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अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध को लेकर क्यों चीन ने साधी है चुप्पी? भारत की तरह US को मिलने वाला है बड़ा धोखा!

US-Israel Attack Iran: अमेरिका-इजरायल और ईरान का युद्ध अपने चरम पर पहुंच चुका है. अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान को तबाह करने में लगे हुए हैं. हमलों में सुप्रीम लीडर समेत कई सैन्य कमांडर भी मारे जा चुके हैं. ईरान भी पलटवार कर रहा है और उसने खाड़ी देशों में यूएस के कई ठिकानों पर हमला किया है और अब लंबी दूरी पर बने अमेरिकी बेस को निशाना बना रहा है. इस बीच ईरान का सबसे बड़े हितैशी चीन ने चुप्पी साध रखी है. युद्ध को लेकर माना जा रहा था कि चीन इस मामले में हस्तक्षेप करेगा. मगर ऐसा नहीं हुआ. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से अभी तक किसी तरह का सख्त बयान सामने नहीं आया है, न ही कोई बड़ा हस्तक्षेप सामने आया है. ऐसे में कई रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन इस समय अपनी नई रणनीति की ओर बढ़ रहा है. वह अब ताइवान को लेकर बड़ी साजिश रचने में जुटा हुआ है.

पूरा विश्व ऊर्जा के संकट से गुजर रहा 

यह माहौल वैसा है जब 1962 में कोल्ड वॉर अपने पीक पर था. ऐसे में टाइम में चाइना ने भारत पर हमला कर दिया था. इस हमले में भारत काफी जमीन चीन के पास चली गई थी. आज भी कुछ ऐसी सिचुएशन देखने को मिल रही है. रक्षा विशेषज्ञ मंगल सिंह का कहना है कि एक तरफ यूएस ईरान में इन्वॉल्वड है. स्टेट ऑफ हॉर्मोस पूरी तरह ब्लॉकड हो चुका है. ट्रंप नाटो मेंबर्स से मदद की गुहार लगा रहे हैं. उनका कहना है कि द स्टेट ऑफ हॉर्मोस को खोलने में वे मदद करें. वहीं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है. ऐसे में दोनों महाशक्ति अमेरिका और रूस बड़ी जंग में मशगूल हैं. वहीं पूरा विश्व ऊर्जा के संकट से गुजर रहा है. 

चाइनीज एयक्राफट ताइवन क्षेत्र में दिखे 

रक्षा विशेषज्ञ मंगल सिंह के अनुसार, ऐसे में चीन के पास बड़ा मौका है ताइवान पर कब्जा करने का. बताया जा रह है कि ऐसा इसलिए भी देखा जा रहा है क्योंकि हाल ही में चाइनीस मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में दिखे हैं. यह प्रक्रिया फरवरी में थोड़ी कम हो गई थी. यह अब दोबारा से अपने पीक पर पहुंच चुकी है. आखिर चाइना ताइवान को इनवेड करेगा या नहीं करेगा? इसके कई पहलू हैं, कई डायमेंशंस हैं.

चीन सेफ गेम की ओर बढ़ना पसंद करता है

चीन ने अब तक अपनी चुप्पी साध रखी है. इसकी वजह उसके अपने फायदे हैं. वह यह देख रहा है कि अगर वह अगर ताइवान पर हमला करता है तो इस समय उसकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आने वाला है. चीन इस परिस्थिति का फायदा उठाने की फिराक में है. चीन हमेशा से सेफ गेम की ओर बढ़ना पसंद करता है. वह अपनी इक्नॉमी को डिस्टर्ब किए बिना ताइवान को अपना बनाने की कोशिश में लगा है. हालांकि जापान और अमेरिका उसे ऐसे करने से रोक सकते हैं. 

2027 चीन के लिए बड़ा इवेंट 

रक्षा विशेषज्ञ मंगल सिंह का कहना है कि चीन के लिए इस समय के हालात बेहद मुफीद है. हो सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में चीन की ओर से ऐसी कदम उठाया जा सकता है क्योंकि 2027 में यहां पर पावर ट्रांजिशन इवेंट है. यानी कि शी जिनपिंग यह डिसाइड करेंगे कि उनके बाद में वहां पावर में कौन आने वाला है. ऐसे में शी जिनपिंग अपनी लेगेसी चाइना के अंदर छोड़ना चाहेंगे. वो अपना नाम उस लिस्ट में शामिल करना चाहेंगे, जिसमें माउजडोंग और डेंगजिया पाओ हैं. चाइना ने हाल ही में अपना डिफेंस का खर्च बढ़ाया है. इस डिफेंड स्पेंडिंग को जब से उन्होंने बढ़ाया है तो यह स्पेकुलेशन हमेशा से लगाया जा रहा है कि यह उनका एक बहुत बड़ा गोल है कि वो ताइवान को अपने में जोड़ लें. 

ये भी पढ़ें: 'अगर अगले 48 घंटों में नहीं खोला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज तो...' अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी

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शीत्सांग के मौसम विज्ञान विकास ने 2025 में ठोस प्रगति दर्ज की

बीजिंग, 22 मार्च (आईएएनएस)। हाल ही में 2026 शीत्सांग के मौसम विज्ञान कार्य सम्मेलन से मिली जानकारी के मुताबिक, शीत्सांग के मौसम विज्ञान विकास ने 2025 में ठोस प्रगति की है।

शीत्सांग में मौसम विज्ञान केंद्रों का घनत्व 10.1 प्रति 10,000 वर्ग किमी. तक पहुंच गया। जबकि, रडार कवरेज 73.7 प्रतिशत तक पहुंच गई, प्रारंभिक चेतावनी सूचनाओं की सार्वजनिक कवरेज बढ़कर 98.7 प्रतिशत हो गई और भारी बारिश (बर्फबारी) की चेतावनी की सटीकता दर 88.7 प्रतिशत तक पहुंच गई। कई प्रमुख संकेतकों ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं, और मौसम विज्ञान सेवा सहायता की नींव को व्यापक रूप से मजबूत किया गया।

शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के मौसम विज्ञान ब्यूरो के प्रमुख श्यांग युयी ने कहा, हमने न केवल 14वीं पंचवर्षीय योजना और उच्च गुणवत्ता वाले मौसम विज्ञान विकास की रूपरेखा (2022-2035) के पहले चरण के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया, बल्कि प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं में भी अभूतपूर्व प्रगति हासिल की।

पिछले एक वर्ष में, उच्च-रिजॉल्यूशन वाली तीव्र चक्रीय क्षेत्रीय संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को पहली बार सफलतापूर्वक लागू किया गया, जिससे क्षेत्र में क्षेत्रीय संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल की कमी पूरी हुई। अधिक-ऊंचाई वाले पठारीय क्षेत्रों में मौसम परिवर्तन के लिए बड़े पैमाने पर मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) के रात्रि उड़ान संचालन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गईं।

पूरे वर्ष में कुल 816 जमीनी-हवाई समन्वित वर्षा (बर्फबारी) संवर्धन अभियान चलाए गए, जिससे वर्षा में लगभग 18 करोड़ टन की वृद्धि हुई। 1,178 ओलावृष्टि नियंत्रण अभियान चलाए गए, जिससे आर्थिक नुकसान में लगभग 13 करोड़ युआन की कमी आई।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

South Africa के स्पिनर्स का कहर, ताश के पत्तों की तरह बिखरी New Zealand, सीरीज़ में रोमांच बढ़ा।

न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 श्रृंखला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई। रविवार को खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने शानदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड को 19 रन से हराकर श्रृंखला 2-2 से बराबर कर ली है, जिससे अब आखिरी मुकाबला निर्णायक बन गया।

बता दें कि दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 164 रन बनाए, जो शुरुआत में औसत स्कोर माना जा रहा था। लेकिन गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों के दम पर टीम ने इस लक्ष्य का सफल बचाव किया। न्यूजीलैंड की पूरी टीम 19 ओवर के भीतर 145 रन पर सिमट गई।

मौजूद जानकारी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका की जीत में युवा बल्लेबाज कोनर एस्टरहुइजन की अहम भूमिका रही, जिन्होंने 57 रनों की पारी खेली। उन्होंने टोनी डी जोरजी के साथ दूसरे विकेट के लिए 81 रनों की साझेदारी की, जो इस श्रृंखला में टीम की सबसे बड़ी साझेदारी रही। गौरतलब है कि एस्टरहुइजन ने इस मुकाबले में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक भी पूरा किया।

वहीं गेंदबाजी में जेराल्ड कोएट्जी ने तेज गेंदबाजी से शुरुआत में दबाव बनाया और 3 विकेट हासिल किए। इसके बाद स्पिनरों ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। डेब्यू कर रहे प्रेनेलन सुब्रायन और अनुभवी केशव महाराज ने मिलकर मध्य ओवरों में चार विकेट झटके और न्यूजीलैंड की पारी को पटरी से उतार दिया।

गौरतलब है कि एक समय न्यूजीलैंड की टीम 9वें ओवर में 76 रन पर 3 विकेट खोकर मुकाबले में बनी हुई थी, लेकिन इसके बाद लगातार विकेट गिरते गए और टीम 112 रन पर 7 विकेट गंवा बैठी। इसके बाद वापसी करना मुश्किल हो गया।

न्यूजीलैंड की ओर से टिम रॉबिन्सन ने सबसे ज्यादा 32 रन बनाए, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका। बता दें कि इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के बिना उतरी थी, जिसमें नियमित कप्तान और कुछ अनुभवी खिलाड़ी शामिल नहीं थे, जिसका असर प्रदर्शन पर साफ दिखा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका की टीम भी अपनी मुख्य टीम के बिना खेल रही है, लेकिन इस जीत से टीम को आत्मविश्वास जरूर मिला। अब दोनों टीमों के बीच आखिरी मुकाबला बेहद अहम हो गया है, जहां जीतने वाली टीम श्रृंखला अपने नाम करेगी।
Sun, 22 Mar 2026 22:03:23 +0530

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