चीन ने अपनी भव्य योजना को वास्तविकता में कैसे बदला
बीजिंग, 20 मार्च (आईएएनएस)। हाल ही में चीन में शासन की उपलब्धियों पर मूल्यांकन एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है। इस मुद्दे पर व्यापक स्तर पर यह विचार-विमर्श हो रहा है कि वास्तविक शासन उपलब्धियों का आकलन किन मानकों के आधार पर किया जाना चाहिए और इस संदर्भ में चीनी तथा पश्चिमी दृष्टिकोणों के बीच क्या मूलभूत अंतर हैं।
सरल शब्दों में, चीन में शासन की उपलब्धियों को केवल कार्यालयों में तैयार की गई रिपोर्टों या आंकड़ों के आधार पर नहीं आंका जाता, बल्कि इसे लोगों के दैनिक जीवन में दिखाई देने वाले वास्तविक बदलावों से मापा जाता है।
इन बदलावों में प्रदूषित नदियों को पुनः स्वच्छ बनाना, रेगिस्तानी क्षेत्रों में हरित विकास के माध्यम से नखलिस्तान तैयार करना और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में ठोस सुधार लाना शामिल है।
चीनी जनता इन व्यावहारिक और प्रत्यक्ष परिणामों के आधार पर यह निर्धारित करती है कि वास्तविक शासन उपलब्धियां क्या हैं। यही दृष्टिकोण सत्तारूढ़ पार्टी, यानी सीपीसी, के लिए जनता का नेतृत्व करने और दीर्घकालिक योजनाओं को ठोस परिणामों में परिवर्तित करने की आधारशिला बनता है।
चीन में शासन उपलब्धियों का मापदंड कभी भी केवल नारों या घोषणाओं की तीव्रता नहीं रहा है, बल्कि इस बात पर केंद्रित रहा है कि समस्याओं का वास्तविक समाधान हुआ या नहीं। शासन की उपलब्धियों का मूल्यांकन बैठकों की संख्या या जारी किए गए दस्तावेजों के आधार पर नहीं किया जाता।
इसके बजाय यह देखा जाता है कि क्या लोगों की समस्याएं प्रभावी ढंग से सुलझाई गई हैं, क्या उनके जीवन स्तर में वास्तविक सुधार हुआ है और क्या जनता संतुष्ट है। यह व्यावहारिकता पर आधारित दृष्टिकोण चीन में शासन के मूल्यांकन की एक विशिष्ट और परिणामोन्मुख पद्धति को दर्शाता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
शांगहाई में विदेशी निवेश और अनुसंधान केंद्रों का विस्तार
बीजिंग, 20 मार्च (आईएएनएस)। शांगहाई वाणिज्य आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष फरवरी के अंत तक शांगहाई में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के क्षेत्रीय मुख्यालयों और विदेशी पूंजी के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों की संख्या क्रमशः 1084 और 647 तक पहुंच गई है। वहीं, वर्ष 2025 के दौरान शांगहाई में विदेशी पूंजी से संचालित 6300 से अधिक नए उद्यम स्थापित किए गए।
अमेरिकी बायो-फ़ार्मा कंपनी एबीबीवीआईई की चीन क्षेत्र की महाप्रबंधक तुंग लीचुन ने मीडिया को बताया कि चीन न केवल कंपनी के वैश्विक स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है, बल्कि इसकी नवाचार-आधारित रणनीति का केंद्रीय इंजन भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य में अधिक महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय शांगहाई में लिए जाएंगे, जिससे चीनी बाजार के प्रति कंपनी की प्रतिक्रिया और तेज होगी तथा स्थानीय मांग को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
इसी तरह, रेकिट कंपनी के बृहद चीन क्षेत्र के प्रभारी छन चुन ने बताया कि एशिया में कंपनी का सबसे बड़ा अनुसंधान एवं विकास केंद्र शांगहाई में स्थापित किया जा रहा है, जिसमें 30 करोड़ युआन का निवेश किया गया है। इस पहल का उद्देश्य चीनी उपभोक्ताओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण और नवाचार-आधारित सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन कंपनी के सबसे बड़े बाजारों में से एक है और भविष्य में यहां अपने कारोबार का विस्तार जारी रखा जाएगा।
परिचय के अनुसार, शांगहाई प्रशासन संस्थागत खुलेपन को और बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यावसायिक वातावरण निरंतर सुधारने और विदेशी निवेश के लिए मज़बूत समर्थन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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