Responsive Scrollable Menu

H1N1 Cases in Delhi: राजधानी में तेजी से पैर पसार रहा स्वाइन फ्लू! क्या है यह वायरस, जानें इसके लक्षण व बचाव

H1N1 Cases in Delhi: जैसे-जैसे दिल्ली में मानसून की एंट्री हो रही है, वैसे-वैसे बीमारियों का भी खतरा बढ़ रहा है. बारिश के इस मौसम में राज्य में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो राजधानी में अब तक 2 मरीजों की इस फ्लू से मौत हो चुकी है. ऐसे में दिल्ली का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. मगर दिल्ली सरकार की ओर से किसी भी मरीज की मौत की पुष्टी नहीं हुई है. हेल्थ मिनिस्टर डॉक्टर पंकज सिंह ने कहा कि बारिश का मौसम शुरू होते ही सरकार एक्टिव मोड पर काम करने लगी है. सरकारी अस्पतालों को भी मरीजो के लिए तैयार किया गया है. ज्यादा बैड्स भी लगाए गए हैं. डेंगु के लक्षण लेकर आने वाले सभी मरीजों को त्वरित जांच और इलाज उपलब्ध करवाया जाएगा. मेडिकल स्टाफ पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है. हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है जब स्वाइन फ्लू दिल्ली में फैला हो, पहले भी कई बार राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू फैल चुका है. ऐसे में आपको इस बीमारी के बारे में जरूर जानना चाहिए. 

क्या है स्वाइन फ्लू? (What is Swine Flu)

स्वाइन फ्लू यानी कि  H1N1 वायरस. यह एक संक्रामक बीमारी है, जो फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी हुई है. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पहले यह बीमारी सूअरों में पाई जाती थीं लेकिन अब इंसानों में भी इसके मिलते-जुलते वायरस पाए जाने लगे. इंसानों के बीच अब यह वायरस कॉमन है. इतना ही नहीं यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में तुरंत और बहुत आसानी से फैल जाती है.

ये भी पढ़ें- Monsoon Health Tips: बरसात के साथ बीमारियों का विस्फोट, डेंगू-मलेरिया से बचने के लिए डॉक्टर ने दी सलाह

2009 में इसे महामारी घोषित किया गया

क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के अनुसार, h1n1 वायरस को अप्रैल वर्ष 2009 में शोधकर्ताओं ने H1N1 के एक नए प्रकार की खोज की थी. उन्होंने इसे सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में पाया था. यह वायरस अमेरिका और दुनिया भर में तेजी से फैल गया था. डॉक्टरों का कहना है कि युवाओं का शरीर अब भी इस वायरस को इम्यून नहीं हुआ है. इसलिए, इस वायरस को महामारी घोषित किया गया था.

स्वाइन फ्लू के लक्षण (Symptoms of Swine Flu)

  • बुखार
  • मांसपेशियों में दर्द
  • ठंड लगना और पसीना आना
  • खांसी होना
  • गले में खराश
  • बंद नाक
  • नाक बहना
  • आंखों में दर्द
  • पूरे शरीर में दर्द
  • आंखों से पानी आना और लाल होना
  • थकान और कमजोरी
  • दस्त

डॉक्टर को कब दिखाएं?

आमतौर पर लोग दवाएं लेने और आराम करने से ठीक हो जाते हैं लेकिन कई बार मरीज की स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है जिस वजह से डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो जाता है. यदि ऐसे लक्षण दिखे तो तुरंत मेडिकल हेल्प लेने की जरूरत है.

  1. सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना
  2. सीने में दर्द
  3. शरीर में पानी की कमी होना
  4. पेशाब न आना
  5. चक्कर आना
  6. दौरे पड़ना
  7. पहले से मौजूद बीमारियों का बढ़ जाना
  8. बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करना
  9. मांसपेशियों में दर्द होना

कैसे फैलता है h1n1 वायरस?

स्वाइन फ्लू में आपकी नाक, गले और लंग्स की अंदरुनी परत वाली सेल्स संक्रमित होने लगती हैं. यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या फिर झूठा खाने से फैल सकता है. यदि एक संक्रमित व्यक्ति छींकता है तो हवा में उसकी बूंदे रह जाती है. ये दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकती है और सांसों के जरिए शरीर के अंदर वायरस प्रवेश कर जाता है. किसी संक्रमित मरीज ने कोई टेबल, बॉटल आदि जैसी चीजें छूई हैं तो उसकी सतह से भी संक्रमण हो सकता है.

कैसे करें इस वायरस से बचाव?

  • फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
  • संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचे.
  • घर से बाहर मास्क का प्रयोग जरूर करें.
  • अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ करने के बाद भोजन करें.
  • सेनिटाइजर साथ रखें.
  • इंफेक्शन से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाएं
  • संक्रमितों के संपर्क में न आएं.

ये भी पढ़ें-Chandipur Virus Alert in Gujarat: गुजरात में चांदीपुरा वायरस का बढ़ता खतरा, 22 बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग का हाई अलर्ट

Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

 

Continue reading on the app

विराट कोहली नहीं इस खिलाड़ी को मानिए रोल मॉडल, जल्दी नाम के आगे लगने वाला है डॉक्टर, किट-बैग में बैट कम डिग्रियां ज्यादा

व्यंकटेश अय्यर ऑफ-द-फील्ड एक 'एकेडमिक पावरहाउस' है.  हर भारतीय माता-पिता अपने बच्चे में जिस 'आदर्श' की छवि देखते हैं, व्यंकटेश उसका जीता-जागता उदाहरण हैं. खेल में करोड़ों के कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने के बाद भी पढ़ाई के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ है और वे बहुत जल्द अपने नाम के आगे 'डॉक्टर' लगाने वाले हैं.

Continue reading on the app

  Sports

अजित आगरकर के कार्यकाल पर बोले Wasim Jaffer, नतीजों के दम पर Chief Selector को बताया पूरी तरह सफल

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजित आगरकर का कार्यकाल एक बार फिर चर्चा में है। हाल के महीनों में टीम चयन को लेकर कई सवाल उठे हैं, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि अगर केवल नतीजों के आधार पर देखा जाए तो आगरकर का कार्यकाल सफल माना जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ियों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ और चयन प्रक्रिया में जो फैसले लिए गए, उन पर बहस होना स्वाभाविक है।

बता दें कि अजित आगरकर को जुलाई 2023 में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने मुख्य चयनकर्ता बनाया था। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने एकदिवसीय प्रारूप के विश्व कप का फाइनल खेला, एशिया कप जीता, चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की और लगातार दो बार बीस ओवर विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम को कुछ बड़े झटके भी झेलने पड़े हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, आगरकर का कार्यकाल जून 2026 में समाप्त होना था, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें तीन महीने का विस्तार दिया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें आगे भी जिम्मेदारी मिलती है या नहीं।

अपने वीडियो में वसीम जाफर ने कहा कि किसी भी चयनकर्ता का मूल्यांकन अंत में टीम के प्रदर्शन और परिणामों के आधार पर किया जाता है। उनके अनुसार, भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े खिताब जीते हैं, इसलिए इस नजरिए से आगरकर का कार्यकाल सफल कहा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ खिलाड़ियों को लेकर लिए गए फैसलों ने सवाल जरूर खड़े किए हैं।

जाफर ने विशेष रूप से मोहम्मद शमी, सरफराज खान, अभिमन्यु ईश्वरन और औकिब नबी का जिक्र किया। उनका कहना था कि इन खिलाड़ियों के चयन और बाहर किए जाने को लेकर कई बार स्पष्टता नहीं दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जब किसी खिलाड़ी को मौका नहीं मिलता या अचानक टीम में शामिल किया जाता है, तो उसके पीछे की वजह साफ होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों का भरोसा भी बना रहता है और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल कम उठते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में औकिब नबी को भारतीय टीम में स्थान मिला, जबकि इससे पहले उन्हें नजरअंदाज किया गया था। इसी तरह मोहम्मद शमी और सरफराज खान को लेकर भी लगातार चर्चाएं होती रही हैं। जाफर का मानना है कि इन मामलों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों को अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट संदेश मिल सके।

वसीम जाफर ने भारतीय टीम की सफलता का बड़ा श्रेय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी दिया। उन्होंने कहा कि जब बुमराह टीम में होते हैं तो विरोधी टीम पर लगातार दबाव बना रहता है। वहीं जब वह किसी कारण से नहीं खेलते, तब भारतीय गेंदबाजी साधारण नजर आती है। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के दौरान भी यह अंतर साफ दिखाई दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि चयन समिति में सभी सदस्य मिलकर फैसला लेते हैं। हालांकि मुख्य चयनकर्ता की राय महत्वपूर्ण होती है, लेकिन किसी खिलाड़ी के चयन पर सामूहिक चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है। जाफर का मानना है कि उपलब्धियों के आधार पर आगरकर का कार्यकाल सफल जरूर रहा है, लेकिन भविष्य में चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा स्पष्ट बनाने की जरूरत भी बनी हुई हैं।
Fri, 07 Aug 2026 19:59:44 +0530

  Videos
See all

CJP Exposed: ''CJP ने देश के युवाओं का ठेका उठा लिया,पर भलाई से मतलब नहीं'' | AAP | BJP | CJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-07T15:14:26+00:00

Prayagraj News: अतीक अहमद के बेटे अबान की कब्र खोदते परिजन, सामने आया दिल दहला देने वाला VIDEO #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-07T15:17:13+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers