Responsive Scrollable Menu

इस एक्ट्रेस ने अपने होने वाले ‘ससुर’ को किया था किस, फिर शादीशुदा प्रोड्यूसर संग बसाया घर

Rani Mukerji Birthday: बॉलीवुड की चमक-दमक जितनी आकर्षक दिखती है, उसके पीछे का संघर्ष उतना ही कठिन होता है. यहां कलाकारों को सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, बल्कि उनके रंग, कद, आवाज और व्यक्तित्व के आधार पर भी परखा जाता है. ऐसे माहौल में बहुत कम लोग होते हैं जो हर आलोचना को अपनी ताकत में बदल पाते हैं. रानी मुखर्जी उन्हीं चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने रिजेक्शन से लेकर सुपरस्टार बनने तक का लंबा और प्रेरणादायक सफर तय किया.

47 साल की हुईं रानी मुखर्जी

21 मार्च 1978 को मुंबई में एक बंगाली परिवार में जन्मीं रानी मुखर्जी बचपन से ही फिल्मी माहौल में पली-बढ़ीं. उनके पिता राम मुखर्जी एक जाने-माने फिल्म निर्देशक थे, जबकि उनकी मां कृष्णा मुखर्जी एक प्लेबैक सिंगर थीं. रानी ने अपने करियर की शुरुआत 1996 में बंगाली फिल्म बियेर फूल से की. इसके बाद 1997 में राजा की आएगी बारात से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा. हालांकि उनकी शुरुआत आसान नहीं रही, लेकिन उनके अंदर कुछ अलग करने का जज्बा साफ नजर आता था.

जब कद, रंग और आवाज बन गए बाधा

फिल्मी परिवार से होने के बावजूद रानी को इंडस्ट्री में कई बार रिजेक्शन झेलना पड़ा. उनका कद छोटा, रंग सांवला और आवाज भारी होने की वजह से कई फिल्ममेकर्स उन्हें मुख्य हीरोइन के रूप में फिट नहीं मानते थे. यहां तक कि मशहूर निर्देशक करण जौहर ने भी शुरुआत में उन्हें कुछ कुछ होता है के लिए रिजेक्ट कर दिया था. लेकिन बाद में आदित्य चोपड़ा के कहने पर उन्हें फिल्म में कास्ट किया गया. यही फिल्म उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई.

फ्लॉप डेब्यू से सुपरहिट तक का सफर

रानी की पहली बॉलीवुड फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन उनकी एक्टिंग ने दर्शकों और आलोचकों का ध्यान जरूर खींचा. इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया और खुद को इंडस्ट्री की टॉप अभिनेत्रियों में शामिल कर लिया. उनकी फिल्मों में गुलाम, कुछ कुछ होता है, हम तुम, वीर-जारा, ब्लैक और कभी अलविदा ना कहना जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं.

दिलचस्प बात यह है कि करियर के शुरुआती दौर में उनकी आवाज को कई फिल्मों में डब किया गया, क्योंकि मेकर्स को लगता था कि उनकी आवाज पर्दे पर सूट नहीं करती. लेकिन समय के साथ यही आवाज उनकी सबसे अलग पहचान बन गई.

रेस्टोरेंट से शुरू हुई लव स्टोरी

रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा की प्रेम कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है. दोनों की पहली मुलाकात एक रेस्टोरेंट में हुई थी, जहां आदित्य पहली नजर में ही रानी को पसंद करने लगे थे. उस समय आदित्य दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे जैसी ऐतिहासिक फिल्म बना चुके थे, जबकि रानी अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं. धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया.

परिवार के खिलाफ जाकर निभाया रिश्ता

शुरुआत में इस रिश्ते को आदित्य के पिता यश चोपड़ा का समर्थन नहीं मिला. कहा जाता है कि इस वजह से आदित्य को कुछ समय के लिए घर से अलग रहना पड़ा. उस समय आदित्य पहले से शादीशुदा थे. उन्होंने 2001 में पायल खन्ना से शादी की थी, लेकिन 2009 में दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद रानी और आदित्य का रिश्ता सार्वजनिक रूप से सामने आया.

इटली में गुपचुप शादी

लंबे समय तक अपने रिश्ते को निजी रखने के बाद रानी और आदित्य ने 21 अप्रैल 2014 को इटली में बेहद निजी समारोह में शादी कर ली. इस शादी में केवल परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल हुए. 2015 में उनकी बेटी अदिरा का जन्म हुआ. ‘अदिरा’ नाम आदित्य और रानी के नाम का खूबसूरत मेल है.

करोड़ों की संपत्ति और शाही जिंदगी

आदित्य चोपड़ा आज बॉलीवुड के सबसे सफल और अमीर फिल्म निर्माताओं में गिने जाते हैं. उनकी कंपनी यशराज फिल्म्स इंडस्ट्री की सबसे बड़ी प्रोडक्शन हाउस में से एक है. वहीं रानी मुखर्जी की नेटवर्थ भी काफी शानदार मानी जाती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 90 करोड़ से 200 करोड़ रुपये के बीच है और वह एक फिल्म के लिए करीब 7 करोड़ रुपये तक फीस लेती हैं.

जब अभिषेक बच्चन से जुड़ा नाम

वहीं रानी मुखर्जी का नाम एक समय अभिषेक बच्चन के साथ भी जोड़ा गया था.दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों को खूब पसंद आई. कहा जाता है कि दोनों शादी करना चाहते थे और जया बच्चन भी रानी को पसंद करती थीं. लेकिन फिल्म ब्लैक में अमिताभ बच्चन के साथ एक सीन को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों परिवारों के रिश्तों में दूरी आ गई और यह रिश्ता खत्म हो गया.

ये भी पढ़ें: शिल्पा शेट्टी से मलाइका अरोरा और हिना खान तक, बॉलीवुड और टीवी सितारों ने दी फैंस को ईद की मुबारकबाद

Continue reading on the app

ईंधन संकट का श्रीलंका पर असर: डॉक्टरों ने हॉस्पिटल सिस्टम के ठप होने की चेतावनी दी, अगले 48 घंटों को बताया अहम

कोलंबो, 21 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व तनाव की वजह से ईंधन संकट की आशंका दुनिया के कई देशों ने जतानी शुरू कर दी है। इस बीच श्रीलंका के चिकित्सकों और हेल्थ वर्कर्स ने एक चेतावनी जारी की है।

प्रमुख दैनिक डेली मिरर के अनुसार, चिकित्सकों समेत स्वास्थ्यकर्मियों ने अगले 48 घंटों को बहुत अहम बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर फ्यूल और ट्रांसपोर्टेशन की दिक्कतों को दूर करने के लिए तुरंत कोई उपाय नहीं किया गया, तो आने वाले एक हफ्ते में श्रीलंका के हॉस्पिटल सिस्टम पर बहुत बुरा असर पड़ेगा; वह ठप भी हो सकता है।

मेडिकल प्रोफेशनल्स ने इस बात पर जोर दिया कि हेल्थकेयर सर्विस को लगातार बनाए रखने के लिए अस्पताल में आना-जाना जरूरी है। हालांकि, चल रहे फ्यूल संकट ने ड्यूटी पर आने की कोशिश कर रहे हेल्थ स्टाफ के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें दूसरे पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों के उलट, ऑफिशियल ट्रांसपोर्ट या फ्यूल अलाउंस नहीं दिए जाते हैं, और उन्हें नियमित ड्यूटी, स्टैंडबाय शिफ्ट और इमरजेंसी कॉल के लिए अपने ट्रांसपोर्ट का इंतजाम खुद करना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा क्यूआर-बेस्ड फ्यूल राशनिंग सिस्टम काफी नहीं है, और हर हफ्ते मिलने वाला हिस्सा आने-जाने के लिए भी काफी नहीं है। इसके अलावा, मरीजों की देखभाल के लिए तय कीमती समय, फ्यूल की लाइनों में बर्बाद हो रहा है।

हेल्थ वर्कर्स ने अधिकारियों की इस बात के लिए भी आलोचना की कि लगभग एक हफ्ते पहले इन मामलों के बारे में बताए जाने के बावजूद वे कोई सही एक्शन नहीं ले पाए। उन्होंने बताया कि हेल्थ सर्विसेज जरूरी हैं और उन्हें लगातार सपोर्ट की जरूरत है।

फ्यूल और ट्रांसपोर्ट की कमी ने हॉस्पिटल के काम पर असर डालना शुरू कर दिया है, जिससे कुछ डॉक्टर, स्पेशलिस्ट और स्टाफ ड्यूटी पर नहीं आ पा रहे हैं।

गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन (जीएमओए) की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने कहा है कि वह हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं और हेल्थ सर्विसेज जारी रखने के बारे में आगे के फैसलों की घोषणा करेगी।

डेली एफटी के अनुसार, 15 मार्च को भी जीएमओए ने एक बैठक कर सरकार इस मसले को तुरंत सुलझाने की अपील की थी। इसे लेकर एक बयान भी जारी किया गया था। एसोसिएशन ने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से भी दखल देने का आग्रह किया था।

दरअसल, मिडिल ईस्ट संकट को ध्यान में रख श्रीलंका सरकार ने कुछ कदम उठाए, जिसमें बुधवार का सार्वजनिक अवकाश, पेट्रोल-डीजल की राशनिंग, और क्यूआर-आधारित ईंधन आपूर्ति जैसे प्रावधान किए गए थे। चिकित्सक समुदाय तेल को लेकर लिए फैसले का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि कई स्वास्थ्यकर्मी बहुत दूर से आते हैं, और उनके लिए ईंधन की राशनिंग दिक्कत पैदा कर सकती है।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

KKR की पेस बैटरी को एक और झटका, हर्षित के बाद ये भारतीय आईपीएल 2026 से बाहर

Akash Deep ruled out of IPL 2026 KKR: कोलकाता नाइटराइडर्स की तेज गेंदबाजी की परेशानी खत्म होती नजर नहीं आ रही है. हर्षित राणा के आईपीएल 2026 से बाहर होने के बाद टीम को एक और झटका लगा है. भारत के तेज गेंदबाज आकाशदीप पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. Sat, 21 Mar 2026 14:59:00 +0530

  Videos
See all

US Base Attack: इराक में US बेस पर Drone का कहर! #shorts #middleeastconflict #usbase #droneattack #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-21T10:33:40+00:00

Monalisa Farman Death Threat: पुलिस से मोनालिसा ने लगाई सुरक्षा की गुहार | Viral Video| #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-21T10:34:34+00:00

Iran Nuclear Plant Attack: अमेरिका ने तबाह किए ईरान के परमाणु प्लांट! #shorts #americaattack #iran #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-21T10:35:35+00:00

Uttam Nagar Eid Security Update: चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात | Delhi Police High Alert | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-21T10:40:00+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers