पाकिस्तान के पूर्व राजदूत अब्दुल बासित का यह बयान कि यदि अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो पाकिस्तान भारत पर हमला करेगा, दरअसल हताशा और भ्रम की राजनीति का एक उदाहरण है। यह न केवल कूटनीतिक अपरिपक्वता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान अपनी विफलताओं का बोझ भारत पर डालकर ध्यान भटकाने की कोशिश करता रहा है। परंतु यदि वह नये भारत की शक्ति को नहीं जानता तो वह गलती कर रहा है।
पाकिस्तान को पता होना चाहिए कि आज का भारत एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अत्याधुनिक सैन्य शक्ति से लैस राष्ट्र है। भारतीय थल सेना विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सेना है, जिसमें तेरह लाख से अधिक सैनिक हैं। इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों और रिजर्व बलों की विशाल संख्या भारत की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाती है। भारतीय सेना के पास हजारों आधुनिक रणगाड़ियां हैं, जिनमें अर्जुन और टी-90 जैसे उन्नत टैंक शामिल हैं, जो किसी भी दुश्मन की बख्तरबंद ताकत को चंद क्षणों में ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं।
भारतीय वायु सेना भी किसी से कम नहीं है। उसके पास छह सौ से अधिक आधुनिक लड़ाकू विमान हैं, जिनमें सुखोई-30, राफेल और तेजस जैसे घातक विमान शामिल हैं। राफेल की मारक क्षमता और उसकी अत्याधुनिक मिसाइलें दुश्मन के हवाई अड्डों, ठिकानों और सैन्य अड्डों को सैकड़ों किलोमीटर दूर से ही नष्ट कर सकती हैं। इसके अलावा, भारत के पास वायु रक्षा प्रणाली भी अत्यंत मजबूत है, जो दुश्मन के किसी भी हवाई हमले को विफल करने में सक्षम है।
वहीं भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित हो चुकी है। इसके पास विमानवाहक पोत, परमाणु शक्ति से चलने वाली पनडुब्बियां और अनेक विध्वंसक युद्धपोत हैं। यह समुद्र के रास्ते आने वाले किसी भी खतरे को पहले ही समाप्त कर सकती है। यदि पाकिस्तान समुद्री मार्ग से कोई दुस्साहस करता है, तो भारतीय नौसेना उसे उसके तटों तक सीमित कर देगी।
इसके अलावा, भारत की सबसे बड़ी ताकत केवल उसके हथियार नहीं हैं, बल्कि उसके सैनिकों का अदम्य साहस और बलिदान की भावना है। कारगिल युद्ध इसका ज्वलंत उदाहरण है, जहां भारतीय जवानों ने दुर्गम पहाड़ियों पर चढ़कर दुश्मन को धूल चटा दी थी। इसके अलावा चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, एअर स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर, भारत ने जिस तरह पाकिस्तान को उसके घर में घुस कर मारा, दुश्मन को परास्त करने की वैसी मिसालें दुनिया में कम ही देखने को मिलती हैं। पाकिस्तान को पता होना चाहिए कि भारतीय सैनिक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का जज्बा रखते हैं। यही जज्बा उन्हें विश्व के सबसे सक्षम सैनिकों में स्थान दिलाता है।
इसके अलावा, भारत की मिसाइल शक्ति के सामने पाकिस्तान की मिसाइल क्षमता पूरी तरह बेदम और कमजोर नजर आती है। भारत की अग्नि श्रृंखला की बैलिस्टिक मिसाइलें और ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक क्रूज मिसाइलें न केवल अधिक दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम हैं, बल्कि उनकी गति और मारक क्षमता पाकिस्तान के किसी भी हथियार से कहीं अधिक है। दूसरी ओर पाकिस्तान की मिसाइलें तकनीकी रूप से पिछड़ी हुई हैं और उनकी सटीकता पर भी बार बार सवाल उठते रहे हैं। इसके साथ ही भारत की वायु रक्षा प्रणाली अत्यंत उन्नत और बहुस्तरीय है, जो दुश्मन की मिसाइलों और विमानों को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखती है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया यह देख चुकी है कि किस प्रकार भारत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली के माध्यम से हर खतरे को निष्फल कर दिया और अपनी सैन्य श्रेष्ठता का लोहा मनवाया। यह स्पष्ट संकेत है कि किसी भी संभावित संघर्ष में पाकिस्तान की मिसाइलें भारत की सुरक्षा कवच को भेद नहीं पाएंगी, जबकि भारत का प्रहार सीधा और विनाशकारी होगा।
इसके अलावा, भारत ने हाल के वर्षों में स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया है। इससे न केवल उसकी आत्मनिर्भरता बढ़ी है, बल्कि सैन्य क्षमता भी कई गुना मजबूत हुई है। आधुनिक ड्रोन, निगरानी प्रणाली और साइबर क्षमता भारत को एक बहुआयामी शक्ति बनाते हैं। पाकिस्तान को यह समझना होगा कि भारत की नीति स्पष्ट है कि वह शांति चाहता है, परंतु यदि कोई उसकी संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देता है, तो वह उसे करारा जवाब देने में जरा भी संकोच नहीं करेगा।
बहरहाल, अब्दुल बासित का यह बयान केवल एक राजनीतिक शोर है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। यदि पाकिस्तान ने किसी भी प्रकार की भूल की, तो उसे इसका परिणाम अत्यंत गंभीर रूप में भुगतना पड़ेगा। भारत आज न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि दुश्मन को उसके घर में घुसकर जवाब देने की क्षमता भी रखता है। यही भारत की नई पहचान है, यही उसकी शक्ति है, और यही उसकी चेतावनी भी।
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