चीन की 2030 तक एआई में वैश्विक नेतृत्व और ताइवान पर नियंत्रण की तैयारी: तुलसी गबार्ड
वॉशिंगटन, 20 मार्च (आईएएनएस)। चीन 2030 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में दुनिया की शीर्ष शक्ति बनने की कोशिश कर रहा है और साथ ही अपनी सेना का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर ताइवान को बलपूर्वक अपने नियंत्रण में लिया जा सके।
नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने गुरुवार को सांसदों को यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बीजिंग अभी भी बिना किसी संघर्ष के, ताइवान के साथ शांतिपूर्ण एकीकरण को ही प्राथमिकता देता दिख रहा है।
प्रतिनिधि सभा की खुफिया समिति के सामने 2026 वार्षिक खतरा आकलन प्रस्तुत करते हुए गबार्ड ने कहा कि बीजिंग 2030 तक अमेरिका को वैश्विक एआई नेता के रूप में विस्थापित करने का लक्ष्य रखता है और अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत करने के लिए अपनी तकनीकी और सैन्य क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि खुफिया समुदाय का आकलन है कि चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सबसे सक्षम प्रतिस्पर्धी है। उन्होंने इस तकनीक को एक ऐसी चीज बताया जो वैश्विक खतरों के परिदृश्य को तेजी से बदल रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि एआई का बड़े पैमाने पर उपयोग “गंभीर जोखिम पैदा करता है,” जिसमें हथियारों के डिजाइन, युद्धक्षेत्र में लक्ष्य निर्धारण और निर्णय लेने वाली प्रणालियों में इसका उपयोग शामिल है।
गबार्ड ने कहा, “एआई का उपयोग हथियारों और प्रणालियों के डिजाइन में सहायता के लिए किया जा सकता है, और हाल के संघर्षों में इसका उपयोग लक्ष्य निर्धारण को प्रभावित करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करने में किया गया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उभरती हुई तकनीकें भविष्य के युद्धों का केंद्र बनती जा रही हैं।
सैन्य मोर्चे पर उन्होंने कहा कि चीन अपने सशस्त्र बलों का “सभी क्षेत्रों में तेजी से आधुनिकीकरण” कर रहा है ताकि मध्य शताब्दी तक “विश्व स्तरीय” स्थिति हासिल की जा सके। इसमें ऐसी क्षमताओं का विकास शामिल है जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों को रोकने के लिए बनाई गई हैं।
खुफिया आकलन में यह भी बताया गया कि बीजिंग का रणनीतिक उद्देश्य जरूरत पड़ने पर बलपूर्वक ताइवान को अपने अधीन करने की क्षमता विकसित करना है। साथ ही, गबार्ड ने कहा कि चीन संभवतः “संघर्ष के बिना ताइवान के साथ अंततः शांतिपूर्ण पुनर्मिलन” के लिए परिस्थितियां बनाने को प्राथमिकता देता है।
सैन्य विकास से परे, चीन की महत्वाकांक्षाएं आर्थिक और भू-राजनीतिक प्रभाव तक फैली हुई हैं। गबार्ड ने कहा कि बीजिंग अपने “राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य और तकनीकी शक्ति को बढ़ाने” के लिए काम कर रहा है ताकि वैश्विक प्रभाव का विस्तार किया जा सके और अपने हितों के लिए माने जाने वाले खतरों का मुकाबला किया जा सके।
साइबर क्षेत्र में उन्होंने चेतावनी दी कि चीन अमेरिकी नेटवर्क और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए सबसे लगातार खतरों में से एक बना हुआ है। खुफिया समुदाय का आकलन है कि चीन और रूस दोनों भविष्य में खुफिया जानकारी जुटाने और संभावित व्यवधान के विकल्प तैयार करने के लिए अपनी साइबर क्षमताओं में भारी निवेश कर रहे हैं।
गबार्ड ने लैटिन अमेरिका और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों में चीन की बढ़ती उपस्थिति का भी उल्लेख किया। पश्चिमी गोलार्ध में उन्होंने कहा कि कच्चे माल की चीन की मांग उसके आर्थिक विस्तार को आगे बढ़ाएगी, जबकि आर्कटिक में वह अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए “सीमित प्रयास” कर रहा है।
चीन और रूस उन्नत मिसाइल डिलीवरी प्रणालियां विकसित कर रहे हैं जो अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को “भेदने या बाईपास करने” में सक्षम हैं, जो प्रमुख शक्तियों के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के व्यापक रुझान को दर्शाता है।
आकलन में यह भी बताया गया कि क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियां शुरुआती अपनाने वालों को संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा डेटा को संसाधित करने और मौजूदा एन्क्रिप्शन सिस्टम को तोड़ने में सक्षम बनाकर निर्णायक बढ़त दे सकती हैं।
गबार्ड ने कहा कि खुफिया समुदाय घरेलू खतरों और वैश्विक जोखिमों को प्राथमिकता देना जारी रखता है, जिसमें चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान को ऐसे प्रमुख राज्य अभिनेता माना जाता है जो बदलते सुरक्षा वातावरण को आकार दे रहे हैं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पश्चिम एशिया संघर्ष पर जयशंकर ने इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार से की चर्चा
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके इजरायली समकक्ष गिदोन सार ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके प्रभावों पर टेलीफोन पर बातचीत की।
बातचीत के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, आज शाम इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ टेलीफोन पर बातचीत हुई। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसके कई प्रभावों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
दोनों मंत्रियों के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी है, जो 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद भड़क उठा। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले करते हुए अमेरिका और इजरायल के ठिकानों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी बलों को निशाना बनाया।
पिछले कुछ दिनों में विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस, ईरान, फ्रांस और ओमान सहित कई अन्य देशों के अपने समकक्षों से भी बातचीत की है, क्योंकि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर क्षेत्रीय सरकारों और प्रमुख साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है।
इससे पहले दिन में जयशंकर ने यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मुलाकात की, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
इस बैठक के दौरान जयशंकर ने यूएई सरकार को भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए धन्यवाद भी दिया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, गुरुवार दोपहर यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी से मिलकर खुशी हुई। भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए यूएई सरकार का धन्यवाद किया। पश्चिम एशिया में संघर्ष से संबंधित नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की।
16 मार्च को विदेश मंत्री जयशंकर ने बेल्जियम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की, जिसमें पश्चिम एशिया और यूक्रेन के घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने समकालीन वैश्विक घटनाओं पर लेयेन के विचारों की सराहना की।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, गुरुवार दोपहर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मिलकर खुशी हुई। इस जनवरी में उनकी भारत की अत्यंत सफल राजकीय यात्रा हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई है। हम इस पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। समकालीन वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों की सराहना करता हूं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















