Maa Brahmacharini Chalisa: नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के समय करें इस चालीसा का पाठ, पूरी होगी मनचाही मुराद
Maa Brahmacharini Chalisa: हिंदू धर्म मां दुर्गा की पूजा का विषेश महत्व होता है, जिनकी उपासना कई स्वरूपों में की जाती है. मां ब्रह्मचारिणी भी माता दुर्गा का दूसरा स्वरूप मानी जाती हैं, जिन्हें तपस्या और संयम का प्रतीक माना जाता है. मां दुर्गा का ये वो ही रूप है जो देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए धारण किया था. इस रूप में माता रानी ने कठोर तपस्या की थी जिस कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी नाम दिया गया. यदि आप भी मां ब्रह्मचारिणी को खुश करना चाहते हैं तो उसके लिए नियमित रूप से उनकी पूजा करें और उन्हें समर्पित चालीसा का पाठ करना चाहिए. देवी ब्रह्मचारिणी की चालीसा में अद्भुत शक्ति होती है, जिसके पाठ से मुश्किल संकट से बचा जा सकता है. चलिए पढ़ते हैं मां ब्रह्मचारिणी की चालीसा.
मां ब्रह्मचारिणी की चालीसा (Maa Brahmacharini Chalisa In Hindi)
दोहा
कोटि कोटि नमन मात पिता को, जिसने दिया ये शरीर।
बलिहारी जाऊँ गुरू देव ने, दिया हरि भजन में सीर।।
स्तुति
चन्द्र तपे सूरज तपे, और तपे आकाश।
इन सब से बढकर तपे, माताओ का सुप्रकाश।।
मेरा अपना कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा।
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा॥
पद्म कमण्डल अक्ष, कर ब्रह्मचारिणी रूप।
हंस वाहिनी कृपा करो, पडू नहीं भव कूप॥
जय जय श्री ब्रह्माणी, सत्य पुंज आधार।
चरण कमल धरि ध्यान में, प्रणबहुँ माँ बारम्बार॥
चौपाई
जय जय जग मात ब्रह्माणी, भक्ति मुक्ति विश्व कल्याणी।
वीणा पुस्तक कर में सोहे, शारदा सब जग सोहे ।।
हंस वाहिनी जय जग माता, भक्त जनन की हो सुख दाता।
ब्रह्माणी ब्रह्मा लोक से आई, मात लोक की करो सहाई।।
क्षीर सिन्धु में प्रकटी जब ही, देवों ने जय बोली तब ही।
चतुर्दश रतनों में मानी, अद॒भुत माया वेद बखानी।।
चार वेद षट शास्त्र कि गाथा, शिव ब्रह्मा कोई पार न पाता।
आदि शक्ति अवतार भवानी, भक्त जनों की मां कल्याणी।।
जब−जब पाप बढे अति भारी, माता शस्त्र कर में धारी।
पाप विनाशिनी तू जगदम्बा, धर्म हेतु ना करी विलम्बा।।
नमो: नमो: ब्रह्मी सुखकारी, ब्रह्मा विष्णु शिव तोहे मानी।
तेरी लीला अजब निराली, सहाय करो माँ पल्लू वाली।।
दुःख चिन्ता सब बाधा हरणी, अमंगल में मंगल करणी।
अन्नपूर्णा हो अन्न की दाता, सब जग पालन करती माता।।
सर्व व्यापिनी असंख्या रूपा, तो कृपा से टरता भव कूपा।
चंद्र बिंब आनन सुखकारी, अक्ष माल युत हंस सवारी।।
पवन पुत्र की करी सहाई, लंक जार अनल सित लाई।
कोप किया दश कन्ध पे भारी, कुटुम्ब संहारा सेना भारी।।
तू ही मात विधी हरि हर देवा, सुर नर मुनी सब करते सेवा।
देव दानव का हुआ सम्वादा, मारे पापी मेटी बाधा।।
श्री नारायण अंग समाई, मोहनी रूप धरा तू माई।।
देव दैत्यों की पंक्ति बनाई, देवों को मां सुधा पिलाई।।
चतुराई कर के महा माई, असुरों को तू दिया मिटाई।
नौ खण्ङ मांही नेजा फरके, भागे दुष्ट अधम जन डर के।।
तेरह सौ पेंसठ की साला, आस्विन मास पख उजियाला।
रवि सुत बार अष्टमी ज्वाला, हंस आरूढ कर लेकर भाला।।
नगर कोट से किया पयाना, पल्लू कोट भया अस्थाना।
चौसठ योगिनी बावन बीरा, संग में ले आई रणधीरा।।
बैठ भवन में न्याय चुकाणी, द्वारपाल सादुल अगवाणी।
सांझ सवेरे बजे नगारा, उठता भक्तों का जयकारा।।
मढ़ के बीच खड़ी मां ब्रह्माणी, सुन्दर छवि होंठो की लाली।
पास में बैठी मां वीणा वाली, उतरी मढ़ बैठी महाकाली।।
लाल ध्वजा तेरे मंदिर फरके, मन हर्षाता दर्शन करके।
दूर-दूर से आते रेला, चैत आसोज में लगता मेला।।
कोई संग में, कोई अकेला, जयकारों का देता हेला।
कंचन कलश शोभा दे भारी, दिव्य पताका चमके न्यारी।।
सीस झुका जन श्रद्धा देते, आशीष से झोली भर लेते।
तीन लोकों की करता भरता, नाम लिए सब कारज सरता।।
मुझ बालक पे कृपा कीज्यो, भुल चूक सब माफी दीज्यो।
मन्द मति जय दास तुम्हारा, दो मां अपनी भक्ति अपारा।।
जब लगि जिऊ दया फल पाऊं, तुम्हरो जस मैं सदा सुनाऊं।
श्री ब्रह्माणी चालीसा जो कोई गावे, सब सुख भोग परम सुख पावे।।
मां ब्रह्माचारिणी की चालीसा पढ़ने से क्या लाभ होता है?
मान्यता है कि मां ब्रह्माचारिणी की चालीसा पढ़ने से क्रोध शांत होता है. आत्मिक शक्ति बढ़ती है. धैर्य की भावना विकसित होती है. मानसिक अस्थिरता से छुटकारा मिलता है. इसके अलावा व्यक्तित्व में संतुलन व स्थिरता आती है. वहीं मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ता है.
यह भी पढ़ें: Brahmacharini Mata Ki Aarti: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन करें मा ब्रह्मचारिणी की पूजा, शाम को जरूर पढ़ें माता की आरती
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.
मध्य पूर्व में तनाव का असर! डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 93 के पार
मुंबई, 20 मार्च (आईएएनएस)। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुक्रवार को अब तक के सबसे निचले स्तर 93.12 पर पहुंच गया है। यह पहली बार है, जब अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले घरेलू मुद्रा 93 के स्तर के पार निकल गई है।
डॉलर के मुकाबले रुपए का मूल्य 0.55 प्रतिशत गिरकर 93.12 हो गया है। बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 92.63 पर बंद हुआ।
मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका, इजरायल के बीच युद्ध होने के बाद से घरेलू मुद्रा पर दबाव बना हुआ है और तब से यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले करीब 2 प्रतिशत लुढ़क चुकी है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपया 92.8 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है, जो कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक जोखिम से बचने के ट्रेंड के बीच रुपए पर लगातार दबाव का संकेत देता है।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि 93.00 से ऊपर लगातार बढ़त से तेजी का रुझान मजबूत हो सकता है, जहां 93.20-93.40 रुकावट का स्तर और 92.70 एवं 92.50-92.40 का स्तर सपोर्ट लेवल है।
हालांक, घरेलू शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है, सेंसेक्स 900 अंक से अधिक या लगभग 1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी लगभग 300 अंक या 1.35 प्रतिशत बढ़ा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की ओर से बिकवाली जारी है। एक्सचेंज के मुताबिक, गुरुवार को एफआईआई ने 7,558.19 करोड़ रुपए की इक्विटी से निकासी की थी।
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक, डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.67 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 93.65 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 107.3 डॉलर प्रति बैरल पर था।
तेल की कीमतों में गिरावट अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के बयान के बाद आई, जिन्होंने संकेत दिया कि वैश्विक कीमतों को कम करने में मदद के लिए वाशिंगटन समुद्र में मौजूद ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर सकता है।
हालिया गिरावट के बावजूद, भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के 21वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही, ब्रेंट क्रूड की कीमत में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 2 मार्च को 77.74 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 19 मार्च को 108.65 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation



















