Iran America War Update: ईरान में घुसे ट्रंप के 2500 सैनिक? खर्ग द्वीप पर अमेरिका का कब्जा! N18G
Iran America War Update: ईरान में घुसे ट्रंप के 2500 सैनिक? खर्ग द्वीप पर अमेरिका का कब्जा! N18G #USvsIran #KhargIsland #TrumpNews #IranConflict #WorldWar3 #MiddleEastCrisis #IndianMedia #BreakingNews मिडिल ईस्ट की रणभूमि से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। क्या दुनिया एक भीषण युद्ध की कगार पर है? क्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान की कमर तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन खर्ग' की शुरुआत करने वाले हैं? खबरें आ रही हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर दबाव बनाने के लिए उसके सबसे बड़े रणनीतिक केंद्र—खर्ग आइलैंड पर कब्जे या समुद्री नाकाबंदी की तैयारी कर रहे हैं। यह सिर्फ एक सैन्य कदम नहीं है, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला देने वाली बिसात है। सबसे पहले समझिए कि अमेरिका की नज़र खर्ग आइलैंड पर ही क्यों है? ईरान के तट से महज 15 मील दूर यह छोटा सा द्वीप ईरान की आर्थिक जीवनरेखा है। ईरान का लगभग 90% कच्चा तेल यहीं से दुनिया भर में भेजा जाता है। अमेरिका का गणित सीधा है-अगर खर्ग आइलैंड पर नियंत्रण पा लिया गया या वहां नाकाबंदी कर दी गई, तो ईरान का खजाना सूख जाएगा। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इस दबाव के जरिए ईरान को 'होर्मुज स्ट्रेट' खोलने के लिए मजबूर किया जा सकता है। याद रहे, इसी रास्ते से दुनिया का 20% तेल और गैस गुजरता है, जिसे ईरान ने फिलहाल ब्लॉक कर रखा है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए अमेरिका ने अपनी ताकत झोंक दी है। करीब 2,500 मरीन सैनिकों की एक टुकड़ी रवाना हो चुकी है। लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत है। 2 अतिरिक्त मरीन यूनिट्स भी रास्ते में हैं। पेंटागन और व्हाइट हाउस और अधिक सैनिकों को भेजने पर मंथन कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका सीधे कब्जे से पहले ईरान की सैन्य शक्ति को अपंग करना चाहता है। इसके लिए एक महीने तक हवाई हमले जारी रह सकते हैं। हाल ही में खर्ग आइलैंड पर हुए अमेरिकी एयरस्ट्राइक इसी ट्रेलर का हिस्सा थे। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उनके पास 'हर विकल्प' खुला है। इस तनाव की तपिश वॉशिंगटन से बीजिंग तक महसूस की जा रही है। हालात इतने नाजुक हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी चीन यात्रा टालनी पड़ी है। उधर, आम आदमी की जेब पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने से वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका गहरा गई है। लेकिन क्या यह इतना आसान होगा? कुछ रक्षा विशेषज्ञ इसे 'डेंजरस गेम' करार दे रहे हैं। उनका तर्क है कि अगर अमेरिका खर्ग आइलैंड पर कब्जा कर भी लेता है, तो ईरान झुकने के बजाय अन्य रास्तों से सप्लाई रोक सकता है या सीधे युद्ध का ऐलान कर सकता है। अमेरिका के पास एक दूसरा विकल्प यह भी है कि वह अपनी नौसेना के जरिए तेल टैंकरों को 'कवच' प्रदान करे, ताकि बिना जमीन पर उतरे व्यापार शुरू हो सके। लेकिन ट्रंप जिस आक्रामक मूड में हैं, उससे लगता नहीं कि वो सिर्फ रक्षात्मक खेल खेलेंगे। news18 live | aaj ka taaja khabar | आज की ताजा खबर | up live news | news18 up live news | up news live | aaj ke taaja khabar | hindi hews | latest news | news in hindi | hindi samachar | hindi khabar | n18oc_uttar_pradesh SUBSCRIBE to get the Latest News & Updates - http://bit.ly/News18UP News18 Mobile App - https://onelink.to/desc-youtube Follow Us on Social Media: Website: https://bit.ly/3auydBL Twitter: https://twitter.com/News18UP https://twitter.com/News18_UK Facebook: https://www.facebook.com/News18UP/ https://www.facebook.com/News18UK/ About Channel: News18 UP Uttarakhand is one of India's leading Hindi news channel and can be watched live on YouTube. News18 UP Uttarakhand news channel is a part of Network 18. Topics such as politics, education, health, environment, economy, business, sports, and entertainment are covered by this channel. The channel gives nationwide coverage. News18 UP Uttarakhand ,भारत का एक मात्र भरोसेमंद और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है। यह चैनल नेटवर्क १८ का हिस्सा है। यह चैनल उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी क्षेत्रीय खबरों के साथ साथ सरकार, राजनीति, पर्यावरण , खेल-कूद से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय खबरें प्रसारित करता है|
अमेरिका को उसी की भाषा में पुतिन दे रहे जवाब, यूक्रेन के साथ युद्ध को खींचना US को पड़ेगा भारी, पलटी बाजी
कहते हैं दुनिया गोल है. एक दिन अपना किया हुआ वापस मिलता है. यही अमेरिका के साथ भी हो रहा है. चार साल पहले जिस तरह से यूक्रेन युद्ध में उसकी भूमिका रही है, उसी तरह से अब वही हालात उसके साथ भी हो रहे हैं. उसने सोचा था कि ईरान से युद्ध को कुछ दिनों को खत्म कर देगा. मगर अब यह युद्ध 20 दिनों को पार कर चुका है और लग रहा है कि यह लंबा खिंचने वाला है. यह हालात कुछ उसी तरह के हैं, जब रूस और यूक्रेन के युद्ध की शुरुआत हुई थी. उस समय रूस को लग रहा है कि युद्ध कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा. मगर यूक्रेन को अमेरिकी सपोर्ट से ईंधन मिला और यह युद्ध आज भी कायम है. अमेरिका ने पीछे से जमाकर यूक्रेन का साथ दिया. मगर सामने यह दर्शाने की कोशिश कि वह इस युद्ध को बढ़ाना नहीं चाहता है.
अमेरिका को सिर्फ सहानुभूति दिखा रहा रूस
अब ऐसा ही अमेरिका के साथ रूस भी कर रहा है. रूस भी सामने से इस युद्ध को न बढ़ने की बात कर रहा है. मगर ईरान को वह लॉजिस्टिक के साथ हथियारों से सपोर्ट कर रहा है. इसके साथ खुफिया जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है. इसे लेकर रक्षा विशेषज्ञ रिटायर्ड कर्नल राजेश पवार का कहना है कि अब अमेरिका लगातार रूस से अपील कर रहा है कि वह उसे युद्ध से बाहर निकालने के उपाय बताए. इस पर रूस अमेरिका को सिर्फ सहानुभूति दिखा रहा है, मगर वह चाहता है कि युद्ध लंबा खिंचे. वह ईरान को सैन्य सहायता उपलब्ध करा रहा है. इसके कारण अमेरिका ईरान को बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पा रहा है.
Washington, US: On being asked if he intends to lift sanctions on Iranian oil and intends to potentially put U.S. troops in the region, US President Donald Trump says, "No, I'm not putting troops anywhere. If I were, I certainly wouldn't tell you. I actually thought when I did… pic.twitter.com/JO6ATkxaOT
— ANI (@ANI) March 19, 2026
युद्ध में सबसे ज्यादा लाभ रूस को हुआ
रक्षा विशेषज्ञ पवार का कहना है कि इस युद्ध में सबसे ज्यादा लाभ रूस को हुआ है. वह मनमाफिक दाम पर तेल बेचने की तैयारी में लगा है. ईरान से तेल सप्लाई कम होने के कारण अमेरिका अब घुटने पर आ चुका है. उन पर यूरोपीय देशों का दबाव बना हुआ है. ऐसे में रूस के लिए अब खुला मैदान है. अमेरिका ने मजबूर होकर रूस से सभी देशों को तेल खरीदने की अनुमति दे दी है. इस तरह से रूस मालामाल हो रहा है. वह अब मनमाने दाम पर इसे बेचने की कोशिश में लगा है.
दुनिया पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश
रक्षा विशेषज्ञ के अनुसार, अगर इस युद्ध में सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाले देश की बात की जाए तो वह रूस है. रूस अब तेजी से रिकवर करने की कोशिश लगा है. इस तरह से वह दुनिया पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश में लगा है. अमेरिका के लिए यह हालात बेहद गंभीर हैं, क्योंकि वह चाह रहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस युद्ध को रोकने की कोशिश करें. पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति अली खामेनेई के अच्छे संबंध रहे हैं. मगर रूस की कोशिश है कि अमेरिका को युद्ध में फंसा कर रखा जाए. जैसा उसने यूक्रेन युद्ध में किया है. अमेरिका के लिए यह बड़ी चुनौती है कि इस युद्ध को किस तरह से खत्म किया जाए. ट्रंप भले ही कैमरे के सामने में यह कह रहे हैं कि वह जीत रहे हैं. मगर अंदर ही अंदर वह इस युद्ध से डरे हुए हैं.
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