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सुखबीर बादल की PM मोदी से मुलाकात, 2027 पंजाब चुनाव से पहले BJP-अकाली दल गठबंधन की अटकलें तेज

Sukhbir Badal PM Modi meeting: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कामकाज को लेकर चर्चा हुई। गौरतलब है कि पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

इस मुलाकात को लेकर न तो सुखबीर बादल की ओर से और न ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। हालांकि इस मुलाकात ने एक बार फिर इन अटकलों को हवा दे दी है कि अकाली दल एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में वापसी कर सकता है।

अकाली दल-बीजेपी गठबंधन का इतिहास
अकाली दल और बीजेपी लंबे समय तक एक-दूसरे के भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं, लेकिन सितंबर 2020 में तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर मतभेदों के चलते दोनों दलों के रास्ते अलग हो गए थे। बाद में केंद्र सरकार ने इन कानूनों को वापस भी ले लिया था। दोनों पार्टियां छह लोकसभा चुनावों (1998, 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019) और पांच पंजाब विधानसभा चुनावों (1997, 2002, 2007, 2012 और 2017) में साथ मिलकर चुनाव लड़ चुकी हैं।

2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में, जब दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था, अकाली दल को अपने राजनीतिक इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन झेलना पड़ा और पार्टी सिर्फ तीन सीटें ही जीत सकी। वहीं बीजेपी भी महज दो सीटों तक सिमट गई थी।

इसके उलट 2017 के चुनाव में, जब दोनों दल गठबंधन में साथ थे, अकाली दल ने 15 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को तीन सीटों पर जीत मिली थी।

2024 लोकसभा चुनाव में भी उठी थी गठबंधन की चर्चा
हाल के दिनों में लगातार ऐसी खबरें सामने आती रही हैं कि दोनों पार्टियां फिर से हाथ मिला सकती हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं, लेकिन यह गठबंधन सिरे नहीं चढ़ सका। नतीजतन, उस चुनाव में अकाली दल पंजाब में सिर्फ एक सीट ही जीत पाई थी, जबकि भगवा पार्टी राज्य में अपना खाता तक नहीं खोल सकी थी।

जालंधर रैली में मोदी की टिप्पणी और बादल की सफाई
इसी साल जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी ने जालंधर में एक रैली को संबोधित करते हुए AAP, कांग्रेस और अकाली दल पर निशाना साधा था। हालांकि इसके बाद सुखबीर बादल ने प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा था कि मोदी ने उनकी पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि अकाली दल के एक अन्य धड़े के खिलाफ बयान दिया था। इस सफाई ने राजनीतिक विश्लेषकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि पूर्व सहयोगी दल एक बार फिर गठबंधन में दिलचस्पी रखते हैं।

बादल के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने असल में शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के खिलाफ टिप्पणी की थी, जो मूल अकाली दल से अलग हुआ एक धड़ा है।

अगले साल कई राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के साथ-साथ विधानसभा चुनाव होने हैं। गौरतलब है कि 2022 के पिछले चुनाव में AAP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 117 में से 92 सीटें अपने नाम की थीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 18 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था।

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AISA Assembly March: AISA के मार्च के दौरान रांची में जमकर हंगामा, नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही!

झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को आंदोलन के 14वें दिन छात्रों के समर्थन में उतरी AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) के विधानसभा मार्च के दौरान माहौल उस वक्त पूरी तरह गर्मा गया, जब विरोध प्रदर्शन के बीच AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की बात सामने आई।

​AISA का मार्च और स्याही कांड 
​छात्रों के समर्थन में रांची पहुंचीं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने इससे पहले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की थी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत AISA ने झारखंड विधानसभा तक मार्च निकाला। इसी मार्च और हंगामे के दौरान नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह स्याही किसने फेंकी और इस घटना के पीछे की मुख्य वजह क्या थी।

​सड़क से सदन तक गूंजा मामला 
​परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर छात्र पिछले दो हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को विधानसभा सत्र के दौरान भी इस मुद्दे का असर देखने को मिला, जहां हंगामे के कारण प्रश्नकाल प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी छात्र राज्य सरकार की मौजूदा जांच से नाखुश हैं और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

​मुख्यमंत्री से वार्ता की तैयारी और बिगड़ती सेहत​एक तरफ जहां सड़क पर प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी तरफ 'अभ्यर्थी न्याय मंच' ने मुख्यमंत्री के साथ बातचीत का रास्ता भी निकाला है। मंच ने सीएम के साथ चर्चा के लिए सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के नाम घोषित किए हैं, जिसमें रामावतार महतो, दीनबंधु मंडल, चंदन कुमार, रवि शंकर, प्रेम कुमार, अमित कुमार और विमल कुमार शामिल हैं. दूसरी ओर, लगातार भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों में से एक की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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  Sports

Ind vs Sl: अजिंक्य रहाणे ने दिया भारतीय बल्लेबाजों को 'रनमंत्र', बताया श्रीलंका के स्पिनर्स पर काबू पाने का रास्ता

rahane suggestion to indian batter: रहाणे, जिन्होंने हाल ही में अपनी रिटायरमेंट की घोषणा की, ने ईटीपीएल द्वारा सुगम एक साक्षात्कार में बताया, "मुझे लगता है कि श्रीलंका में, पहले दिन की पिच आमतौर पर बहुत अच्छी होती है. लेकिन एक बल्लेबाज के रूप में गेंदबाज से ऊपर रहना बहुत महत्वपूर्ण है. मैंने श्रीलंका में यही सीखा है. आप बहुत रक्षात्मक नहीं हो सकते. Fri, 7 Aug 2026 17:22:26 +0530

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