RBSE 10th Result 2026: कब जारी होगा राजस्थान 10वीं बोर्ड का रिजल्ट?rajeduboard.rajasthan.gov.in पर ऐसे कर सकेंगे चेक
RBSE 10th Result 2026: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) की 10वीं बोर्ड का रिजल्ट आज जारी किया जा सकता है. छात्र परिणाम की घोषणा के बाद बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. विद्यार्थी यहां अपना रोल नंबर डालकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं. बता दें कि इस बार दसवीं क्लास की परीक्षा फरवरी-मार्च के महीने में हो गई थी. पिछले कुछ सालों की तुलना में इस साल रिजल्ट जल्दी जारी हो सकता है. दसवीं के बाद अब 12वीं बोर्ड के रिजल्ट का इंतजार छात्र कर रहे हैं. हालांकि, अभी तक बोर्ड की तरफ से परिणाम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. माना जा रहा था कि आज यानी 20 मार्च को रिजल्ट डिक्लेयर होगा, मगर आज अवकाश के कारण ऐसा नहीं हो पाया.
23 मार्च को जारी होगा रिजल्ट?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब दसवीं कक्षा के राजस्थान बोर्ड के परिणाम 23 मार्च को जारी हो सकते हैं. बोर्ड ने पहले 20 मार्च को रिजल्ट जारी होने का दावा किया था. अगले साल से 10वीं बोर्ड की परीक्षा साल में दो बार होगी. पहली परीक्षा फरवरी और दूसरी बार मई में परीक्षा होंगे. इसलिए, इस वर्ष शासन सत्र का समय 1 अप्रैल से शुरू होगा. बताया जा रहा है कि बोर्ड जल्द रिजल्ट जारी करने की तैयारी कर रहा है, जिससे स्टूडेंट्स को आगे की पढ़ाई करने के लिए समय मिल पाए.
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ऐसे चेक करें रिजल्ट
राजस्थान 10वीं बोर्ड का रिजल्ट चेक करने के लिए छात्र सबसे पहले rajeduboard.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जाकर चेक करें. इसके बाद होमपेज पर मेन एग्जामिनेशन रिजल्ट 2026 लिंक को क्लिक करें. अब RBSE Secondary Result 2026 10वीं के ऑप्शन को चुनें. इसके बाद अपना रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ भरें. इसके सब्मिट करने के बाद आपका रिजल्ट फोन की स्क्रीन पर फ्लैश हो जाएगा.
इन स्टेप्स को फॉलो कर डाउनलोड कर सकेंगे मार्कशीट
- स्टेप 1- छात्र सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. ये हैं साइट्स- rajeduboard.rajasthan.gov.in
- rajresults.nic.in
- स्टेप 2- इसके बाद होमपेज पर Main Examination Result 2026 लिंक पर क्लिक करें.
- स्टेप 3- अब RBSE Secondary Result 2026 या फिर RBSE Senior Secondary Result 2026 ऑप्शन पर क्लिक करें.
- स्पेट 4- अब अपना रोल नंबर और DOB फिल करें.
- स्टेप 5- इसे सब्मिट करने के बाद आपको अपना स्कोरकार्ड दिखने लगेगा.
- स्टेप 6- रिजल्ट डाउनलोड करें और इसका प्रिंटआउट भी निकाल जरूर निकाल लें.
छात्रों के लिए ध्यान रखने योग्य बातें
रिजल्ट जारी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट थोड़ी स्लो हो सकती है. दरअसल, एक समय पर एकसाथ काफी बच्चे रिजल्ट चेक करते हैं. इस वजह से वेबसाइट लोडिंग टाइम ज्यादा लेती है. ऐसे में छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है. जैसे ही मेन साइट ओपन होगी, अपना रोल नंबर भरे और ऑनलाइन मार्कशीट को चेक कर, उसे डाउनलोड कर लें.
भारत ने वक्फ़ कानून पर यूएन के विशेषज्ञ की रिपोर्ट को झूठा करार देते हुए इसे ‘शत्रुतापूर्ण’ बताया
संयुक्त राष्ट्र, 20 मार्च (आईएएनएस)। भारत ने अल्पसंख्यक मामलों के विशेषज्ञ द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट को “तथ्यों के विपरीत” और देश के प्रति “शत्रुतापूर्ण” करार देते हुए खारिज कर दिया है।
भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन के काउंसलर गौरव कुमार ठाकुर ने मंगलवार को जिनेवा में मानवाधिकार परिषद की एक बैठक में कहा कि लेवराट के दावे “तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और इसके पृष्ठभूमि और इतिहास की समझ पर आधारित नहीं हैं।”
उन्होंने कहा, “उनकी टिप्पणियों की शैली और सामग्री भारत के प्रति स्पष्ट रूप से शत्रुतापूर्ण दृष्टिकोण को दर्शाती है।”
मानवाधिकार परिषद के विशेष रैपोर्टियर स्वतंत्र विशेषज्ञ होते हैं, जो व्यक्तिगत क्षमता में अपने मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार करते हैं। हालांकि उनकी रिपोर्ट परिषद की स्वीकृति प्राप्त प्रतीत होती है और जरूरी नहीं कि परिषद का दृष्टिकोण दर्शाए।
यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय कानून के जिनेवा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लेवराट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि वक्फ़ संशोधन अधिनियम “मुस्लिम समुदायों की पूजा स्थलों के स्वामित्व और संचालन करने की क्षमता को प्रभावित करता है।”
ठाकुर ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य “प्रगतिशील” है और इसका मकसद “पारदर्शिता, लैंगिक समानता व अधिक प्रभावी प्रशासन को बढ़ावा देना” है।
उन्होंने कहा कि यह कानून बोहरा और अगाखानी जैसी अल्पसंख्यक मुस्लिम संप्रदायों को सशक्त बनाता है, उनके “अपने समुदाय के हितों की रक्षा करने और अपने पूजा स्थलों की स्थापना करने के अधिकार” को संवैधानिक रूप से सुनिश्चित करके।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि लेवराट की टिप्पणियाँ “कुछ संगठनों के साथ बातचीत पर आधारित प्रतीत होती हैं, जिनका एकमात्र एजेंडा भारत के बहुसांस्कृतिक चरित्र को तोड़-मरोड़कर अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए प्रस्तुत करना है।”
रैपोर्टियर ने अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट में कहा था कि उन्होंने न्यूयॉर्क स्थित इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल से परामर्श लिया।
ठाकुर ने कहा, “भारत जातीय, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों को सशक्त बनाने और हमारे राष्ट्र के बहुसांस्कृतिक चरित्र को पोषित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा, हमारे लोकतांत्रिक मूल्य और संविधान सभी नागरिकों को मूलभूत अधिकारों की गारंटी देते हैं। संविधान सभी प्रकार के अल्पसंख्यकों के लिए विशिष्ट सुरक्षा प्रदान करता है और उनकी पहचान की रक्षा करता है।
उन्होंने कहा कि सभी अल्पसंख्यक, चाहे धर्म या भाषा द्वारा परिभाषित हों, शैक्षिक संस्थानों के प्रशासन के लिए एक प्रशासनिक प्राधिकरण स्थापित कर सकते हैं और शिक्षण माध्यम चुन सकते हैं।
महिलाओं के अधिकार और मुस्लिम धर्मार्थ निधियों के प्रशासन में सभी मुस्लिम संप्रदायों का प्रतिनिधित्व अधिनियम के महत्वपूर्ण तत्व हैं।
कानून यह सुनिश्चित करता है कि केंद्रीय वक्फ़ परिषद और राज्य वक्फ़ बोर्ड में कम से कम दो मुस्लिम महिलाएं शामिल हों और महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।
राज्य वक्फ़ बोर्डों में विभिन्न मुस्लिम संप्रदायों का प्रतिनिधित्व भी इस संशोधन का एक अनिवार्य प्रावधान है।
--आईएएनएस
पीएम
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