कृषि उत्पादन कार्य पर चीनी उप प्रधानमंत्री के निर्देश
बीजिंग, 21 मार्च (आईएएनएस)। चीन में वसंत ऋतु से जुड़ा कृषि उत्पादन कार्य सम्मेलन 20 मार्च को हनान प्रांत के चोखो शहर में आयोजित किया गया। चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने हाल में महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि यह वर्ष 15वीं पंचवर्षीय योजना का पहला वर्ष है, इसलिए कृषि, ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों से जुड़े कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाना तथा पूरे वर्ष अनाज और कृषि फसलों का उत्पादन सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के सरकारी विभागों को प्रमुख कृषि उत्पादों की स्थिर और सुरक्षित आपूर्ति बनाए रखनी होगी, ताकि 15वीं पंचवर्षीय योजना के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
कार्य सम्मेलन में चीनी उप प्रधानमंत्री ल्यो क्वोचोंग ने संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन से जुड़े कार्यों को पूरी निष्ठा और परिश्रम के साथ संपन्न करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सहायक नीतियों को प्रभावी रूप से लागू करते हुए अनाज की बुवाई के क्षेत्र को स्थिर रखना आवश्यक है, साथ ही कृषि आपूर्ति की स्थिरता को और सुदृढ़ करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण पुनरुत्थान को आगे बढ़ाते समय किसान श्रमिकों के रोजगार को स्थिर बनाए रखना भी एक महत्वपूर्ण दायित्व है।
बताया जाता है कि इस कार्य सम्मेलन से पहले ल्यो क्वोचोंग ने हनान प्रांत के श्यूछांग और चोखो शहर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शीतकालीन गेहूं की फसल की स्थिति, उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनाई जा रही तकनीकों, कृषि मशीनरी की सेवा व्यवस्था तथा कृषि आपूर्ति की स्थिति का विस्तृत सर्वेक्षण किया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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2026 तक चार शहरों में पीईटी स्कैन सुविधा शुरू की जाएगी, कैंसर इलाज तक पहुंच मजबूत होगी: भगवंत सिंह मान
‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्वास्थ्य क्षेत्र का चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. इससे पहले कृषि और सिंचाई क्षेत्रों में ‘आप’ सरकार के कार्यों का विवरण दिया गया था. ‘शर्तों वाली’ आयुष्मान भारत योजना और ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को एक सार्वभौमिक और सुलभ स्वास्थ्य मॉडल बताया और जोर देकर कहा कि फर्क इरादे और क्रियान्वयन में है.
अफवाह फैलाने वाले पंजाब को स्वस्थ नहीं देखना
डेटा-आधारित परिणाम प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है. बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी से लेकर एक ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जिस पर लोग भरोसा करते हैं और सक्रिय रूप से उसका उपयोग कर रहे हैं. गलत जानकारी फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में अफवाह फैलाने वाले पंजाब को स्वस्थ नहीं देखना चाहते.
कैशलेस इलाज प्रदान करती है
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी के कल्याण के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य योजना है और इसके बारे में अफवाह फैलाने वाले पंजाब के हित में नहीं हैं.” उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने यह योजना खासकर कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण इलाज तक सीधी पहुंच देने के उद्देश्य से शुरू की है. उन्होंने आगे कहा, “यह देश की अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है.”
आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो रहा
इसे गर्व की बात बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ऐसा पहला भारतीय राज्य है जो व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होने के साथ-साथ जनता पर आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो रहा है.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि इस योजना का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और सभी नागरिकों को सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों या आधार अथवा वोटर कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर स्वास्थ्य कार्ड जारी करते हुए सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा, “इस योजना को व्यापक समर्थन मिला है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे उन परिवारों को काफी राहत मिली है जिन्हें इलाज पर भारी खर्च करना पड़ता था.”
2600 बीमारियों का इलाज किया जा रहा है
अफवाहों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि लोग ऐसी सुविधाओं का लाभ उठाएं, इस योजना के बारे में गलत जानकारी फैला रही हैं. ऐसे तत्वों का उद्देश्य लोगों को इसके लाभ से वंचित करना है, जो अनुचित है.” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने इस योजना के तहत अधिकांश निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है, जहां सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर लगभग 2600 बीमारियों का इलाज किया जा रहा है.
केंद्र की आयुष्मान योजना से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना लोगों के लिए वरदान है, जबकि आयुष्मान केवल दिखावा है.” उन्होंने स्पष्ट किया कि “केंद्र ने 140 करोड़ की आबादी के लिए केवल 9300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जबकि पंजाब ने मात्र 3 करोड़ लोगों के लिए 2000 करोड़ रुपए निर्धारित किए हैं. इसका अर्थ है कि पंजाब प्रति व्यक्ति लगभग दस गुना अधिक खर्च कर रहा है. आयुष्मान के विपरीत हमारी योजना में कोई शर्त नहीं है.”
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