ईद की असल खुशी हमारी जीत के पल में आएगी: बांग्लादेश की पूर्व पीएम हसीना
ढाका, 21 मार्च (आईएएनएस)। । बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए एक अत्यंत भावुक और दृढ़ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो शेख मुजीबुर रहमान की बेटी देश के लिए खुद को कुर्बान कर देने को तैयार है। साथ ही, उन्होंने कहा कि ईद की असल खुशी तभी आएगी जब अवामी लीग के जीत का पल आएगा।
अवामी लीग के एक्स पर शेयर किए गए एक बयान में, हसीना ने कहा कि देश में मौजूद न होने के बावजूद, वह देश के लोगों की आजादी के लिए समर्पित हैं।
इसमें उन्होंने लिखा है कि संयम का यह महीना हमें इंसानियत और सहनशीलता सिखाता है। यह हमें अपनी खुशियां दूसरों के साथ बांटना सिखाता है। हम सभी आपसी मेलजोल और इज्जत पर आधारित एक इंसानी दुनिया बनाना चाहते हैं।
हसीना ने आगे लिखा, अपने वतन से दूर रहते हुए भी, ईद के इस मुबारक दिन पर, मैं दुआ करती हूं कि देश का हर इंसान ठीक रहे। ईद हर मेहनतकश इंसान के लिए एक सच्चा त्योहार बने। मैंने हमेशा यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि मेरे देश के लोगों की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी हों ताकि वे गरीबी का शिकार न हों और न ही देश और विदेश में साजिशों का शिकार हों।
उन्होंने कहा कि यह साफ हो गया है कि एक बड़ी साजिश ने बांग्लादेश के गरीब लोगों की किस्मत पर असर डाला है।
पूर्व पीएम ने आरोप लगाया कि 5 अगस्त, 2024 से देश एक जेल जैसा हो गया है, जिसमें राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर आजाद ख्याल लेखक, पत्रकार और पॉलिटिकल एक्टिविस्ट जेल में बंद हैं।
उन्होंने कहा, मैं इन बेगुनाह लोगों और उनके परिवारों के प्रति अपनी हमदर्दी और दुख जाहिर करती हूं। भले ही मैं आपके साथ वहां मौजूद नहीं हूं, लेकिन यकीन मानिए, ऊपर वाले की कृपा से, शेख मुजीबुर रहमान की बेटी आपकी आजादी और इस देश के लोगों के लिए अपनी जान कुर्बान करने से नहीं हिचकिचाएगी। ईद की असली खुशी हमारे जीत के पल में आएगी।
मुहम्मद यूनुस की पिछली अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए, हसीना ने कहा, कब्जा करने के नाजी सोच वाली यूनुस सरकार की गलत नीतियों और मध्य पूर्व और दूसरे इलाकों में जारी तनाव और संघर्ष की वजह से, ग्लोबल इकॉनमी मुश्किल दौर से गुजर रही है। बांग्लादेश भी इस मंदी का असर महसूस कर रहा है। इस वजह से, गरीब सामान्य जिंदगी नहीं जी पा रहे हैं।
बांग्लादेश की खराब हालत पर रोशनी डालते हुए, हसीना ने समाज के अमीर लोगों से जरूरतमंदों के साथ खड़े होने की अपील की, ताकि हर इंसान की जिंदगी खुशनुमा हो और ईद की पाक खुशी से भर जाए।
--आईएएनएस
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New Income Tax Regime: 1 अप्रैल से लागू होंगे नये इनकम टैक्स नियम, होंगे ये बड़े बदलाव
New Income Tax Regime: भारत सरकार मे आयकर अधिनिम 2026 को नोटिफाई कर दिया है. अब 1 अप्रैल 2026 से नए इनकम टैक्स नियम लागू हो जाएंगे. बता दें कि यह नया नियम 64 साल बाद पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह ले रहा है. यह नियम HRA लेकर अलाउंस को भी टैक्सेशन के तहत डिस्क्राइब करेगा. चलिए जानते हैं इससे क्या-क्या बदलाव होने वाले हैं.
नए इनकम टैक्स रिजाइम से होंगे ये बदलाव
1.मकान किराया भत्ता में बदलाव
पुरानी टैक्स व्यवस्था में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबादा, पुणे और बेंगलुरु समेत कई शहरों के हाई HRA छूट के दायरे में रखा जाएगा. इन शहरों में रहने वाले लोग अपनी सैलरी से 50% तक HRA क्लेम कर सकते हैं. वहीं, अन्य स्थानों पर रहने वाले 40% तक एचआरए क्लेम कर पाएंगे.
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2. कंपनी की कार और ड्राइवर से जुड़े नियम
आयकर नियम, 2026 के अपडेट के तहत अगर कर्मचारी कंपनी की कार का इस्तेमाल ऑफिस और निजी दोनों कामों के लिए करता है, तो 1.6 लीटर तक इंजन वाली कार 5,000 रुपए प्रति माह टैक्सेबल वैल्यू. 1.6 लीटर से बड़ी कार के लिए 7,000 रुपए प्रति माह क्लेम किया जा सकेगा. अगर कंपनी ड्राइवर भी देती है, तो हर महीने 3,000 रुपए अतिरिक्त टैक्सेबल वैल्यू में जोड़ दिए जाएंगे.
3. गिफ्ट और वाउचर पर छूट
कंपनी की ओर से दिए गए 15,000 रुपए तक के गिफ्ट या वाउचर टैक्स-फ्री रहेंगे. 15,000 रुपए से ज्यादा होने पर पूरी राशि टैक्सेबल हो जाएगी
4. फ्री फूड और बेवरेज पर बढ़ी छूट
वर्किंग आवर्स में दिए जाने वाले नि:शुल्क भोजन और पेय पदार्थों पर कैश वाउचर के जरिए दी जाने वाली छूट की लिमिट 200 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. पहले प्रति मील 50 रुपए तक टैक्स छूट मिलती थी अब इसे बढ़ाकर 200 रुपए प्रति मील कर दिया गया है. यानी नए नियम के तहत ऑफिस में मिलने वाले खाने-पीने पर अब ज्यादा राहत मिलेगी.
5. एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस
नए इनकम टैक्स नियमों के तहत अब बच्चों की पढ़ाई से जुड़े अलाउंस पर भी राहत दी गई है. एजुकेशन अलाउंस 3,000 रुपए प्रति माह (अधिकतम 2 बच्चों के लिए) हो गया है. हॉस्टल अलाउंस 9,000 रुपए प्रति माह. पहले ये लिमिट काफी कम थी 100 रुपए और 300 रुपए, जिसे अब काफी बढ़ा दिया गया है.
6. घरेलू सेवाओं और यूज पर टैक्स का अपडेट
सफाईकर्मी, माली और चौकीदारी की सेवाओं के लिए भुगतान किया जा रहा है तो सैलरी पर टैक्स लागू होगा, जिससे कर्मचारी से प्राप्त की गई राशि कम हो जाएगी. आउट सोर्स से मिले गैस, बिजली और पानी के भुगतान हुई राशि भी टैक्सेबल अमाउंट में काउंट किया जाएगा. अगर नियोक्ता के अपने संसाधनों से आपूर्ति होती हैं, टैक्स का कैल्कुलेश पर यूनिट उत्पादन लागत के आधार पर होगी.
7. फूड कूपन और अन्य सुविधाएं
कार्य समय के दौरान मिलने वाला फ्री खाना या कैश वाउचर रुपए 200 तक टैक्स-फ्री रहेगा. नए टैक्स सिस्टम में फूड कूपन का लाभ भी जारी रहेगा.
8. टैक्स कटौती के लिए जरूरी दस्तावेज
अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनते हैं, तो कुछ जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा. HRA के लिए मकान मालिक का नाम, पता और PAN नंबर. अगर सालाना किराया 1 लाख रुपए से ज्यादा है तो यह जरूरी है. मकान मालिक से रिश्ते की जानकारी भी देनी होगी. LTA यानी यात्रा भत्ता के लिए यात्रा खर्च के प्रमाण. होम लोन ब्याज के लिए लोन देने वाले का नाम, पता और पैन नंबर.
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