TMC Manifesto Released: महिलाओं को ताउम्र लक्ष्मी भंडार...दुआरे चिकित्सा, जानें टीएमसी के घोषणा पत्र में क्या-क्या खास
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनता से एकजुट होकर राज्य की 'रक्षा' करने की अपील की. घोषणा पत्र में ममता बनर्जी ने महिलाओं के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य पर भी फोकस किया है.
‘एकता बनाम डर’ की राजनीति पर जोर
घोषणापत्र जारी करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में धर्म और जाति के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के दबाव, लालच या डर के आगे न झुकें. उनका संदेश साफ था. हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी समान हैं और बंगाल की पहचान उसकी सामाजिक एकता है.
महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े वादे
TMC के मेनिफेस्टो में महिला सशक्तिकरण और युवाओं को आर्थिक सहारा देने पर खास फोकस दिखा.
‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत:
- सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह
- SC/ST महिलाओं को 1,700 रुपए प्रति माह
बेरोजगार युवाओं के लिए:
-1,500 रुपए प्रति माह ‘पॉकेट मनी’ का वादा
यह योजनाएं सीधे तौर पर राज्य के करोड़ों परिवारों को आर्थिक राहत देने की दिशा में कदम मानी जा रही हैं.
#WATCH | Kolkata | West Bengal CM and Chairperson of All India Trinamool Congress, Mamata Banerjee, releases party's manifesto for the upcoming West Bengal Assembly elections pic.twitter.com/hEOUi8eJJ5
— ANI (@ANI) March 20, 2026
कृषि, रोजगार और उद्योग पर फोकस
घोषणापत्र में 30,000 रुपए करोड़ के कृषि बजट का ऐलान किया गया है, जिससे किसानों और खासकर भूमिहीन किसानों को मदद मिलेगी। इसके साथ ही:
-MSME सेक्टर को और मजबूत करने का लक्ष्य
-चमड़ा उद्योग को बढ़ावा
-1.5 करोड़ से अधिक रोजगार को सुरक्षित और विस्तार देने की योजना
बंगाल को पूर्वी भारत का व्यापारिक हब बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह और ग्लोबल ट्रेड सेंटर विकसित करने की भी बात कही गई है.
हर घर तक सुविधाएं पहुंचाने का वादा
TMC ने बुनियादी सुविधाओं पर भी कई बड़े वादे किए हैं:
- हर परिवार को पक्का मकान
- हर घर तक पाइप से पेयजल
-‘दुआरे चिकित्सा’ शिविरों के जरिए घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं
-‘बांग्लार शिक्षायतन’ योजना से स्कूलों का आधुनिकीकरण
साथ ही वृद्धावस्था पेंशन को बिना रुकावट जारी रखने और उसका दायरा बढ़ाने की भी बात कही गई है.
प्रशासनिक बदलाव और नए जिले
घोषणापत्र में प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दिया गया है. राज्य में सात नए जिले बनाने और शहरी निकायों की संख्या बढ़ाने की योजना है, जिससे प्रशासनिक कामकाज को और प्रभावी बनाया जा सके.
चुनावी मुकाबला और उम्मीदवार
- TMC ने अपने उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी है.
- ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगी. इसके अलावा शशि पांजा, सोहम चक्रवर्ती और ज्योतिप्रिय मलिक जैसे नेताओं को भी मैदान में उतारा गया है.
चुनावी तारीखें
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा:
- पहला चरण: 23 अप्रैल (152 सीटें)
- दूसरा चरण: 29 अप्रैल (142 सीटें)
- मतगणना: 4 मई
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अमेरिका और इजरायल के साथ भारत का पड़ोसी देश भी जंग में उतरने को तैयार, ईरान के हमलों का लेगा बदला!
Israel Iran Attack: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग को अब तक 20 दिन बीत चुके हैं. दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है. ईरान के कई तेल भंडारों को नुकसान हुआ है. इसके कारण तेल सप्लाई पर असर पड़ रहा है. वहीं अमेरिका ने चेताया है कि अगर ईरान नहीं रुका तो उसके खार्ग द्वीप को पूरी तरह से तबाह कर देगा. यह द्वीप ईरान के तट से 25 किलोमीटर दूरी पर मौजूद है. यह द्वीप तेल उत्पादों के 90 प्रतिशत तक के निर्यात के लिए समुद्री बंदरगाह को प्रदान करता है.
यहां पर हमला होते ही सप्लाई लाइन पूरी तरह से कट हो जाएगी. वहीं दूसरी ओर ईरान ने खाड़ी देशों के कई तेल भंडार को नुकसान पहुंचाया है. इसके कारण अब सभी देश ईरान पर हमले को तैयार है. इनमें से सबसे आगे सऊदी अरब है जो ईरान के हमलों को लेकर अब अपना धैर्य तोड़ने की कगार पर पहुंच चुका है. उसका कहना है कि अगर ऐसा चलता रहा तो वह जल्द युद्ध में कूदेगा. इस ऐलान के बाद से हालात तनाव भरे हो चुके हैं. सऊदी अरब के जंग में कूदने के बाद से अब भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को जंग में उतरना पड़ सकता है. इसकी बड़ी वजह है, एक समझौता है जिस पर उसे अमल कर करना होगा.
Iran attacks US base in Kuwait.
— TheRealMvitaOne (@FauzKhalid) March 19, 2026
Iran was underestimated and this arrogance is now backfiring.
pic.twitter.com/kXn4q8sqvN
सऊदी की लड़ाई पाकिस्तान को लड़नी होगी
पाकिस्तान ने बीते वर्ष सऊदी अरब के साथ एक अहम समझौता किया था. सितंबर में हुई नाटो स्टाइल के इस समझौते में किसी एक देश पर हमले को दोनों देशों पर हमले की तरह देखा जाएगा. ऐसे में अगर सऊदी अरब पर ईरान का हमला होता है तो उसे जंग में कूदना ही होगा. इस बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग छिड़ी हुई है. अगर दूसरा फ्रंट भी खुलता है तो पाकिस्तान को सऊदी का साथ देना होगा.
सऊदी अरब ने दिखाया कड़ा रुख
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने हाल में पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों के संग ईरान युद्ध को लेकर बिगड़े हालात पर चर्चा की. सऊदी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की गई. सऊदी सरकार में विदेश मंत्री प्रिंस फैसल के अनुसार, हम ईरान से हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में फौजी कार्रवाई से इनकार नहीं कर सकते हैं. बिन फरहान ने पाकिस्तान और दूसरे देशों के विदेश मंत्रियों के संग बैठक के बाद यह बात कही.
पाकिस्तान युद्ध में उलझा
रक्षा विशेषज्ञ रिटायर्ड कर्नल राजेश पवार का कहना है कि पाकिस्तान पूरी तरह से युद्ध में फंस चुका है. यहां पर पहले ही से ही महंगाई हावी है. वहीं अफगानिस्तान से लगातार हमले हो रहे हैं. अब सऊदी अगर युद्ध में कूदता है तो उसे भी उसका साथ देना होगा. हालांकि इजरायल को लेकर उसके मतभेद रहे हैं. इजरायल खुद परमाणु संपन्न इस देश को दुश्मन देश के वर्ग में रखता है. वहीं पाकिस्तान ने भी अब तक इजरायल को देश रूप में मान्यता नहीं दी है. ऐसे में पाकिस्तान के लिए यह स्थिति बड़ी अजीब है. पाकिस्तान अगर युद्ध में जाता है तो उसे ईरान पर हमले करने होंगे. वहीं ईरान भी अफगानिस्तान के साथ मिलकर पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकता है.
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