IPL इतिहास का वो रिकॉर्ड जो सिर्फ युवराज सिंह के नाम है दर्ज, दूसरा कोई नहीं कर पाया ये कारनामा
IPL 2026: आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है. फैंस टूर्नामेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. सभी 10 टीमों ने टूर्नामेंट की तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली है. इस बार भी आईपीएल में कई रिकॉर्ड बनते और टूटते नजर आएंगे, लेकिन आईपीएल इतिहास का एक ऐसा रिकॉर्ड है, जो युवराज सिंह के नाम दर्ज है और अब तक नहीं टूट पाया है. चलिए जानते हैं कि वो कौन सा रिकॉर्ड है.
युवराज सिंह के नाम दर्ज है एक सीजन में 2 बार हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड
आईपीएल के इतिहास में एक ही सीजन में 2 बार हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड सिर्फ युवराज सिंह के नाम दर्ज है. युवराज सिंह ने आईपीएल 2009 में ये कारनामा किया था. उनका यह रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया. पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए आईपीएल 2009 में युवराज सिंह ने पहला हैट्रिक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ लिया था. उन्होंने रॉबिन उथप्पा, जैक्स कैलिस और मार्क बाउचर को अपना शिकार बनाया था.
युवराज सिंह ने एक सीजन में RCB के बाद डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ लिया था हैट्रिक
इसके बाद इसी सीजन में युवराज सिंह ने दूसरा हैट्रिक डेक्कन चार्जर्स (सनराइजर्स हैदराबाद) के खिलाफ लिया था. युवराज सिंह ने इस मैच के 12वें ओवर की आखिरी गेंद पर हर्शेल गिब्स को आउट किया था. इसके बाद युवराज 14वें ओवर में गेंदबाजी करना आए. इस ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने एंड्रयू साइमंड्स को पवेलियन का रास्ता दिखाया. इसके बाद दूसरी गेंद पर वेणुगोपाल राव को चलता किया.
आईपीएल में दूसरे सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने वाले खिलाड़ी हैं युवराज सिंह
इस तरह युवराज सिंह आईपीएल इतिहास में एक सीजन में दो हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज हैं. उनका यह रिकॉर्ड आज भी बरकरार है. इतना ही नहीं युवराज सिंह आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं. जबकि पहले नंबर पर भारतीय स्पिनर अमित मिश्रा हैं.
अमित मिश्रा के नाम दर्ज है आईपीएल में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड
आईपीएल में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने का रिकॉर्ड अमित मिश्रा के नाम दर्ज है. अमित मिश्रा ने आईपीएल के पहले सीजन 2008 में हैट्रिक लिया था. अमित मिश्रा ने दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) की ओर से खेलते हुए डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ यह हैट्रिक लिया था. इसके बाद अमित मिश्रा ने डेक्कन चार्जर्स की ओर से खेलते हुए आईपीएल 2011 में पंजाब किंग्स के खिलाफ हैट्रिक लिया था. इसके बाद उन्होंने अपनी तीसरी हैट्रिक सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेलते हुए पुणे वॉरियर्स के खिलाफ आईपीएल 2013 में लिया था.
युजवेंद्र चहल के पास है अमित मिश्रा और युवराज सिंह की बराबरी करने का मौका
वहीं आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने के मामले में युजवेंद्र चहल तीसरे नंबर पर हैं. चहल ने भी आईपीएल में 2 बार हैट्रिक लिया है. चहल ने पहला हैट्रिक 2022 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ लिया था. इसके बाद पिछले सीजन आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हैट्रिक लिया था. आईपीएल 2026 में युजवेंद्र चहल के पास अमित मिश्रा की बराबरी करने का शानदार मौका होगा. इतना ही नहीं चहल जिस तरह के स्पिनर हैं वो एक सीजन में 2 बार हैट्रिक लेकर युवराज सिंह की भी बराबरी कर सकते हैं. अब देखने दिलचस्प होगा कि IPL 2026 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए युजवेंद्र चहल का प्रदर्शन कैसा रहता है, क्योंकि चहल लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. वो अब सिर्फ आईपीएल खेलते नजर आते हैं.
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Uttarakhand News: सीएम धामी ने अपने पास रखे सबसे ताकतवर विभाग, मंत्रियों में बंटवारे के पीछे क्या है रणनीति?
Uttarakhand News: मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने के बाद अब मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है. यह बंटवारा काफी समय से इंतजार में था, क्योंकि कुछ महत्वपूर्ण विभाग लंबे समय से सीधे मुख्यमंत्री के पास ही थे. अब नई व्यवस्था के तहत कई विभाग मंत्रियों को सौंपे गए हैं, जबकि कुछ अहम और संवेदनशील विभाग मुख्यमंत्री ने अपने पास ही रखे हैं.
पहले थी 35 से ज्यादा विभागों की जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, पहले मुख्यमंत्री के पास 35 से ज्यादा विभागों की जिम्मेदारी थी. यह संख्या काफी बड़ी मानी जाती है, जिससे काम का बोझ भी अधिक हो जाता है. अब नए बंटवारे के बाद उन्होंने कुछ विभाग मंत्रियों को दे दिए हैं, लेकिन फिर भी कई महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं.
सीएम संभालेंगे ये विभाग
मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन, गृह विभाग, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग खुद संभालने का फैसला किया है. ये सभी विभाग सरकार के संचालन के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. खासकर गृह विभाग और सामान्य प्रशासन के जरिए कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों पर सीधा नियंत्रण रहता है. इसलिए इन विभागों को अपने पास रखना एक रणनीतिक फैसला माना जा रहा है.
ताकि तेजी आगे बढ़ सके काम...
दूसरी तरफ, बाकी विभागों को अलग-अलग मंत्रियों के बीच बांटा गया है, ताकि हर मंत्री अपने विभाग पर पूरा ध्यान दे सके और काम तेजी से आगे बढ़ सके. सरकार का मानना है कि इस बंटवारे से विभागों के काम में बेहतर तालमेल बनेगा और योजनाओं को जमीन पर जल्दी लागू किया जा सकेगा.
इन 5 मंत्रियों को अलग-अलग विभागों का मिला जिम्मा
हाल ही में पांच नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी. इनमें खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा शामिल हैं. इन सभी को अब अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी दी गई है. दरअसल, मंत्रिमंडल में पांच पद काफी समय से खाली थे. इनमें से तीन पद पहले से ही खाली थे, एक पद एक मंत्री के निधन के कारण खाली हुआ था और एक पद इस्तीफे के चलते खाली हो गया था.
इसलिए बढ़ गया था काम का दबाव
इन खाली पदों की वजह से कई विभागों का काम सीधे मुख्यमंत्री के पास चला गया था. इससे काम का दबाव बढ़ गया था और फैसलों में देरी की संभावना भी रहती थी. अब नए मंत्रियों के आने और विभागों के बंटवारे से इस समस्या को काफी हद तक हल करने की कोशिश की गई है.
राजनीतिक नजरिया क्या कहता है?
राजनीतिक नजरिए से देखें तो यह बंटवारा काफी सोच-समझकर किया गया है. इसमें क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखा गया है. यानी कोशिश की गई है कि अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों को प्रतिनिधित्व मिले और साथ ही सरकार का काम भी बेहतर तरीके से चल सके.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा अहम विभाग अपने पास रखना एक मजबूत रणनीति है. इससे सरकार की मुख्य कमान उनके हाथ में रहती है और वे बड़े फैसलों पर सीधा नियंत्रण रख सकते हैं. वहीं, बाकी विभाग मंत्रियों को देकर जिम्मेदारियों का सही बंटवारा किया गया है. कुल मिलाकर, यह नया विभागीय बंटवारा सरकार को ज्यादा संगठित, जिम्मेदार और परिणाम देने वाला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे उम्मीद की जा रही है कि विकास कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक कामकाज पहले से ज्यादा बेहतर होगा.
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