US Israel Iran War LIVE Updates: ईरान ने फिर से इस्राइल पर किया हमला, IDF ने कहा- हमारा एयर डिफेंस सिसटम एक्टिव है
US Israel Iran War LIVE Updates: इस्राइल-अमेरिका और ईरान युद्ध का आज 22वां दिन है. युद्ध की लपटें पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गई हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है वह ईरान के साथ सीजफायर नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा कि आपको पता है कि जब आप दूसरे तरफ से पूरी तरह से तबाह कर रहे हो तो आप सीजफायर नहीं करते हैं.
ईरानी सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने फारसी नववर्ष के मौके पर एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने दुश्मनों को जबरदस्त झटका दिया है. इस्राइल और अमेरिका का हमला एक बड़ी गलतफहमी थी. इसके अलावा, अमेरिका के दो फाइटर जेट्स को उतरने के लिए श्रीलंका ने मना कर दिया है. वहीं स्विट्जरलैंड ने युद्ध का हवाला देकर अमेरिका को हथियार देने से मना कर दिया है.
मिडिल ईस्ट से बाहर ईरान ने दिखाई अपनी ताकत! 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर दागी मिसाइल
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल हमलों का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। दोनों देशों के बीच जारी हमले अब तक मिडिल ईस्ट तक ही सिमटे हुए थे; हालांकि, अब ये अलग-अलग क्षेत्रों में अपने पांव पसार रहे हैं।
दरअसल, ईरान ने ताजा हमला हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन के सैन्य बेस पर किया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, डिएगो गार्सिया को ईरान ने कम से कम दो मिड-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है। डिएगो गार्सिया पर अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य बेस है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक मिसाइल उड़ान के बीच में फेल हो गई, जबकि दूसरी मिसाइल एक वॉरशिप से दागे गए अमेरिकी इंटरसेप्टर से टकरा गई। बता दें, डिएगो गार्सिया इक्वेटर के दक्षिण में मध्य हिंद महासागर में है।
ईरान ने अपने देश से करीब 4,000 किलोमीटर दूर एक बेस पर हमला किया है। इससे एक बात साफ हो गई है कि ईरानी मिसाइलों की रेंज जितनी पहले मानी जाती थी, उससे कहीं ज्यादा है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले महीने दावा किया था कि ईरान ने अपनी मिसाइलों की रेंज 2,000 किलोमीटर तक सीमित कर दी है। हालांकि, ताजा हमला ईरान की मिसाइल ताकत को लेकर कुछ और ही हकीकत बयां कर रहा है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर ईरान के पास 2000 किमी से लंबी दूरी की मिसाइल नहीं है, तो उसने डिएगो गार्सिया पर हमले किस मिसाइल से किए हैं? हालांकि, इसे लेकर ईरानी अधिकारियों की तरफ से कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
वहीं भारत से डिएगो गार्सिया की दूरी 1800 किलोमीटर है। अमेरिका और ब्रिटेन इस एयरबेस से पूरे एशिया और पश्चिम एशिया में गतिविधियों में अपनी भागीदारी निभाते हैं। यह अमेरिका के लिए एशिया और पश्चिम एशिया में सैन्य रणनीति का मजबूत केंद्र है। यहां से अमेरिका अपने बमवर्षक विमान, परमाणु पनडुब्बियां और गाइडेड मिसाइल जहाज तैनात करता है। इसके अलावा, यहां विशाल ईंधन भंडारण, रडार सिस्टम और कंट्रोल टावर मौजूद हैं, जो लंबी दूरी के सैन्य अभियानों को संभव बनाते हैं।
ईरान के इस हमले ने चिंता को कई लेवल पर बढ़ा दिया है। फिलहाल अमेरिका और ब्रिटेन की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन एक बात साफ है कि ईरान ने अपने दुश्मनों को बड़ा घाव दिया है।
--आईएएनएस
केके/एएस
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