यूएन महासचिव की अपील: नस्लवाद को मिटाने के लिए दुनिया आए एक साथ
संयुक्त राष्ट्र, 22 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दुनिया भर में बढ़ते नस्लवाद को लेकर चिंता जताई है और इसे खत्म करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नस्लवाद एक पुरानी बुराई है, जो आज भी हर समाज, हर देश और हर क्षेत्र में मौजूद है।
21 मार्च को हर साल मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय नस्लीय भेदभाव उन्मूलन दिवस’ के मौके पर अपने संदेश में गुटेरेस ने कहा कि नस्लवाद की जड़ें उपनिवेशवाद, गुलामी और दमन के इतिहास में हैं। यही कारण है कि आज भी दुनिया में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक असमानता, भेदभावपूर्ण नीतियां और कई संघर्ष देखने को मिलते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि आज के समय में डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए भी नफरत तेजी से फैल रही है। सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर नफरत भरी भाषा, झूठी बातें और गलत धारणाएं फैलती हैं, जो कई बार वास्तविक हिंसा और दुर्व्यवहार का रूप ले लेती हैं।
गुटेरेस ने कहा कि इसका सबसे बड़ा समाधान एकता और ठोस कार्रवाई है। उन्होंने सभी सरकारों, संस्थाओं, कंपनियों और समाज के लोगों से मिलकर काम करने की अपील की, ताकि हर व्यक्ति को सम्मान, न्याय, समानता और मानवाधिकार मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी देशों को नस्लीय भेदभाव खत्म करने से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों को पूरी तरह लागू करना चाहिए और ‘डरबन घोषणा और कार्य योजना’ के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए, जो नस्लवाद और इससे जुड़े भेदभाव को खत्म करने के लिए ठोस कदम सुझाती है। ‘डरबन घोषणा और कार्य योजना’ को अब 25 साल पूरे हो रहे हैं। इसमें नस्लवाद, नस्लीय भेदभाव, जेनोफोबिया (विदेशियों के प्रति नफ़रत) और संबंधित असहिष्णुता को समाप्त करने के लिए ठोस कदम शामिल हैं।
गुटेरेस ने अंत में कहा कि हमें हर दिन नस्लवाद के खिलाफ खड़ा होना होगा। हमें दुनिया के हर व्यक्ति के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करनी है और इस बुराई को जड़ से खत्म करना है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साल 1966 में इस दिवस की शुरुआत की थी, ताकि नस्लीय भेदभाव के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा सके और पूरी दुनिया में इसके खिलाफ कार्रवाई को प्रोत्साहित किया जा सके।
--आईएएनएस
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'अगर अगले 48 घंटों में नहीं खोला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज तो...' अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी
US-Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग अभी भी जारी है. आज इस जंग का 23वां दिन है. अमेरिका और इजरायल ईरान पर जमकर हमले कर रहे हैं, लेकिन ईरान पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा. शनिवार को ईरान ने इजरायल के महत्वपूर्ण दक्षिणी शहर डिमोना को निशाना बनाया. ईरान ने इजरायल के परमाणु ठिकानों पर मिसाइल हमला किया. जिसमें कई लोग घायल हो गए. इजरायल ने कहा कि यह मिसाइल हमला उस इलाके में किया गया है जहां देश का परमाणु संयंत्र स्थित है. इजरायल डिफेंस फोर्स ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान ने शनिवार को इजरायल के अराद और डिमोना शहर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया. इस बीच अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान समाने आया है.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या बोले ट्रंप?
बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को अचानक से ईरान पर हमला किया था. उसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया. इसी रास्ते से दुनियाभर की कुल तेल सप्लाई का करीब 20-25 फीसदी तेल गुजरता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मूज बंद होने की वजह से दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर होर्मुज जलडरमरूमध्य को खोलने का दवाब बना रहे हैं. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वे 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोलते हैं, तो अमेरिका उनके कई बिजली संयंत्रों पर हमला करके उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर देगा. ट्रंप ने कहा है कि इसकी शुरुआत ईरान के सबसे बड़े संयंत्र से होगी.
US President Donald Trump posts on Truth Social, "If Iran doesn’t FULLY OPEN, WITHOUT THREAT, the Strait of Hormuz, within 48 HOURS from this exact point in time, the United States of America will hit and obliterate their various POWER PLANTS, STARTING WITH THE BIGGEST ONE FIRST!… pic.twitter.com/OF1lHLtU1b
— ANI (@ANI) March 22, 2026
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किया पोस्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर रविवार तड़के एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने ईरान से उस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खोलने का आग्रह किया, जिसे अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर हमले और उसके जवाबी हमलों के बाद से ईरानी सेना ने पूरी तरह से अवरुद्ध कर रखा है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि, "यदि ईरान इस समय से ठीक 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके विभिन्न बिजली संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद."
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दे चुका है ईरान
वहीं ईरान ने भी पिछले दिनों धमकी दी कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाएगा. जिसके चलते तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है. ट्रंप की ये धमकी ऐसे समय में आई है जब उन्होंने शुक्रवार को संकेत दिया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को स्थिर किए बिना भी मौजूदा संघर्ष से पीछे हट सकता है. होर्मुज जलडमरूमध्य वह जलमार्ग है जिससे होकर दुनिया के तेल की आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.
ट्रंप ने पहले कहा था कि, "होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और निगरानी, इसका उपयोग करने वाले अन्य देशों द्वारा की जानी चाहिए. संयुक्त राज्य अमेरिका इसका उपयोग नहीं करता है!" इसी बीच, ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में घोषणा की कि वह शुक्रवार तक जहाजों पर लादे जा चुके ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा रहा है. वित्तीय मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि, इस छूट से वैश्विक बाजारों में लगभग 14 करोड़ बैरल तेल आएगा और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी.
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