इजरायल के न्यूक्लियर सिटी अराद और डिमोना पर ईरान का बड़ा मिसाइल हमला, 100 से ज्यादा घायल, 11 की हालत गंभीर
तेल अवीव, 22 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल के दक्षिणी शहरों में न्यूक्लियर सिटी डिमोना के साथ अराद में ईरान ने बड़ा मिसाइल अटैक किया है। शनिवार को दक्षिणी शहरों डिमोना और अराद में ईरानी हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में से 11 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इजरायली मीडिया के अनुसार, ईरान की ओर से किए गए ताबड़तोड़ हमले में इजरायली एयर डिफेंस कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहा।
हमलों के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने इजरायल के दुश्मनों से सभी मोर्चों पर लड़ते रहने का वादा किया।
इजरायली मीडिया टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, दक्षिण में हुए हमलों में गंभीर रूप से घायल लोगों में डिमोना में हुए हमले के कारण छर्रे लगने से घायल एक 12 साल का लड़का और अराद में हुए अगले हमले में घायल एक 5 साल की लड़की शामिल हैं। शनिवार को डिमोना इलाके में ईरान ने कई हमले किए।
वहीं ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि ये हमले इजरायल की न्यूक्लियर रिसर्च फैसिलिटी को टारगेट कर रहे थे, जो डिमोना से लगभग 10 किलोमीटर (छह मील) और अराद से 30 किलोमीटर (18.5 मील) दूर है। अमेरिका और इजरायल शुरू से ही ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हमले कर रहे हैं। ऐसे में इजरायल के परमाणु केंद्रों पर ताजा मिसाइल हमले को ईरान की तरफ से बदले के रूप में देखा जा रहा है।
शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को इजरायल के लंबे समय से संदेह वाले परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए अहम माना जाता है, जिसके होने की बात यरूशलम पॉलिसी के तौर पर न तो पुष्टि करती है और न ही मना करती है।
वहीं इजरायल के मैगन डेविड एडोम इमरजेंसी सर्विस ने बताया कि डिमोना स्ट्राइक में गंभीर हालत में बताए गए लड़के के अलावा, 30 साल की एक महिला कांच के टुकड़ों से मामूली रूप से घायल हो गई और शहर में 31 और लोगों को हल्की चोटों का इलाज किया गया। चोटें ज्यादातर छर्रों से या शेल्टर की तलाश में भागते समय लगी थीं। 14 और लोगों का एक्यूट एंग्जायटी का इलाज किया गया।
एमडीए पैरामेडिक कार्मेल कोहेन ने एक बयान में कहा, “मौके पर बहुत ज्यादा नुकसान हुआ और अफरा-तफरी मच गई।” बीर्शेबा के सोरोका मेडिकल सेंटर ने कहा कि हमले में घायल हुए सात लोगों को और मेडिकल इलाज के लिए भर्ती किया गया, जिनमें गंभीर रूप से घायल 12 साल का बच्चा भी शामिल था। बच्चे का इलाज ट्रॉमा रूम में किया जा रहा था। बाकी छह लोगों का इलाज सर्जिकल इमरजेंसी रूम में किया जा रहा था।
डिमोना में हुए हमले के कुछ घंटों बाद, पास के अराद में भी तबाही का ऐसा ही मंजर देखने को मिला। अराद में एक बैलिस्टिक मिसाइल के टकराने से कई इमारतों को नुकसान हुआ।
एमडीए ने कहा कि उसकी मेडिकल टीमों ने हमले वाली जगह पर 71 लोगों का इलाज किया और फिर उन्हें हॉस्पिटल भेजा गया। इनमें से 10 लोग गंभीर रूप से घायल थे, उनमें एक 5 साल की बच्ची भी थी। 13 और लोगों की हालत ठीक बताई गई, जबकि 48 लोगों को हल्की चोटें आईं। चार और लोगों का इलाज किया गया और उन्हें भी हॉस्पिटल ले जाया गया।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
इजयरायल में डिमोना के पास मिसाइल दुर्घटना के बाद विकिरण के खतरे की आशंका नहीं, परमाणु स्थलों के पास सावधानी बरतने का किया आग्रह
वियना, 22 मार्च (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की है कि वह डिमोना में मिसाइल घटना की खबरों पर करीबी नजर रख रही है। इज़रायल के संवेदनशील परमाणु अनुसंधान ढांचे में किसी भी तरह का नुकसान नहीं पाया गया है।
एजेंसी ने सोशल साइट एक्स पर दिए बयान में कहा कि उसे शहर में मिसाइल के प्रभाव से जुड़ी रिपोर्टों की जानकारी है लेकिन उसे “नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को किसी नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है।” यह केंद्र व्यापक रूप से इज़रायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा माना जाता है।
आईएईए ने बताया कि क्षेत्रीय देशों से मिली जानकारी के अनुसार घटना के बाद किसी भी असामान्य विकिरण स्तर का पता नहीं चला है। महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने “अधिकतम सैन्य संयम” बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। खासकर परमाणु सुविधाओं के आसपास ताकि ऐसी किसी भी स्थिति से बचा जा सके जो परमाणु सुरक्षा संकट का कारण बन सकती है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान में परमाणु ढांचे पर नए हमलों की खबरें सामने आई हैं।
आईएईए ने शनिवार को पहले कहा था कि उसे ईरानी अधिकारियों द्वारा नतांज परमाणु सुविधा पर हमले की जानकारी दी गई है। एजेंसी ने पुष्टि की है कि वह स्थिति की जांच कर रही है और उसे बाहरी क्षेत्रों में विकिरण स्तर बढ़ने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
ग्रोसी ने एक बार फिर संयम बरतने की अपील दोहराई और चेतावनी दी कि परमाणु स्थलों के पास जारी सैन्य कार्रवाइयों से गंभीर और संभावित रूप से अपरिवर्तनीय परिणाम हो सकते हैं।
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के अनुसार दिन में पहले नतांज यूरेनियम संवर्धन सुविधा पर हुए हमले के लिए अमेरिका और इज़राइल जिम्मेदार थे। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ है और आसपास रहने वाले लोग खतरे में नहीं हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए कथित अमेरिका-इज़राइल संयुक्त अभियान के बाद से ईरान की परमाणु सुविधाओं को बार-बार निशाना बनाया गया है।
सप्ताह की शुरुआत में फारस की खाड़ी तट पर बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास भी हमलों की खबरें आई थीं। ईरानी अधिकारियों ने इसे परमाणु से जुड़े स्थलों पर तीसरी ऐसी घटना बताया, इससे पहले नतांज और इस्फहान पर हमले हो चुके हैं।
तेहरान ने आईएईए से इन कार्रवाइयों की कड़ी निंदा करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि परमाणु ढांचे के पास लगातार हमले “बहुत गंभीर और चिंताजनक स्थिति” पैदा कर सकते हैं, जिसके वैश्विक प्रभाव हो सकते हैं।
--आईएएनएस
पीएम
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