क्या सच में 14.2 की जगह मिलेगा 10KG का सिलेंडर? प्रवासी मजदूरों के लिए क्या है प्लान? सरकार ने बताया
केंद्र सरकार ने रसोई गैस संकट दूर करने के लिए नई रणनीति अपनाई है. अब ढाबे, होटल और कम्युनिटी किचन जैसे 10 प्रमुख क्षेत्रों को कमर्शियल एलपीजी देने में प्राथमिकता मिलेगी. राज्यों को 50% कमर्शियल वॉल्यूम सौंप दिया गया है, जबकि मजदूरों के लिए 5 किलो के सिलेंडर को प्रायोटाइज किया गया है. पिछले तीन हफ्तों में रिकॉर्ड 3.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे एलपीजी पर निर्भरता और पैनिक बुकिंग में कमी आई है.
LPG Crisis: 10 किलो गैस वाला सिलेंडर! जानिए क्यों घटाई जा रही है आपकी घरेलू गैस
LPG Crisis: खाड़ी देशों में एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से भारत में घरेलू गैस की कमी देखने को मिल रही है. सरकार कह रही है कि गैस की कमी नहीं है, लेकिन लोगों में चिंता बढ़ गई है. तेल कंपनियां अब 14 किलो 200 ग्राम वाले सिलेंडर में सिर्फ 10 किलो गैस देने पर विचार कर रही हैं. इसका मकसद है कम गैस को ज्यादा परिवारों तक पहुंचाना. इससे जो बची गैस होगी,वह उन घरों तक जाएगी, जहां सिलेंडर खत्म होने वाला है. भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60% आयात करता है. इनमें से 90% गैस खाड़ी देशों से आती है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है. फिलहाल भारत के छह एलपीजी टैंकर फारस की खाड़ी में फंसे हैं. सरकार का कहना है कि घरेलू सप्लाई अभी नियमित है. पीएम मोदी ने भी कहा कि आम लोगों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए. लेकिन विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि गैस का इस्तेमाल बचत के साथ करें. अगर यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडर पर नए स्टिकर लगाए जाएंगे और कीमत वजन के अनुपात में कम होगी. तेल कंपनियां लगातार काम कर रही हैं ताकि आम लोगों को परेशानी न हो.
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