Responsive Scrollable Menu

अगर भगत सिंह प्रधानमंत्री बनते, तो भारत की स्थित अलग होती : भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर हुसैनीवाला पहुँचकर महान क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों के 'रंगला पंजाब' (जीवंत पंजाब) के निर्माण के प्रति अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।मान ने देश के महानतम क्रांतिकारियों की विरासत का आह्वान किया और केंद्र द्वारा इन स्वतंत्रता सेनानियों को भारत रत्न से ‘‘लगातार वंचित रखे जाने’’ पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहीदी दिवस पर इन क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कहा कि यदि ऐसे साहसी, युवा-प्रेरित नेतृत्व ने भारत के शुरुआती वर्षों को आकार दिया होता और देश की बागडोर ऐसे ही युवाओं को सौंपी गई होती तो भारत की स्थिति पूरी तरह से अलग होती।

मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक स्थल पर 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 'हुसैनीवाला हेरिटेज कॉम्प्लेक्स' की आधारशिला रखी। केंद्र सरकार की 'भारत दर्शन योजना' के तहत वित्त पोषित यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को क्रांतिकारी इतिहास से जोड़ने का काम करेगा।

मुख्यमंत्री ने बाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘देश के कुछ स्वार्थी नेताओं ने तो जीवित रहते हुए ही अपने नाम पर स्टेडियम बनवा लिए हैं। लेकिन उन्होंने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे वीर शहीदों को सम्मानित करने के लिए कुछ खास नहीं किया, जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए मुस्कुराते हुए फांसी के फंदे पर झूल गए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में ही अपने प्राणों की आहुति दे दी, लेकिन आजादी के बाद, दूसरों ने सत्ता के गलियारों पर कब्जा कर लिया और उस आजादी का श्रेय ले लिया जिसके लिए उन्होंने लड़ाई नहीं लड़ी थी।’’ मान ने कहा कि उनकी सरकार को मोहाली हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

यह खबर पीटीआई भाषा द्वारा प्रसारित की गयी है लेखक ने बस मामूली शाब्दिक और व्याकरण से संबंधित बदलाव किए हैं- 

Continue reading on the app

West Asia Crisis | जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता, ऊर्जा सुरक्षा पर जोर | India-US Relations

पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके संभावित खतरों के बीच, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से फोन पर विस्तृत चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान द्वारा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने का डर बना हुआ है।

जयशंकर और रुबियो की बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दी गई सीमा को पांच दिनों के लिए बढ़ाए जाने के कुछ घंटों बाद हुई। विदेशमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ने कहा कि उनकी रूबियो के साथ फोन कॉल पर विस्तृत बातचीत हुई, जिसमें प्रमुख रूप से पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की गई।

इसे भी पढ़ें: Carabao Cup: युवा स्टार Nico O'Reilly ने 4 मिनट में दागे 2 गोल, Manchester City बना चैंपियन

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी चर्चा पश्चिम एशिया संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर केंद्रित थी। हमने विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर बात की। संपर्क में रहने पर सहमति बनी।’’ अमेरिका के विदेश मंत्रालय द्वारा वाशिंगटन में जारी बयान के मुताबिक रूबियो और जयशंकर आपसी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना जारी रखने पर सहमत हुए। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने बताया कि विदेश मंत्री रुबियो ने आज भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से बात की। उन्होंने बताया कि दोनों विदेश मंत्रियों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

पिगोट ने कहा कि रुबियो और जयशंकर इस बात पर सहमत हुए कि आपसी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना जारी रखना महत्वपूर्ण है। पश्चिम एशिया संघर्ष से संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में जयशंकर ने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों के राजदूतों से मुलाकात की और हालात पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने जीसीसी सदस्य छह देशों के राजदूतों से मुलाकात के बाद कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान किया। क्षेत्र में भारतीय समुदाय को उनके निरंतर समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।’’

इसे भी पढ़ें: कोलकाता नाइट राइडर्स ने बदला अपना पेस अटैक, Akash Deep की जगह आए Saurabh Dubey, जानें कौन हैं ये Player

इस बैठक में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान, कतर, बहरीन और कुवैत के राजदूतों ने हिस्सा लिया। समझा जाता है कि इस बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताओं पर चर्चा हुई। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है।

इस जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल और एलएनजी (तरल प्राकृतिक गैस) का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है। जयशंकर ने अपने श्रीलंकाई समकक्ष विजेता हेराथ से भी बातचीत की। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच पर कहा, ‘‘पश्चिम एशिया संघर्ष के परिणामों पर चर्चा की। भारत ‘पड़ोसी सर्वोपरि’ और ‘विजन महासागर’ के प्रति प्रतिबद्ध है।

Continue reading on the app

  Sports

PSL और IPL में मैन ऑफ द मैच खिलाड़ी को कितने पैसे मिलते हैं?

पाकिस्तान सुपर लीग संकट में है,अब तक 8 विदेशी खिलाड़ी लीग से अपना नाम वापस ले चुके हैं. ये खिलाड़ी आईपीएल को प्रॉयरिटी दे रहे हैं, क्योंकि यहां सुरक्षा के साथ पैसों की बारिश भी होती है. Tue, 24 Mar 2026 11:09:01 +0530

  Videos
See all

PM Modi on Middle East Tension LIVE: राज्यसभा से पीएम मोदी लाइव | Rajya Sabha | Iran America War #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T07:16:38+00:00

Viral Video | खैनी थूकने के दौरान वंदे भारत की चपेट में आया युवक | #viralnews | #viralshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T07:14:04+00:00

Tel Aviv में जहां गिरी मिसाइल वहां से Rifat Abdullah की Ground Report | Israel Iran War News #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T07:12:41+00:00

Israel Iran War: ईरान के इमाम अली अस्पताल को कराया खाली | Hormuz | Trump | Mojtaba | Netanyahu #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-24T07:14:52+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers