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अफगानिस्तान के बदख्शां में आग लगने से 43 दुकानें जलकर खाक

काबुल, 22 मार्च (आईएएनएस)। उत्तरी अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत के एक बाजार में आग लगने से 43 दुकानें जलकर खाक हो गईं। प्रांतीय सूचना और संस्कृति विभाग ने एक बयान जारी कर ये जानकारी दी। इस हादसे से दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

शनिवार शाम को जारी बयान में कहा गया कि आग राघिस्तान जिले के अब जिम मार्केट में लगी। शुरुआती अनुमान से पता चलता है कि दुकान मालिकों ने करीब 22 मिलियन अफगानी (लगभग 349,000 अमेरिकी डॉलर) का नुकसान किया।

आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि जांच टीमों को मौके पर भेज दिया गया है और घटना के हालात का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

अफगानिस्तान में आग लगने की घटनाएं आम हैं, जो अक्सर अपर्याप्त सुरक्षा मानकों, खराब बिजली के तारों और आग बुझाने के आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण होती हैं ऐसा खासकर दूर-दराज के इलाकों में होता है।

इस बीच, एक अलग घटना में, उत्तरी अफगानिस्तान के फरयाब प्रांत में एक गाड़ी के पलट जाने से कम से कम चार यात्रियों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, सरकारी मीडिया आउटलेट बख्तर न्यूज एजेंसी ने शनिवार को यह खबर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा दौलत आबाद जिले के घने जंगल के पास हुआ, जब ड्राइवर ने लापरवाही की वजह से गाड़ी पर से कंट्रोल खो दिया, जिससे गाड़ी सड़क से उतरकर पलट गई, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन घायल हो गए।

घायलों को इलाज के लिए पास के हेल्थ सेंटर ले जाया गया।

अफगानिस्तान में सड़क दुर्घटनाएं मौत का एक बड़ा कारण बनी हुई हैं, जो अक्सर भीड़भाड़ वाली सड़कों पर लापरवाही से गाड़ी चलाने, खस्ता हाल सड़क और खराब हाईवे पर ट्रैफिक साइन की कमी के कारण होती हैं।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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UP News: ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर योगी सरकार सख्त, 24 घंटे में मुआवजा देने का किया एलान

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्राकृतिक आपदा से हुए किसानों की फसलों के नुकसान को लेकर काफी सतर्क है. सीएम योगी ने आदेश दिया है कि बारिश और ओलावृष्टि से हुई किसानों की फसलों के नुकसान का मुआवजा 24 घंटे के अंदर दिया जाए. सीएम योगी ने इसे लेकर बीते दिन एक बैठक की. जिसमें प्रमुख सचिव राजस्व और राहत आयुक्त मौजूद रहे. जिसमें सीएम योगी ने आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन करने और 24 घंटों के भीतर पीड़ित किसानों को मुआवजा देने का एलान किया. बता दें कि युपी में गुरुवार और शुक्रवार को आंधी तूफान के साथ तेज बारिश हुई. इसके साथ ही कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई. जिसके चलते किसानों की फसल नष्ट हो गई. इसी का आंकन करने के सीएम योगी निर्देश दिए हैं.

बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही- सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के दौरान साफ कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बता दें कि सीएम योगी ने बीते दो दिनों में राज्य में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में फील्ड पर उतरकर काम करें. साथ ही राहत कार्यों पर नजर भी रखें. उन्होंने कहा कि इस काम में किसी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने बारिश और ओलावृष्टि की वजह से हुए नुकसान का सटीक आंकलन कर रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए हैं.

सीएम योगी ने दिए राहत कार्य के निर्देश

मुख्ममंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, खराब मौसम की वजह से हुई जनहानि, पशुहानि, घायलों और चोटिलों को 24 घंटे में मुआवजा दिया जाए. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को तत्काल प्रभाव से मुआवजा और राहत राशि का वितरण किया जाए. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल क्षतिपूर्ति का सही आंकलन कर एक हफ्ते के भीतर पीड़ितों को मुआवजे का भुगतान किया जाए. सीएम योगी ने कहा कि, कई स्थानों पर ओलावृष्टि की वजह से भी फसलों को नुकसान हुआ है. जिसके आंकलन का भी सीएम ने निर्देश दिया है. बारिश की वजह से कई स्थानों पर जल जमाव की स्थिति पैदा हो गई है. जिसके लिए पानी निकासी का काम करने का भी निर्देश दिया.

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इन इलाकों में हुआ सबसे अधिक नुकसान

बता दें उत्तर प्रदेश में बीते गुरुवार और शुक्रवार को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से मेरठ, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज समेत कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ जमकर बारिश हुई. जिसकी वजह से खेतों में खड़ी गेंहू और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है. बेमौसम बारिश के चलते किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है.

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  Sports

PSL 2026: तालिबान के हमलों से डरा पाकिस्तान, बंद दरवाजे के पीछे खेला जाएगा पीएसएल, 2 शहरों में होंगे मैच

Pakistan Super league: पाकिस्तान सुपर लीग 2026 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने घोषणा की है कि इस बार टूर्नामेंट तय समय यानी 26 मार्च से शुरू होगा, लेकिन शुरुआती मैच बिना दर्शकों के खेले जाएंगे। यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के चलते लिया गया। इसके अलावा पाकिस्तान का तालिबान से चल रहा संघर्ष भी इसकी एक वजह है। 

पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पीएसएल पाकिस्तान की शान है और इसे किसी भी हाल में रद्द नहीं किया जाएगा। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए स्टेडियम में दर्शकों की एंट्री पर रोक लगाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार लीग को सिर्फ दो शहरों, कराची और लाहौर तक सीमित रखा गया है।

बंद दरवाजे के पीछे होगा पीएसएल
नकवी ने साफ किया कि यह फैसला सुरक्षा कारणों से नहीं, बल्कि सरकार द्वारा लागू किए गए खर्च में कटौती के तहत लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विदेशी खिलाड़ी पाकिस्तान पहुंचना शुरू कर चुके हैं और टूर्नामेंट सुचारु रूप से आयोजित होगा।

पीएसएल का ओपनिंग सेरेमनी नहीं होगी
इस बार पाकिस्तान सुपर लीग का उद्घाटन समारोह भी रद्द कर दिया गया है, जो आमतौर पर काफी भव्य होता है। बोर्ड ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अनावश्यक खर्च से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।

दर्शकों की गैरमौजूदगी से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए पीसीबी ने खास योजना बनाई है। बोर्ड आठों फ्रेंचाइजियों को अनुमानित गेट मनी देने की कोशिश करेगा, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। पहले से तय शहरों- फैसलाबाद, रावलपिंडी, पेशावर और मुल्तान- में मैच न होने के बावजूद फ्रेंचाइजियों को मुआवजा देने की बात कही गई है।

पीएसएल के सीईओ सलमान नसीर भी इस दौरान मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि लीग लगातार आगे बढ़ रही है और इसका स्तर बेहतर हो रहा है। नकवी ने यह भी बताया कि कुछ खिलाड़ियों द्वारा पीएसएल छोड़कर आईपीएल में शामिल होने के मामलों को पीसीबी का लीगल विभाग देखेगा और जरूरी कार्रवाई करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई शीर्ष स्तर के खिलाड़ी PSL से जुड़ रहे हैं, जो इस लीग की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।

कुल मिलाकर, पीएसएल 2026 ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर है। ऐसे में बिना दर्शकों के मैच कराने का फैसला असामान्य जरूर है, लेकिन PCB इसे लीग को जारी रखने के लिए जरूरी कदम मान रहा है। अब देखना होगा कि यह टूर्नामेंट मैदान पर कितना सफल रहता है और खिलाड़ियों के प्रदर्शन से फैंस का मनोरंजन कितना हो पाता है।

Sun, 22 Mar 2026 17:26:42 +0530

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