पैट कमिंस, जोश हेजलवुड सहित बाहर हुए ऑस्ट्रेलिया के 4 धुरंधर पेसर, इन IPL टीमों को लगा झटका
IPL 2026 को शुरू होने में अब महज 8 दिन बचे हैं और इससे पहले कई बड़े खिलाड़ियों के बाहर होने की खबरें सामने आ रही हैं. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट ने आधिकारिक जानकारी दी है कि उनके 4 तेज गेंदबाज आईपीएल के शुरुआती मैचों से बाहर हो गए हैं, जिसमें से नाथन एलिस के टूर्नामेंट से पूरी तरह बाहर होने की संभावना है. ऐसा माना जा रहा है कि अगले सप्ताह में शुरू होने वाले आईपीएल 2026 की शुरुआत होने पर मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड में से कोई भी अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी के लिए उपलब्ध नहीं होगा.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बरत रहा है सावधानी
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने स्टार मल्टी-फॉर्मेट गेंदबाजों के प्रति सतर्कता बरत रहा है, क्योंकि आगे का शेड्यूल काफी चुनौतीपूर्ण है. अगस्त से शुरू होकर, टेस्ट टीम 12 महीनों में 21 मैच खेलेगी, जिनमें साउथ अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के ऐतिहासिक दौरे शामिल हैं. इसके बाद, टीम 2027 के अंत में साउथ अफ्रीका में वनडे विश्व कप खिताब का बचाव करेगी. इन तीनों गेंदबाजों की उपलब्धता अगले कुछ हफ्तों में उनके खेल में वापसी के प्रोटोकॉल में हुई प्रगति पर निर्भर करेगी.
टेस्ट कप्तान कमिंस पीठ की चोट के कारण पिछले ग्रीष्मकाल में केवल एक टेस्ट मैच खेल पाए थे, जबकि हेजलवुड हैमस्ट्रिंग और अकिलीज की समस्या के कारण पूरी सीरीज से बाहर रहे थे. दोनों ने आगामी टी20 विश्व कप में भी भाग नहीं लिया था. स्टार्क ने एशेज के सभी पांच टेस्ट और केएफसी बिग बैश लीग के अंतिम चरण में भाग लिया, लेकिन पिछले साल के अंत में T20I क्रिकेट से संन्यास लेने के कारण विश्व कप में नहीं खेले.
'विश्व कप खेलने के लिए वो आईपीएल छोड़ देते'
36 साल के स्टार्क की सावधानीपूर्वक देखभाल की जा रही है, क्योंकि उन्होंने पिछले 12 महीनों में टेस्ट क्रिकेट में किसी भी अन्य तेज गेंदबाज (भारत के मोहम्मद सिराज को छोड़कर) से अधिक गेंदें फेंकी हैं. जबकि एलिस को टी20 विश्व कप से पहले लगी दाहिनी हैमस्ट्रिंग की चोट फिर से उभर आई है.
ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ता टोनी डोडेमाइड ने पिछले महीने कहा था कि कमिंस और हेजलवुड का आईपीएल में खेलना और विश्व कप में न खेलना पूरी तरह से "समय का मामला" है.
डोडेमाइड ने कहा, "अगर स्थिति उलटी होती, यानी पहले आईपीएल और फिर विश्व कप, तो वे विश्व कप में खेलने के लिए आईपीएल छोड़ देते. इससे हमें जरा भी निराशा नहीं होगी. हम जानते हैं कि वे ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने और सफल होने के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं."
किन 4 टीमों को लगा झटका
ऑस्ट्रेलिया के इन 4 स्टार प्लेयर्स के शुरुआती मैचों में न खेलने से आईपीएल की 4 टीमों को झटका लगा है. जोश हेजलवुड की वजह से RCB, मिचेल स्टार्क ने DC, पैट कमिंस ने SRH और नाथन एलिस CSK का हिस्सा हैं. ऐसे में इन टीमों को आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले बड़ा झटका लगा है. हालांकि, कमिंस, स्टार्क और हेजलवुड अपनी-अपनी टीम के लिए दूसरे चरण में वापसी कर सकते हैं, जबकि एलिस तो पूरे टूर्नामेंट से ही बाहर हो चुके हैं.
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Gold Price Today: सोना और चांदी की कीमतों में अचानक उछाल! जानें क्या बदल रहा है निवेशकों का रुख?
Gold Price Today: सोना और चांदी, जिन्हें निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश या “सेफ हेवन” माना जाता है, शुक्रवार को फिर से तेजी देखने को मिली. खासकर पश्चिम एशिया के हालात को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों को बुलियन (सोना और चांदी) में निवेश करने के लिए प्रेरित किया. शुक्रवार को चांदी की कीमत 6,920 रुपए बढ़कर 2.38 लाख रुपए रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई. वहीं सोने का भाव 2,860 रुपए बढ़कर 1.58 लाख रुपए रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया. हालांकि यह तेजी कुछ दिनों की गिरावट के बाद आई है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़े बताते हैं कि 27 फरवरी 2026 को सोने की कीमत 1,59,097 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,67,900 रुपए प्रति किलो थी. इसके अगले ही दिन युद्ध की शुरुआत हुई और आमतौर पर युद्ध और वैश्विक तनाव के दौरान सोने और चांदी के दाम बढ़ते हैं. लेकिन इस बार स्थिति अलग रही और बाजार में गिरावट देखने को मिली. यह दर्शाता है कि इस बार युद्ध के बावजूद सोने और चांदी की पारंपरिक कीमतें नहीं बढ़ीं और बाजार की दिशा बदल गई.
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विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी में इस बार गिरावट के पीछे कई वजहें हैं-
1. मार्जिन बढ़ने से ट्रेडिंग महंगी हुई: निवेशक और व्यापारी अब सोने और चांदी की ट्रेडिंग पहले जैसी आसानी से नहीं कर पा रहे हैं. इससे सट्टेबाजी में कमी आई है और कीमतों पर दबाव बना है.
2. शेयर बाजार में नुकसान की भरपाई: कुछ निवेशक शेयर बाजार में हुए नुकसान को पूरा करने के लिए अपने सोने और चांदी के निवेश को बेच रहे हैं. इस वजह से बाजार में बिकवाली बढ़ी है.
3. रिकॉर्ड तेजी के बाद ठंडापन: हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली थी. इसके बाद नई खरीद में कमी आई, जिससे बाजार में ठंडापन और गिरावट का रुझान देखने को मिला.
4. मजबूत डॉलर का असर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय मांग में कमी आई. भारत में सोने और चांदी के दाम भी इसी असर से प्रभावित हुए.
5. निवेशकों की बदलती मनोवृत्ति: कई निवेशक अपने कैश की जरूरत के कारण सोना और चांदी बेच रहे हैं. इससे बाजार में दबाव बना हुआ है.
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हालांकि, शुक्रवार को हुई बढ़त यह संकेत देती है कि निवेशक अभी भी अनिश्चित परिस्थितियों में सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं. अगर वैश्विक घटनाक्रम और राजनीतिक तनाव बढ़ते हैं, तो आने वाले हफ्तों में सोना और चांदी के दाम फिर तेजी पकड़ सकते हैं.
बाजार के रुझान समझकर ही लें निर्णय
संक्षेप में कहा जाए तो सोना और चांदी की कीमतों में हाल की गिरावट और अचानक हुई तेजी दर्शाती है कि बाजार अब पारंपरिक नियमों से अलग रुपए प्रतिक्रिया दे रहा है. निवेशकों को इस समय बाजार के रुझानों को समझकर ही निर्णय लेना चाहिए.
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