न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 श्रृंखला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई। रविवार को खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने शानदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड को 19 रन से हराकर श्रृंखला 2-2 से बराबर कर ली है, जिससे अब आखिरी मुकाबला निर्णायक बन गया।
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 164 रन बनाए, जो शुरुआत में औसत स्कोर माना जा रहा था। लेकिन गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों के दम पर टीम ने इस लक्ष्य का सफल बचाव किया। न्यूजीलैंड की पूरी टीम 19 ओवर के भीतर 145 रन पर सिमट गई।
मौजूद जानकारी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका की जीत में युवा बल्लेबाज कोनर एस्टरहुइजन की अहम भूमिका रही, जिन्होंने 57 रनों की पारी खेली। उन्होंने टोनी डी जोरजी के साथ दूसरे विकेट के लिए 81 रनों की साझेदारी की, जो इस श्रृंखला में टीम की सबसे बड़ी साझेदारी रही। गौरतलब है कि एस्टरहुइजन ने इस मुकाबले में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक भी पूरा किया।
वहीं गेंदबाजी में जेराल्ड कोएट्जी ने तेज गेंदबाजी से शुरुआत में दबाव बनाया और 3 विकेट हासिल किए। इसके बाद स्पिनरों ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। डेब्यू कर रहे प्रेनेलन सुब्रायन और अनुभवी केशव महाराज ने मिलकर मध्य ओवरों में चार विकेट झटके और न्यूजीलैंड की पारी को पटरी से उतार दिया।
गौरतलब है कि एक समय न्यूजीलैंड की टीम 9वें ओवर में 76 रन पर 3 विकेट खोकर मुकाबले में बनी हुई थी, लेकिन इसके बाद लगातार विकेट गिरते गए और टीम 112 रन पर 7 विकेट गंवा बैठी। इसके बाद वापसी करना मुश्किल हो गया।
न्यूजीलैंड की ओर से टिम रॉबिन्सन ने सबसे ज्यादा 32 रन बनाए, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका। बता दें कि इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के बिना उतरी थी, जिसमें नियमित कप्तान और कुछ अनुभवी खिलाड़ी शामिल नहीं थे, जिसका असर प्रदर्शन पर साफ दिखा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका की टीम भी अपनी मुख्य टीम के बिना खेल रही है, लेकिन इस जीत से टीम को आत्मविश्वास जरूर मिला। अब दोनों टीमों के बीच आखिरी मुकाबला बेहद अहम हो गया है, जहां जीतने वाली टीम श्रृंखला अपने नाम करेगी।
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आईपीएल का नया सीजन शुरू होने से पहले ही गेंदबाजों के बीच पर्पल कैप की रेस को लेकर चर्चा तेज हो गई है, और इस बार भी मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। बता दें कि पर्पल कैप उस गेंदबाज को दी जाती है जो पूरे सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेता है।
गौरतलब है कि पिछले सीजन में गुजरात के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 25 विकेट लेकर यह खिताब अपने नाम किया था, जबकि एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड 32 का है, जिसे ड्वेन ब्रावो और हर्षल पटेल हासिल कर चुके हैं। ऐसे में इस बार कई गेंदबाज इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचने की कोशिश करेंगे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, गुजरात टीम के साई किशोर इस रेस में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था और बीच के ओवरों में रन रोकने के साथ विकेट निकालने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है।
वहीं बेंगलुरु टीम के जैकब डफी इस बार नए चेहरे के तौर पर नजर आएंगे। उनकी स्विंग गेंदबाजी और आखिरी ओवरों में सटीक लाइन लेंथ उन्हें जल्दी विकेट दिला सकती है, जिससे वे इस रेस में आगे निकल सकते हैं।
अगर अनुभव की बात करें तो मुंबई के जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे ऊपर आता है। बता दें कि बुमराह अपनी सटीक यॉर्कर और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। अगर वे पूरा सीजन खेलते हैं तो पर्पल कैप के सबसे बड़े दावेदार बन सकते हैं।
हैदराबाद के ईशान मलिंगा भी इस बार ध्यान खींच रहे हैं। उनकी गेंदबाजी शैली और डेथ ओवरों में विकेट लेने की आदत उन्हें तेजी से आगे बढ़ा सकती है। पिछले सीजन में उन्होंने कम मैचों में ही प्रभाव छोड़ा था।
दिल्ली टीम के लुंगी एनगिडी की बात करें तो वे साझेदारी तोड़ने में माहिर माने जाते हैं। उनकी धीमी गेंद और उछाल भरी गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है, हालांकि उनकी फिटनेस इस बार अहम भूमिका निभाएगी।
पंजाब के अर्शदीप सिंह भी इस रेस में पीछे नहीं हैं। बता दें कि दबाव के समय में शांत रहकर यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है। पिछले सीजन में उन्होंने 21 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी।
कोलकाता के ब्लेसिंग मुजारबानी अपनी लंबाई और उछाल के कारण अलग पहचान रखते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर वे भारतीय परिस्थितियों में जल्दी ढल जाते हैं तो इस सीजन के उभरते सितारे बन सकते हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार पर्पल कैप की रेस में तेज गेंदबाजों और स्पिनरों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, जहां हर मैच के साथ समीकरण बदलेंगे और छोटे-छोटे प्रदर्शन ही बड़े फर्क तय करेंगे हैं।
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