अतिरिक्त प्राकृतिक गैस मिलने से भारत में यूरिया उत्पादन में 23 फीसदी तक की वृद्धि हो जाएगी. ऐसे में घरेलू यूरिया उत्पादन 54,500 से बढ़कर 67,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है. इस तरह से वैश्विक टेंडर में स्पॉट ट्रेडिंग के जरिए खरीदी गई गैस की सप्लाई बढ़कर 76 फीसदी से अधिक हो जाएगी.
ईरान युद्ध के बावजूद सोने की कीमतों में अप्रत्याशित गिरावट आई है. यह डॉलर की ताकत, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की उच्च ब्याज दरों, तेल बाजार की रैली और सोने की बाजार में तरलता के कारण है.
Shaheen Afridi: पाकिस्तान क्रिकेट में इन दिनों उथल-पुथल मची है और अब इस बहस में एक और बड़ा नाम जुड़ गया। पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने वनडे टीम के कप्तान और तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी को लेकर बड़ा बयान दिया। लतीफ ने साफ कहा कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए शाहीन टी20 टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह के भी हकदार नहीं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद से शाहीन अफरीदी का प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में। इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच सका, जिसके बाद टीम की जमकर आलोचना हुई। इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में भी हालात नहीं बदले और टीम को 2-1 से हार झेलनी पड़ी।
इसी बीच लतीफ ने बड़ा हमला बोलते हुए कहा, 'अब लोग कह रहे हैं कि शाहीन को वनडे कप्तान नहीं होना चाहिए। लेकिन मेरी नजर में तो वह टी20 टीम में भी जगह के हकदार नहीं। पहले उन्हें टी20 कप्तान बनाया जा सकता था, लेकिन अब वक्त निकल चुका है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि शाहीन को टी20 कप्तान बनाने के लिए एक तरह का कैंपेन चलाया जा रहा है, जिससे वह पूरी तरह असहमत हैं।
लतीफ के इस बयान ने पाकिस्तान क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है। खासकर तब, जब शाहीन टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज माने जाते हैं और लंबे समय से टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। लेकिन खराब फॉर्म ने उनकी जगह पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस विवाद के बीच पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने भी टीम मैनेजमेंट और चयन समिति पर निशाना साधा है। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ हार के लिए सीधे चयनकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया।
अफरीदी ने कहा, 'आपने टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन देखा और फिर बांग्लादेश से भी सीरीज हार गए। मेरी नजर में इसके लिए चयन समिति जिम्मेदार है। इतने अनुभवी लोग होने के बावजूद आपको यह समझ नहीं आ रहा कि किस फॉर्मेट में किसे कप्तान बनाना चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा कि टीम में लगातार सर्जरी के नाम पर बदलाव किए जा रहे हैं, लेकिन इसका फायदा नहीं मिल रहा। आप ऐसे खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं जिन्होंने मुश्किल से कुछ फर्स्ट क्लास मैच खेले। घरेलू क्रिकेट का स्तर भी इतना मजबूत नहीं है कि लगातार इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ी तैयार कर सके।
लगातार खराब प्रदर्शन और अंदरूनी फैसलों को लेकर उठते सवालों ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट इन आलोचनाओं का जवाब कैसे देता है और आने वाले समय में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।