह भ्रम तिथियों के बदलने के समय के कारण होता है. जब एक तिथि दिन के बीच में खत्म हो जाती है और दूसरी शुरू हो जाती है, तब तय करना मुश्किल हो जाता है कि पर्व कब मनाया जाए. इस साल भी अष्टमी और नवमी के बीच यही स्थिति बनी है. ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, जब दोनों तिथियां एक ही दिन पड़े तो उसी दिन पूजा करना ज्यादा शुभ माना जाता है.
कन्या पूजन का सही समय
कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है. जो लोग अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, उन्हें 26 मार्च को सुबह 11:47 बजे से पहले पूजा कर लेनी चाहिए. जो लोग नवमी पर कन्या पूजन करते हैं, वे 27 मार्च को सुबह 10:06 बजे से पहले यह अनुष्ठान पूरा करें. इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी, इसलिए समय का ध्यान रखना जरूरी है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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