विराट कोहली नहीं इस खिलाड़ी को मानिए रोल मॉडल, जल्दी नाम के आगे लगने वाला है डॉक्टर, किट-बैग में बैट कम डिग्रियां ज्यादा
व्यंकटेश अय्यर ऑफ-द-फील्ड एक 'एकेडमिक पावरहाउस' है. हर भारतीय माता-पिता अपने बच्चे में जिस 'आदर्श' की छवि देखते हैं, व्यंकटेश उसका जीता-जागता उदाहरण हैं. खेल में करोड़ों के कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने के बाद भी पढ़ाई के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ है और वे बहुत जल्द अपने नाम के आगे 'डॉक्टर' लगाने वाले हैं.
गुजरात सरकार का हथकरघा कारीगरों को बड़ा प्रोत्साहन, CM ने खरीदे स्थानीय उत्पाद
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सीएम भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित गरवी गुर्जरी पहुंचकर स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हथकरघा उत्पादों की खरीदारी की. इस पहल के माध्यम से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत समर्थन देने का संदेश दिया.
मुख्यमंत्री ने गरवी गुर्जरी में उपलब्ध विभिन्न हैंडलूम उत्पादों का अवलोकन किया और वहां कार्यरत कर्मचारियों से उत्पादों की विशेषताओं तथा उनकी निर्माण प्रक्रिया की जानकारी भी ली. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देना न केवल भारत की समृद्ध हस्तशिल्प और बुनाई परंपरा को संरक्षित करता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है.
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नागरिकों की सीएम से अपील
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी अपील की कि वे अधिक से अधिक हथकरघा उत्पाद खरीदकर स्थानीय बुनकरों और कारीगरों का समर्थन करें. इससे उनकी आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पारंपरिक कला को नई पहचान मिलेगी.
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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रत्येक वर्ष 7 अगस्त को मनाया जाता है. इसकी शुरुआत वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में की थी. इस दिन का उद्देश्य देश के लाखों बुनकरों और कारीगरों के योगदान का सम्मान करना तथा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना है.
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कौन-कौन रहे उपस्थित
गुजरात सरकार लगातार हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए बाजार उपलब्ध कराने, पारंपरिक शिल्प को संरक्षित करने और कारीगरों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है. इस अवसर पर मुख्य सचिव एम.के. दास और गुजरात राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक अर्द्रा अग्रवाल भी उपस्थित रहीं.
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