जरूरत की खबर- इंडक्शन यूज के 10 सेफ्टी टिप्स:न करें ये 12 गलतियां, एक्सपर्ट से जानें इस्तेमाल और क्लीनिंग का सही तरीका
मिडिल ईस्ट में पिछले करीब 25 दिनों से तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग जारी है। इसका असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है। देश में इन दिनों LPG गैस के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं। इससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। ऐसे में अब इंडक्शन का इस्तेमाल बढ़ गया है। लोग तेजी से इंडक्शन कुकटॉप खरीद रहे हैं। यह बिजली से चलने वाला एक सुविधाजनक कुकिंग अप्लायंस है। लेकिन इसके इस्तेमाल के दौरान थोड़ी सी लापरवाही से ओवरहीटिंग, इलेक्ट्रिकल शॉक और बेस डैमेज का रिस्क होता है। हालांकि सही कुकवेयर का चुनाव और समय-समय पर सफाई जैसे छोटे कदम इन खतरों से बचा सकते हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात इंडक्शन यूज के बेसिक सेफ्टी टिप्स की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: अभिषेक मिश्र, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, नागपुर, महाराष्ट्र सवाल- इंडक्शन कुकटॉप क्या है और यह कैसे काम करता है? जवाब- इंडक्शन एक कुकिंग अप्लायंस है, जो बिजली से चलता है। इसमें गैस या डायरेक्ट हीट की जगह मैग्नेटिक फील्ड का इस्तेमाल होता है। इंडक्शन पर बर्तन रखते ही इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा पैदा होती है। यह ऊर्जा सतह को गर्म करने की बजाय सीधे बर्तन के तले को गर्म करती है। इससे ऊर्जा की बचत होती है। बर्तन हटाते ही हीटिंग तुरंत बंद हो जाती है, जिससे यह पर्याप्त सुरक्षित भी माना जाता है। इसे ‘इंडक्शन कुकटॉप’ भी कहते हैं। सवाल- क्या गैस, हीटर, स्टोव में यूज होने वाले सामान्य बर्तन इंडक्शन में भी यूज किए जा सकते हैं? जवाब- हां, आजकल बाजार में मिलने वाले इंडक्शन पर लगभग सभी बर्तन काम करते हैं। हालांकि मैग्नेटिक कुकवेयर जैसे कास्ट आयरन और स्टेनलेस स्टील इसके लिए बेहतर होते हैं। आप एक मैग्नेट की मदद से इसे चेक कर सकते हैं। अगर मैग्नेट बर्तन के तले से चिपक जाए, तो वह इंडक्शन के लिए सही है। एल्युमीनियम, तांबा, कांच या मिट्टी के बर्तन इस पर काम नहीं करते हैं। सवाल- इंडक्शन पर खाना बनाने का तरीका क्या है? स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस बताएं। जवाब- इंडक्शन पर खाना बनाना बहुत आसान है। सही बर्तन, सही सेटिंग और थोड़ी सावधानी से सुरक्षित तरीके से इंडक्शन पर कुकिंग कर सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से स्टेप-बाय-स्टेप इसका पूरा प्रोसेस समझिए- सवाल- इंडक्शन का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करना चाहिए? जवाब- इंडक्शन का इस्तेमाल आमतौर पर सुरक्षित होता है। लेकिन कुछ गलतियां ओवरहीटिंग, इलेक्ट्रिक शॉक या नुकसान का कारण बन सकती हैं। इसलिए इसे यूज करते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- इंडक्शन पर खाना पकाते हुए क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- इंडक्शन पर कुकिंग आसान है, लेकिन कुछ कॉमन गलतियां नुकसान या खतरे का कारण बन सकती हैं। इसलिए इन्हें अवॉइड करना जरूरी है- सवाल- इंडक्शन की सफाई का सही तरीका क्या है? जवाब- डेली सही तरीके से इंडक्शन की सफाई करना जरूरी है, ताकि उसकी परफॉर्मेंस और लाइफ बनी रहे। नीचे दिए ग्राफिक से इसका सही तरीका समझिए- सवाल- किन गलतियों-लापरवाहियों के कारण इंडक्शन जल्दी खराब होता है? इसे कैसे मेंटेन करें कि वह लंबे समय तक चले? जवाब- इंडक्शन की लाइफ इस्तेमाल और रेगुलर मेंटेनेंस पर निर्भर करती है। छोटी-छोटी गलतियां इसे जल्दी खराब कर सकती हैं, जबकि सही देखभाल से यह लंबे समय तक सुरक्षित और बेहतर चलता है। जैसेकि- इंडक्शन से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब सवाल- क्या इंडक्शन गैस चूल्हे से ज्यादा सुरक्षित है? अगर हां, तो कैसे? जवाब- हां, इंडक्शन चूल्हा गैस चूल्हे के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसमें खुली आग नहीं होती, इसलिए आग लगने का खतरा कम रहता है। यह सिर्फ बर्तन के संपर्क में आने पर ही गर्म होता है, जिससे जलने का रिस्क कम होता है। सवाल- क्या इंडक्शन गैस चूल्हे के मुकाबले सस्ता पड़ता है? जवाब- हां, इंडक्शन चूल्हा कई मामलों में गैस के मुकाबले सस्ता पड़ सकता है। यह बिजली पर चलता है और ऊर्जा का उपयोग तेजी से करता है, जिससे हीट लॉस कम होता है। हालांकि कुल खर्च आपके बिजली दर और LPG कीमत पर निर्भर करता है, इसलिए हर घर में फर्क हो सकता है। सवाल- क्या इंडक्शन को देर तक चलाना सुरक्षित है? जवाब- हां, ओवरहीट होने से इंडक्शन ऑटो कट हो जाते हैं। इसे सावधानी के साथ देर तक इस्तेमाल किया जा सकता है। सवाल- क्या इंडक्शन पर खाना बनाने के दौरान वेंटिलेशन जरूरी है? जवाब- हां, इंडक्शन पर खाना बनाते समय भी वेंटिलेशन जरूरी होता है। हालांकि इसमें धुआं या गैस नहीं बनती, लेकिन खाना पकाते समय भाप, स्मेल और तेल के धुएं निकलते हैं, जिन्हें बाहर निकलने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- 'मच्छर अगरबत्तियों' में खतरनाक केमिकल्स: खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स महाराष्ट्र सरकार ने ‘मच्छर अगरबत्तियों’ की जांच में पाया कि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन (Dimefluthrin) जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है। ये सांस के जरिए शरीर में जाकर हमारे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
फिजिकल हेल्थ- डिहाइड्रेशन हुआ तो बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर:हाई बीपी है तो गर्मियों में रखें ध्यान, डॉक्टर से समझें हाइड्रेशन का साइंस
गर्मियों में टेम्परेचर बढ़ने पर शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का रिस्क बढ़ जाता है। यह कॉमन है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी ब्लड सर्कुलेशन और दिल की धड़कनों को भी कंट्रोल करता है? जब शरीर में फ्लूइड कम होता है तो खून गाढ़ा होने लगता है। साथ ही हॉर्मोनल सिस्टम में गड़बड़ी होने लगती है। इससे ब्लड प्रेशर (BP) अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। ऐसे में अगर कोई पहले से हाई बीपी या दिल की बीमारी से जूझ रहा है तो डिहाइड्रेशन एक 'साइलेंट थ्रेट' साबित हो सकता है। इसलिए 'फिजिकल हेल्थ' में आज डिहाइड्रेशन से बीपी पर होने वाले असर की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- डिहाइड्रेशन क्या होता है और यह कब होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन वह कंडीशन है, जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम-पोटेशियम) की कमी हो जाती है। यह आमतौर पर ज्यादा पसीना आने, उल्टी-दस्त होने, बुखार या पर्याप्त पानी न पीने से होता है। गर्म मौसम, हैवी फिजिकल एक्टिविटी और लंबे समय तक धूप में रहने से जोखिम बढ़ जाता है। सवाल- डिहाइड्रेशन का ब्लड प्रेशर पर क्या असर पड़ता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर में फ्लूइड की मात्रा कम हो जाती है। सवाल- डिहाइड्रेशन के दौरान शरीर में ऐसा क्या होता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर पानी की कमी को संतुलित करने की कोशिश करता है। सवाल- डिहाइड्रेशन का हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन पर क्या असर पड़ता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर खून का वॉल्यूम कम होने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन सवाल- किन लोगों के लिए डिहाइड्रेशन ज्यादा खतरनाक हो सकता है? जवाब- डिहाइड्रेशन सबके लिए खतरनाक है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह गंभीर स्थितियां पैदा कर सकता है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर किसी को हाई बीपी है या हार्ट से जुड़ी समस्या है तो उसे गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- सबसे पहले तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटर करते रहें। सवाल- अगर किसी को हार्ट स्ट्रोक, अटैक हो चुका है या हार्ट की कोई सर्जरी हुई है तो उसे गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- इन लोगों के लिए गर्मियाें का मौसम अधिक संवेदनशील साबित हो सकता है- सवाल- गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन का खतरा क्यों बढ़ जाता है? जवाब- गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा पसीना निकलता है। सवाल- डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत क्या हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? जवाब- इन संकेतों को नजरअंदाज करने पर कंडीशन ज्यादा गंभीर हो सकती है- सवाल- किन लोगों को डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन का जोखिम हर व्यक्ति के लिए समान नहीं होता। कुछ खास फिजिकल कंडीशंस और उम्र में यह खतरा गंभीर हो जाता है- सवाल- अगर डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें तो तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- लक्षण दिखने पर स्थिति को बिगड़ने से रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए। ये कदम उठाएं- सवाल- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिन भर में कितना पानी पीना चाहिए? जवाब- पानी की सटीक मात्रा व्यक्ति के वजन, फिजिकल एक्टिविटी और उस जगह के एनवार्नमेंट पर निर्भर करती है, लेकिन वैज्ञानिक मानक इस प्रकार हैं- सवाल- पानी के अलावा कौन-से ड्रिंक्स, फूड्स शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं? जवाब- केवल सादा पानी ही हाइड्रेशन का सोर्स नहीं है, इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर ड्रिंक्स और ताजे फल ज्यादा प्रभावी होते हैं- फ्लूइड: नारियल पानी (पोटेशियम का बेस्ट सोर्स), छाछ, नींबू पानी और बिना चीनी के ताजे फलों का जूस बेहतरीन हाइड्रेटिंग एजेंट हैं। हाइड्रेटिंग फ्रूट्स: तरबूज (92% पानी), खरबूजा, संतरा, अंगूर और स्ट्रॉबेरी का सेवन करें। ये विटामिन और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं। सब्जियां: खीरा, ककड़ी, टमाटर और लौकी जैसी सब्जियां न केवल पानी की कमी पूरी करती हैं, बल्कि शरीर को अंदर से ठंडा भी रखती हैं। चाय-कॉफी पीने से बचें, क्योंकि ये 'डिहाइड्रेटिंग' होते हैं और शरीर से पानी बाहर निकालते हैं। ……………………….. फिजिकल हेल्थ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- क्या बुढ़ापे को रोक सकता है सेलेनियम: क्या है ये मिनरल, शरीर में करता ये 9 जरूरी काम, पूर्ति के लिए खाएं ये चीजें हर शख्स की चाहत होती है कि वह हमेशा सुंदर और जवान दिखे। चमकदार स्किन और लंबे-काले बाल भला किसे नहीं पसंद हैं? इसके लिए सेलेनियम बेहद जरूरी मिनरल है। पूरी खबर पढ़िए…
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