पंडित के कहने पर इस मुस्लिम एक्टर ने बदला था अपना नाम, 'मर्डर' कर मिला फेम, तो 'Kiss' के चलते हो गया बदनाम
Bollywood Actor: आपने कई बार सुना होगा कि नाम में क्या रखा है? लेकिन सही मायने में नाम में ही सब कुछ रखा है. इसलिए तो हिंदू धर्म में किसी बच्चे के जन्म के बाद सबसे पहले उसकी कुंडली तैयार होती है और राशि के अनुसार ही उसका नाम तय किया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में सेलेब्स भी इस चीज को अपनाते हैं. जी हां, अपने करियर और सफलता के लिए स्टार्स अपना नाम बदलते हैं या फिर उसकी स्पेलिंग में बदलाव करते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक मुस्लिम एक्टर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने इस हिंदू धर्म को मानते हुए अपना नाम बदला था.
कौन है ये मुस्लिम एक्टर?
हम बात कर रहे हैं इंडस्ट्री में अपनी पहचान सीरियल किसर के रूप में बनाने वाले एक्टर इमरान हाशमी की, जो 24 मार्च को अपना 47वां बर्थडे (Emraan Hashmi Birthday) मना रहे हैं. इमरान साल 2003 में फिल्म 'फुटपाथ' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इस फिल्म को उनके मामा और फिल्ममेकर महेश भट्ट ने प्रोड्यूस किया था. लेकिन क्या आपको पता है कि इस फिल्म के समय एक्टर का नाम फरहान हाशमी था. इस फिल्म के क्रेडिट सीन में भी उनका नाम फरहान ही मेंशन किया गया था. लेकिन ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी.
पंडित की सलाह पर बदला नाम
एक्टर ने एक इंटरव्यू में खुद बताया था कि फिल्म फ्लॉप होने के बाद उनके दादी जी ने उन्हें नाम बदलने की सलाह दी थी. फिर वो एक पंडित यानि न्यूमरोलॉजीस्ट के पास गए थे . जिसने उन्हें फिर से उनका नाम रियल नेम इमरान रखने की सलाह थी. हालांकि न्यूमरोलॉजीस्ट ने एक्टर को उनके नाम में एक एक्स्ट्रा A जो़ने को कहा था. इसलिए एक्टर के नाम की स्पेलिंग में (Emraan) दो बार AA आता है. वहीं, नाम बदलने के बाद इमरान की किस्मत चमक गई है और उन्होंने मर्डर जैसी सुपरहिट फिल्म दी.
इमरान ने सेट किया नया ट्रेंड
मर्डर फिल्म में इमरान ने मल्लिका शेरावत के साथ काम किया था और इसमें उन्होंने कई बोल्ड और किसिंग सीन दिए थे. उस दौर में ये सब कम ही देखने को मिलता था, ऐसे में इमरान ने इंडस्ट्री में नया ट्रेंड सेट कर दिया था. फिल्मों में तो किसिंग किंग के नाम से उनकी पहचान बन गई. 'मर्डर' के बाद इमरान ने 'अक्सर', 'जहर', 'आशिक बनाया आपने', 'गैंगस्टर' और 'राज 2' जैसी कई फिल्मों में काम किया, जिनमें उनके किसिंग सीन ने तहलका मचा दिया था. उन्होंने सबसे ज्यादा ऑनस्क्रीन किसिंग सीन देने का रिकॉर्ड तक बना डाला.
'Kiss' के चलते हो गए बदनाम!
हालांकि एक तरफ जहां किसिंग सीन की वजह से इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) ने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की. तो वहीं किसिंग किंग बनने का उन्हें खामियाजा भी भुगतना पड़ा. इससे उनकी इमेज को नुकसान भी हुआ. धीरे-धीरे वो एक ही तरह के रोल्स में बंधकर रह गए और दर्शक उन्हें उसी नजर से देखने लगे. खुद इमरान ने भी कई बार माना कि ये टैग उनके लिए चुनौती बन गया था. फिर एक्टर ने रोल्स के साथ एक्सपेरिमेंट करना शुरू किया. 'आवारापन', 'जन्नत' और 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई' जैसी फिल्मों ने उनकी इमेज टूटी और वह फिर से छा गए. वहीं, अब इमरान हाशमी ओटीटी और फिल्मों में अपने नेगेटिव और गंभीर किरदारों के लिए भी जाने जाते हैं. इमरान को हाल ही में वेब सीरीज तस्करी और यामी गौतम संग फिल्म हक में देखा गया था.
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ईरान युद्ध पर घिरे ट्रंप, यूएस डेमोक्रेट्स ने उठाए सवाल
वाशिंगटन, 24 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका में ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शीर्ष डेमोक्रेट नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बनाते हुए युद्ध की बढ़ती लागत, स्पष्ट रणनीति की कमी और संघर्ष के लंबे खिंचने के खतरे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने कहा कि इस युद्ध का कोई स्पष्ट लक्ष्य या रणनीति नहीं है। उन्होंने सीनेट में कहा, ट्रंप का ईरान के साथ युद्ध चौथे हफ्ते में है और इसका कोई अंत नजर नहीं आ रहा। चक शूमर ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति आगे की योजना को लेकर साफ जवाब देने में विफल रहे हैं।
चक शूमर ने व्हाइट हाउस के बयानों को भी विरोधाभासी बताया। उन्होंने कहा, यह क्या हो रहा है? यह कमांडर-इन-चीफ की लीडरशिप नहीं है। या तो वह भ्रमित हैं, या सच नहीं बोल रहे, या दोनों एक साथ हैं।
उन्होंने इस युद्ध को अमेरिका में बढ़ती पेट्रोल कीमतों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि एक महीने पहले गैस की औसत कीमत करीब 2.93 डॉलर प्रति गैलन थी, जो अब बढ़कर 3.94 डॉलर हो गई है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद देखी गई सबसे बड़ी मासिक उछालों में से एक है।
चक शूमर ने सीनेट में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए रिपब्लिकन नेताओं से हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा, हमें जवाबदेही चाहिए, पारदर्शिता चाहिए, और सबसे जरूरी एक स्पष्ट रणनीति और अंत का रास्ता भी चाहिए।
इसी तरह, सीनेटर ग्रेग लैंड्समैन ने कहा, अब समय आ गया है कि ईरान में अभियान समाप्त किया जाए। न इसका विस्तार हो और न ही जमीनी सैनिक भेजे जाएं।
ग्रेग लैंड्समैन के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च क्षमता को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है और हथियारों के ढांचे को निशाना बनाने का उद्देश्य पूरा हो चुका है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अब और गहराई से शामिल होना अमेरिका को बिना रणनीति वाले लंबे युद्ध में फंसा सकता है।
सीनेटर पीटर वेल्च ने भी सरकार के रुख की आलोचना की और युद्ध के लिए मांगे गए 200 अरब डॉलर के फंड का विरोध किया। उन्होंने कहा, हमारा देश इस पीढ़ी के सबसे बड़े युद्ध में गहराई तक उतर चुका है, लेकिन अब तक सीनेट में एक भी सुनवाई नहीं हुई है।
पीटर वेल्च ने इसके आर्थिक असर पर भी चिंता जताते हुए कहा कि पूरे देश में पेट्रोल की कीमतें कम से कम 1 डॉलर बढ़ गई हैं, जिससे एक आम अमेरिकी परिवार को सालाना करीब 2,000 डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उर्वरक और हीटिंग ऑयल की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त 1,000 डॉलर का बोझ पड़ सकता है।
वहीं, सीनेटर सारा जैकब्स ने इस पूरे मामले को अमेरिकी विदेश नीति की बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा, यह शायद अमेरिकी विदेश नीति की सबसे बड़ी चूकों में से एक है। सारा जैकब्स ने यह भी कहा कि सरकार के पास आगे की कोई स्पष्ट योजना नहीं है और आम लोगों को यह तक नहीं बताया जा रहा कि यह युद्ध है क्या, इसका लक्ष्य क्या है और इसकी लागत कितनी होगी।
--आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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