Maa Skandmata Chalisa: चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन आज, स्कंदमाता की विधिवत पूजा के साथ जरूर पढ़ें स्कंदमाता की चालीसा
Maa Skandmata Chalisa: साल 2026 के चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. आज 23 मार्च को नवरात्रि का पांचवा दिन है. नवरात्रि का पंचम दिन मां स्कंदमाता को समर्पित होता है. स्कंदमाता की पूजा के लिए साधकों को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए. शुद्ध होने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर पूजा करनी चाहिए. स्कंदमाता की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है. मां अपने भक्तों की मनोकामना भी पूरी करती है. उनकी पूजा करते समय हमें मां स्कंदमाता की चालीसा का पाठ करना चाहिए. यहां पढ़िए स्कंदमाता की चालीसा.
मां स्कंदमाता की चालीसा (Mata Skandmata Chalisa Lyrics in Hindi)
दोहा
जय गिरी तनये दक्षजे, शम्भू प्रिये गुणखानि.
गणपति जननी पार्वती, अम्बे शक्ति भवानि.
ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे,
पंच बदन नित तुमको ध्यावे.
षड्मुख कहि न सकत यश तेरो,
सहसबदन श्रम करत घनेरो..
तेऊ पार न पावत माता,
स्थित रक्षा लय हिय सजाता.
अधर प्रवाल सदृश अरुणारे,
अति कमनीय नयन कजरारे..
ललित ललाट विलेपित केशर,
कुंकुम अक्षत शोभा मनहर.
कनक बसन कंचुकि सजाए,
कटी मेखला दिव्य लहराए..
कंठ मंदार हार की शोभा,
जाहि देखि सहजहि मन लोभा.
बालारुण अनंत छबि धारी,
आभूषण की शोभा प्यारी..
नाना रत्न जड़ित सिंहासन,
तापर राजति हरि चतुरानन.
इन्द्रादिक परिवार पूजित,
जग मृग नाग यक्ष रव कूजित..
गिर कैलास निवासिनी जय जय,
कोटिक प्रभा विकासिनी जय जय.
त्रिभुवन सकल कुटुंब तिहारी,
अणु-अणु महं तुम्हारी उजियारी..
हैं महेश प्राणेश तुम्हारे,
त्रिभुवन के जो नित रखवारे.
उन सो पति तुम प्राप्त कीन्ह जब,
सुकृत पुरातन उदित भए तब..
बूढ़ा बैल सवारी जिनकी,
महिमा का गावे कोउ तिनकी.
सदा श्मशान बिहारी शंकर,
आभूषण हैं भुजंग भयंकर..
कंठ हलाहल को छबि छायी,
नीलकंठ की पदवी पायी.
देव मगन के हित अस किन्हो,
विष लै आपु तिनहि अमि दिन्हो..
ताकी, तुम पत्नी छवि धारिणी,
दुरित विदारिणी मंगल कारिणी.
देखि परम सौंदर्य तिहारो,
त्रिभुवन चकित बनावन हारो..
भयभीता सो माता गंगा,
लज्जा मय है सलिल तरंगा.
सौत समान शम्भू पहआयी,
विष्णु पदाब्ज छोड़ि सो धायी..
तेहि को कमल बदन मुरझायो,
लखी सत्वर शिव शीश चढ़ायो.
नित्यानंद करी वरदायिनी,
अभय भक्त कर नित अनपायिनी..
अखिल पाप त्रयताप निकंदिनी,
माहेश्वरी हिमालय नंदिनी.
काशी पुरी सदा मन भायी,
सिद्ध पीठ तेहि आपु बनायी..
भगवती प्रतिदिन भिक्षा दात्री,
कृपा, प्रमोद, सनेह विधात्री.
रिपुक्षय कारिणी जय जय अम्बे,
वाचा सिद्ध करि अवलम्बे..
गौरी, उमा, शंकरी, काली,
अन्नपूर्णा जग प्रतिपाली.
सब जन की ईश्वरी भगवती,
पतिप्राणा परमेश्वरी सती..
तुमने कठिन तपस्या कीनी,
नारद सों जब शिक्षा लीनी.
अन्न न नीर न वायु अहारा,
अस्थि मात्र तन भयउ तुम्हारा..
पत्र-घास को खाद्य न भायउ,
उमा नाम तब तुमने पायउ.
तप बिलोकी ऋषि सात पधारे,
लगे डिगावन, डिगी न हारे..
तब तव जय-जय-जय उच्चारेउ,
सप्तऋषि निज गेह सिद्धारेउ.
सुर विधि विष्णु पास तब आए,
वर देने के वचन सुनाए..
मांगे उमा वर पति तुम तिनसों,
चाहत जग त्रिभुवन निधि जिनसों.
एवमस्तु कहि ते दोऊ गए,
सुफल मनोरथ तुमने पाए..
करि विवाह शिव सों भामा,
पुनः कहाई हर की बामा.
जो पढ़िहै जन यह चालीसा,
धन-जन-सुख देइहै तेहि ईसा..
दोहा
कुटि चंद्रिका सुभग शिर,
जयति जयति सुख खानी.
पार्वती निज भक्त हित,
रहहु सदा वरदानी.
स्कंदमाता की कथा (Skandmata Ki Katha)
द्रिक पंचांग के अनुसार, धार्मिक पुराणों की कथा में बताया गया है कि धरती पर तारकासुर का आतंक था. उसने देवलोक पर भी कब्जा कर लिया था. इससे सभी देवता ब्रह्मा जी की शरण में गए तो उन्होंने कहा कि शिवपुत्र ही इसका अंत कर सकेगा. फिर शिव जी की तपस्या भंग की गई और बाद में माता पार्वती का शिवजी से विवाह हुआ. फिर माता पार्वती को एक पुत्र हुआ जिसका नाम स्कंद रखा गया. उनके पुत्र का दूसरा नाम कार्तिकेय भी था. माता पार्वती ने अपने पुत्र स्कंद को युद्ध के लिए शिक्षित करने के लिए स्कंद माता का रूप धारण किया और उन्होंने उन्हें अस्त्र शस्त्र विद्या सिखाई. स्कंदमाता से युद्ध प्रशिक्षण लेने के बाद भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर के साथ युद्ध किया और बाद में उनका अंत किया था. स्कंदमाता को इन नामों से भी जाना जाता है. स्कंदमाता, हिमालय की पुत्री पार्वती हैं.
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Stock Market Crash: मध्य-पूर्व की जंग ने निकाला निवेशकों का दिवाला, शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 1800 अंक टूटा
Stock Market Crash: मध्य पूर्व की जंग के चलते दुनियाभर के शेयर बाजारों में आज भारी गिरावट देखने को मिली. भारतीय शेयर बाजार भी क्रैश हो गया. बाजार की शुरुआत रेड जोन में हुई. उसके बाद इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई. जिसके चलते कुछ ही मिनट में निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए. सोमवार (23 मार्च) को बाजार की ओपनिंग के साथ ही इसमें बिकवाली का दबाव देखने को मिला.
1800 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स, निफ्टी भी क्रैश
बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 करीब 2 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि सुबह 10.30 बजे के आसपास सेंसेक्स 1,820 अंक यानी 2.42 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ ये 72733 अंक पर कारोबार करता दिखा. जबकि निफ्टी50 इसी वक्त 570 अंक यानी 2.47 प्रतिशत गिरावट के साथ 22544 अंकों पर ट्रेड करता दिखा.
चंद मिनट में डूब गए निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़
बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में उछाल देखने को मिला था. 20 मार्च को शेयर बाजार मामूली तेजी के साथ बंद हुआ, लेकिन मध्य पूर्व में जारी जंग के चलते बाजार में पहले से ही गिरावट के संकेत मिलने लगे थे. सबसे पहले एशियाई बाजारों में सोमवार को इसका असर देखने को मिला. जापान से लेकर साउथ कोरिया तक के बाजारों में सोमवार सुबह कोहराम मच गया और ये भर-भराकर टूट गए.
इसके बाद भारतीय बाजार में भी इसका असर देखने को मिला. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली. जिससे बाजार में पैनिक आ गया और उसके बाद निवेशकों ने ताबड़तोड़ अपने शेयरों को बेचना शुरू कर दिया. जिससे बाजार क्रैश हो गया. इस गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा और कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
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