Pakistan 1971 Genocide in Bangladesh: पाकिस्तान की ऐतिहासिक गुस्ताखियां अब उसका पीछा कर रही हैं. 1971 में उसने बांग्लादेश में अत्याचार का ऐसा तांडव मचाया था, जिसकी वजह से लगभग 30 लाख लोग मारे गए. इनमें हिदुओं को भी बड़ी संख्या में निशाना बनाया गया. अब अमेरकी कांग्रेस में इस पाकिस्तानी कार्रवाई को नरसंहार और युद्ध अपराध घोषित करने की मांग उठी है.
Coal Imports : इस वित्त वर्ष (Financial Year) के अप्रैल से जनवरी तक देश का कोयला इम्पोर्ट 4.2% घटकर 21.31 करोड़ टन रह गया है. समुद्री रास्ते से ढुलाई महंगी होने की वजह से आगे भी कोयला इम्पोर्ट कमजोर रहने की उम्मीद है.
Pakistan Super league: पाकिस्तान सुपर लीग 2026 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने घोषणा की है कि इस बार टूर्नामेंट तय समय यानी 26 मार्च से शुरू होगा, लेकिन शुरुआती मैच बिना दर्शकों के खेले जाएंगे। यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के चलते लिया गया। इसके अलावा पाकिस्तान का तालिबान से चल रहा संघर्ष भी इसकी एक वजह है।
पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पीएसएल पाकिस्तान की शान है और इसे किसी भी हाल में रद्द नहीं किया जाएगा। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए स्टेडियम में दर्शकों की एंट्री पर रोक लगाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार लीग को सिर्फ दो शहरों, कराची और लाहौर तक सीमित रखा गया है।
बंद दरवाजे के पीछे होगा पीएसएल नकवी ने साफ किया कि यह फैसला सुरक्षा कारणों से नहीं, बल्कि सरकार द्वारा लागू किए गए खर्च में कटौती के तहत लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विदेशी खिलाड़ी पाकिस्तान पहुंचना शुरू कर चुके हैं और टूर्नामेंट सुचारु रूप से आयोजित होगा।
पीएसएल का ओपनिंग सेरेमनी नहीं होगी इस बार पाकिस्तान सुपर लीग का उद्घाटन समारोह भी रद्द कर दिया गया है, जो आमतौर पर काफी भव्य होता है। बोर्ड ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अनावश्यक खर्च से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
दर्शकों की गैरमौजूदगी से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए पीसीबी ने खास योजना बनाई है। बोर्ड आठों फ्रेंचाइजियों को अनुमानित गेट मनी देने की कोशिश करेगा, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। पहले से तय शहरों- फैसलाबाद, रावलपिंडी, पेशावर और मुल्तान- में मैच न होने के बावजूद फ्रेंचाइजियों को मुआवजा देने की बात कही गई है।
पीएसएल के सीईओ सलमान नसीर भी इस दौरान मौजूद रहे और उन्होंने कहा कि लीग लगातार आगे बढ़ रही है और इसका स्तर बेहतर हो रहा है। नकवी ने यह भी बताया कि कुछ खिलाड़ियों द्वारा पीएसएल छोड़कर आईपीएल में शामिल होने के मामलों को पीसीबी का लीगल विभाग देखेगा और जरूरी कार्रवाई करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई शीर्ष स्तर के खिलाड़ी PSL से जुड़ रहे हैं, जो इस लीग की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
कुल मिलाकर, पीएसएल 2026 ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर है। ऐसे में बिना दर्शकों के मैच कराने का फैसला असामान्य जरूर है, लेकिन PCB इसे लीग को जारी रखने के लिए जरूरी कदम मान रहा है। अब देखना होगा कि यह टूर्नामेंट मैदान पर कितना सफल रहता है और खिलाड़ियों के प्रदर्शन से फैंस का मनोरंजन कितना हो पाता है।