वेस्ट एशिया संकट का असर सूरत पर: LPG की कमी से माइग्रेंट वर्कर हो रहे हैं पलायन
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष का असर अब गुजरात के सूरत में भी दिखने लगा है। सूरत में बड़ी संख्या में माइग्रेंट वर्कर अपने घर लौटने के लिए उधना रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा हो गए हैं। इसका कारण है LPG की कमी, जो इन मजदूरों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। लोगो …
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मुरादाबाद का 'डिजिटल आतंकी': ऑनलाइन डॉक्टर और छात्रों की 'क्लास' लेता था हारिश; जानिए संडे का 'सीक्रेट' सच
मुरादाबाद: मुरादाबाद से गिरफ्तार किए गए BDS छात्र और संदिग्ध आतंकी हारिश अली की कुंडली खंगालने पर एटीएस के हाथ कई सनसनीखेज सबूत लगे हैं।
सहारनपुर के मानकमऊ का रहने वाला हारिश न केवल खुद आईएसआईएस की विचारधारा से जुड़ा था, बल्कि वह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए देश के शिक्षित युवाओं, विशेष रूप से डॉक्टरों और छात्रों को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का काम कर रहा था। हारिश ने अपना नेटवर्क उत्तर प्रदेश से लेकर राजस्थान, दिल्ली और पंजाब तक फैला रखा था।
संडे का 'सीक्रेट' मिशन: रूम पार्टनर के जाते ही शुरू होता था खौफनाक खेल
जांच एजेंसियों के अनुसार, हारिश अली ने बातचीत के लिए 'रविवार' का दिन चुना था। हारिश का रूम पार्टनर (जो शामली का निवासी था) हर रविवार को अपने घर चला जाता था। कमरे में अकेले होते ही हारिश अपने लैपटॉप के जरिए सक्रिय हो जाता था। वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक साथ 200 से अधिक लोगों को जोड़ता था और आईएसआईएस के आकाओं से मिलने वाले निर्देशों, लेखों और नफरती सामग्री को उनके साथ साझा करता था।
उम्र से दोगुने डॉक्टरों को भी किया 'ब्रेनवॉश': कौम और धर्म के नाम पर भड़काया
एटीएस की जांच में सबसे हैरान करने वाली बात यह आई है कि हारिश ने केवल अपनी उम्र के छात्रों को ही नहीं, बल्कि खुद से दोगुनी उम्र के डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों को भी अपने जाल में फंसा लिया था। वह आईएसआईएस के सीनियर लीडरों से ऑनलाइन ट्रेनिंग लेता था और फिर उसी तर्ज पर अन्य लोगों को धर्म के नाम पर उकसाकर अपने साथ जोड़ता था। वह घंटों लैपटॉप पर बैठकर देश और सरकार के खिलाफ नफरती पोस्ट और कमेंट्स करने वालों की पहचान कर उन्हें अपने नेटवर्क का हिस्सा बनाता था।
2 साल में 5 बार जम्मू-कश्मीर की यात्रा: 'डॉ. आदिल' से क्या है कनेक्शन?
हारिश अली की गतिविधियों का दायरा केवल ऑनलाइन ही नहीं था। एटीएस को पता चला है कि पिछले दो वर्षों में उसने 5 बार जम्मू-कश्मीर की यात्रा की थी। अब सुरक्षा एजेंसियां इन यात्राओं के पीछे के असली उद्देश्य की गहराई से जांच कर रही हैं। यह भी संदेह जताया जा रहा है कि नवंबर 2025 में मानकमऊ (सहारनपुर) से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी डॉ. आदिल अहमद, जो कश्मीर का ही रहने वाला था, उससे हारिश का कोई सीधा संबंध तो नहीं है।
लैपटॉप और मोबाइल बने 'हथियार': सुरक्षा एजेंसियां अब खंगाल रही हैं संपर्क सूची
हारिश का लैपटॉप उसके आतंकी नेटवर्क का मुख्य केंद्र था। रूम पार्टनर के मुताबिक, एक बार गलती से लैपटॉप इस्तेमाल कर लेने पर हारिश ने उससे तीन दिनों तक बात नहीं की थी, जिससे साफ है कि वह अपने डेटा को लेकर कितना सतर्क था। एटीएस अब उन सभी लोगों की सूची तैयार कर रही है जो हारिश के साथ ऑनलाइन जुड़े थे। मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, मेरठ, गाजियाबाद, प्रयागराज और आगरा जैसे शहरों में हारिश के संपर्कों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की तैयारी की जा रही है।
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