खाना बनाना एक कला है और हर कोई इसमें महारत हासिल नहीं कर पाता। लेकिन जब भी हम रेस्टोरेंट जाते हैं तो हमेशा एक जैसा टेस्ट मिलता है। जबकि घर पर खाना बनाते समय कभी ग्रेवी परफेक्ट सिल्की और स्मूथ बनती है, तो कभी बिल्कुल पानी जैसी। ऐसे में समझ ही नहीं आता कि क्या गलती हो रही है।
वैसे भी ग्रेवी की कंसिस्टेंसी ही डिश का गेम चेंजर होती है, फिर चाहे आप कोई भी सब्जी बनाएं। अगर आप भी अक्सर परफेक्ट ग्रेवी बनाने की जद्दोजहद करती हैं तो ऐसे में आपको बस कुछ स्मार्ट ट्रिक्स आजमाने की जरूरत है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही आसान ट्रिक्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आजमाकर आप एकदम बैलेंस व टेस्टी ग्रेवी बना पाएंगे-
बेस को करें बैलेंस
ग्रेवी के बेस से ही उसकी थिकनेक तय होती है। मसलन, अगर आप ग्रेवी में प्याज ज्यादा डालते हैं तो इससे ग्रेवी गाढ़ी और थोड़ी मीठी बनती है। वहीं, अगर टमाटर ज्यादा हो जाएं तो इससे ग्रेवी थोड़ी पतली और टैंगी बनती है। इसी तरह, अगर आप अपनी डिश में क्रीमी और रिच टेस्ट चाहते हैं तो ऐसे में काजू के पेस्ट का इस्तेमाल करना अच्छा रहता है।
मसाला को सही तरह से भूनें
डिश बनाते समय आपको ग्रेवी के हर छोटे-छोटे स्टेप को फॉलो करना चाहिए। मसलन, आपको मसाले को सही तरह से भूनना चाहिए। अगर जल्दबाजी में आप इस स्टेप को स्किप करते हैं तो इससे ग्रेवी कभी परफेक्ट नहीं बनेगी। इसलिए, ध्यान दें कि जब तक तेल अलग ना हो, तब तक ग्रेवी को भूनना चाहिए। इसकी ग्रेवी नेचुरली थिक बनती है। यह प्रोसेस ग्रेवी को बाइंड करता है, जिसकी कंसिस्टेंसी स्टेबल होती है।
थिकनेस एजेंट का करें इस्तेमाल
कभी-कभी ऐसा होता है कि ग्रेवी पतली हो जाती है। ऐसे में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे में आप थिकनेस एजेंट का इस्तेमाल करें। मसलन, काजू पेस्ट से क्रीमी थिकनेस आती है। इसी तरह, उबले हुए प्याज का पेस्ट एक नेचुरल थिकनर की तरह काम करता है।
एक बार में ना डालें पानी
कई बार ऐसा होता है कि लोग ग्रेवी बनाते समय एक बार में ही सारा पानी डाल देते हैं, जिससे ग्रेवी पानी वाली बन जाती है। इसलिए, पानी को हमेशा धीरे-धीरे व थोड़ा-थोड़ा करके डालें। इससे कंट्रोल तुम्हारे हाथ में रहेगा और ग्रेवी की कंसिस्टेंसी भी ठीक रहेगी।
- मिताली जैन
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए तुरंत नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को 'पूरी तरह तबाह' कर देगा। बता दें कि दुनिया की तेल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दी है। भारतीय समयानुसार यह समय मंगलवार सुबह खत्म होगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने बिना किसी शर्त के इस रास्ते को नहीं खोला, तो अमेरिका उनके सबसे बड़े पावर प्लांट से हमलों की शुरुआत करेगा।
ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी
ट्रंप के इस अल्टीमेटम के बाद ईरान ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं। ईरानी सेना की ऑपरेशनल कमांड 'खातम अल-अंबिया' ने कहा कि अगर अमेरिका ने उनके ऊर्जा ठिकानों को नुकसान पहुंचाया, तो वे इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और उसके सहयोगियों के सभी एनर्जी, टेक्नोलॉजी और पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाएंगे।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद से ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ज्यादातर जहाजों के लिए बंद कर दिया है। इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और कई देशों पर महंगाई का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने ईरान के इस कदम की कड़ी निंदा की है।
परमाणु ठिकानों पर हमले से बढ़ा तनाव
इस बीच युद्ध की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। शनिवार को ईरान के नतान्ज परमाणु केंद्र पर हवाई हमला हुआ, जो युद्ध शुरू होने के बाद दूसरी बार है। हालांकि, ईरान की न्यूज एजेंसी मिजान के अनुसार, वहां से किसी रेडिएशन लीक की खबर नहीं है। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइलें दागीं।
डिमोना में, जहां इजरायल का परमाणु केंद्र है, एक इमारत पर सीधा मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह समुद्री रास्ता खुल भी जाता है, तो भी वहां सुरक्षा के लिहाज से पुरानी स्थिति बहाल होने में कई महीने लग सकते हैं क्योंकि समुद्र में अभी भी कई बारूदी सुरंगें और न फटने वाले बम हो सकते हैं।
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