Airlines Federation का Free Seat Selection पर बवाल, 60% फ्री सीटों का फैसला सरकार रद्द करें नहीं तो बढ़ेगा बोझ
विमानन कंपनियों इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने उड़ानों में कम से कम 60 प्रतिशत सीटों के चयन के लिए कोई शुल्क न लेने के सरकार के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। एयरलाइंस का कहना है कि इस कदम से राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें हवाई किराए बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। इन तीनों एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने नागर विमानन मंत्रालय से इस फैसले को वापस लेने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।
मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि यात्रियों के लिए उचित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डीजीसीए को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे एयरलाइंस को किसी भी उड़ान में चयन के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत सीटें निःशुल्क आवंटित करने का निर्देश दें। नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा को लिखे पत्र में एफआईए ने कहा कि इस निर्देश के विमानन क्षेत्र के लिए अनपेक्षित और प्रतिकूल परिणाम होंगे।
संस्था ने कहा, एयरलाइंस पर इस निर्देश का वित्तीय प्रभाव महत्वपूर्ण होगा, जिससे उन्हें राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए हवाई किराए बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा। ऐसे में उन यात्रियों सहित सभी यात्रियों को अधिक किराया देना होगा, जो शायद सीटों का पहले से चयन नहीं करना चाहते हैं।
ईरान ओमान और तुर्की पर हालिया हमलों के पीछे नहीं : मोजतबा खामेनेई
तेहरान, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने तुर्की और ओमान के कुछ हिस्सों पर हमलों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि तुर्की और ओमान के कुछ हिस्सों पर हाल में हुए हमले ईरानी सशस्त्र बलों या उसके सहयोगियों की ओर से नहीं किए गए थे।
वेबसाइट पर छपे एक बयान के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई ने यह बात शुक्रवार (लोकल टाइम) को ईद-उल-फितर आने पर बधाई देने के लिए एक मैसेज में कही, जो रमजान महीने के खत्म होने और 21 मार्च को ईरानी नए साल की शुरुआत नवरोज का प्रतीक है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई ने कहा कि ईरान के तुर्की और ओमान दोनों के साथ सही रिश्ते हैं। उन्होंने इजरायल की चालबाजी को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि वह पड़ोसी देशों के बीच फूट डालने के लिए फॉल्स फ्लैग ऑपरेशनों का सहारा ले सकता है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे ऑपरेशन दूसरे देशों में भी किए जा सकते हैं।
उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आपसी संबंध बेहतर बनाने की अपील की और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की अपनी तत्परता जताई।
ईरानी नेता ने नागरिकों के रहन-सहन के स्तर और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की जरूरत पर भी बल दिया, जिसमें जनता की भलाई और संपत्ति सृजन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। साथ ही उन्होंने नए साल को राष्ट्रीय एकता के प्रकाश में प्रतिरोध अर्थव्यवस्था का साल घोषित किया।
इसी बीच, नाटो तुर्की के दक्षिणी अदाना प्रांत में एक अतिरिक्त पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर चुका है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिछले सप्ताह ईरान की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने के बाद यह कदम उठाया गया।
तुर्की के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रियर एडमिरल जेकी अकतुर्क ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, हमारे एयरस्पेस और हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए कदमों के अलावा, जर्मनी के रामस्टीन में एलाइड एयर कमांड की ओर से तैनात एक और पैट्रियट सिस्टम को अदाना में तैनात किया जा रहा है, जो वहां पहले से मौजूद स्पेनिश पैट्रियट सिस्टम को सपोर्ट करेगा।
अकतुर्क ने कहा कि 13 मार्च को ईरान से लॉन्च की गई एक मिसाइल तुर्की के एयरस्पेस में घुस गई, जिसे नाटो एयर और मिसाइल डिफेंस यूनिट्स ने पूर्वी भूमध्य सागर के ऊपर निष्क्रिय कर दिया।
बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए थे, जिसमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता खामेनेई समेत कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर और नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों व संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
--आईएएनएस
डीसीएच/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News Nation
















.jpg)



