मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सरकार और उद्योग साथ मिलकर कर रहे काम : सीआईआई
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को कहा कि भारत मध्य पूर्व में तनाव के आर्थिक प्रभाव को प्रबंधित करने के लिए तेज और संतुलित कदम उठा रहा है और आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंख्लाओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार और उद्योग दोनों साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि भारत ने इस चुनौतीपूर्ण दौर में मजबूत स्थिति से प्रवेश किया है।
उन्होंने कहा कि वर्षों के आर्थिक सुधारों और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत सरकार द्वारा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने से देश की बाहरी झटकों से निपटने की क्षमता में सुधार हुआ है।
बनर्जी ने कहा, “सरकार ने संकट के प्रभाव को कम करने के लिए कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाना, एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करना, निर्यात को समर्थन देना और मुद्रा स्थिरता सुनिश्चित करना जैसे कई निर्णायक कदम उठाए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि यह स्थिति भारत के लिए सतत और आत्मनिर्भर ऊर्जा प्रणालियों की ओर अपने ट्रांजिशन को गति देने की आवश्यकता को दिखाती है।
बनर्जी ने कहा, “नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, जैव ईंधन और ऊर्जा दक्षता में निवेश न केवल जलवायु लक्ष्य हैं, बल्कि अस्थिर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर निर्भरता कम करने की महत्वपूर्ण रणनीतियां भी हैं।”
साथ ही, भारतीय उद्योग ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार करके और रोजगार के अवसरों को बचाने के लिए कदम उठाकर सक्रिय रूप से स्थिति के अनुकूल ढल रहा है।
सीआईआई ने कहा कि वह आपूर्ति श्रृंखला जोखिमों की निगरानी करने, कमी को दूर करने और वास्तविक समय पर प्रतिक्रिया प्रदान करने के लिए सरकार और विभिन्न क्षेत्रों के साथ मिलकर काम कर रही है।
सीआईआई ने कहा कि स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन भारत के पास प्रभावी ढंग से जवाब देने और अपने आर्थिक हितों की रक्षा करने की क्षमता है।
--आईएएनएस
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यूपी में गौ-तस्करी और गौ सेवा से जुड़े काम को लेकर CM योगी सख्त, अधिकारियों को दिए निर्देश
UP News: योगी सरकार राज्य में गौ-तस्करी रोकने और गौ सेवा से जुड़े कामों पर भी ध्यान दे रही है. सीएम योगी ने शनिवार को इसी को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की. जिसमें सीएम योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि यूपी में गौ-तस्करी और गौ सेवा से जुड़ काम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक के दौरान सीएम योगी ने गोशालाओं की मौजूदा स्थिति, गोवंश के स्वास्थ्य और उनकी देखभाल पर विस्तार से चर्चा की. सीएम योगी ने कहा कि इसे लेकर लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
गौशाला में भूसा बैंक के दिए निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, हर गौशाला में भूसा बैंक होना जरूरी है. सीएम योगी ने गायों के हरे चारे के लिए स्थानीय किसानों के साथ समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए. सीएम योगी ने प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को गौ-आश्रय स्थलों से जोड़ने का भी निर्देश दिया है. इस बैठक में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी और गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
गौशालाओं को बनाया जाए आत्मनिर्भर- सीएम योगी
बैठक के दौरान सीएम योगी ने गौ सेवा आयोग के पदाधिकारियों और अधिकारियों को गौशालाओं के नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया. सीएम ने कहा कि पदाधिकारी दो-दो के समूह में मंडलवार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करें. जिसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराएं. सीएम योगी ने कहा गौ सेवा भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है. इस क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा.
गौ-आश्रयों में सीसीटीवी लगाने के दिए निर्देश
इसके साथ ही सीएम योगी ने तकनीक और निगरानी पर विशेष जोर देते हुए राज्य के सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने और उनकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए. सीएम योगी ने सीएसआर फंड के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए. जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यवस्थाएं सुदृढ़ होंगी. सीएम योगी ने डीबीटी प्रणाली से समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और हर गौशाला में गौवंश की दैनिक संख्या का रजिस्टर अनिवार्य रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए हैं.
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यूपी में अभी कितने गौ-आश्रय स्थल?
बैठक के दौरान बताया गया कि यूपी में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों का संचालन हो रहा है. जिनमें 12.39 लाख से अधिक गोवंश रखे जा रहे हैं. इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख, 518 वृहद गो-संरक्षण केंद्रों में 1.58 लाख. जबकि 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 और 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश संरक्षित हैं. जबकि सीएम सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख लाभार्थियों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं.
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