अब ब्लॉक लेवल पर मिलेगी फ्री स्किल ट्रेनिंग, झारखंड सरकार की 'बिरसा' योजना से युवाओं को मिलेगा रोजगार
झारखंड सरकार ने राज्य के ग्रामीण और ब्लॉक स्तर के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है. 'मुख्यमंत्री सारथी योजना' के एक मुख्य हिस्से के रूप में 'ब्लॉक लेवल इंस्टीट्यूट फॉर रूरल स्किल एक्विजिशन' यानी 'बिरसा' (BIRSA) को लॉन्च किया गया है. श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को हुनरमंद बनाना है, जो अपने स्थानीय क्षेत्र में रहकर ही काम करना और सीखना चाहते हैं. इस पहल से अब युवाओं को बड़े शहरों की ओर रुख करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उन्हें उनके ब्लॉक में ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा.
योजना की खास विशेषताएं और फायदे
बिरसा योजना पूरी तरह से गैर-आवासीय (Non-residential) है, जिसका मतलब है कि छात्र दिन में ट्रेनिंग लेकर शाम को अपने घर जा सकते हैं. पहले चरण में इसे झारखंड के सभी 24 जिलों के 80 चयनित ब्लॉकों में शुरू किया गया है. योजना के तहत उम्मीदवारों को न केवल मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि उन्हें हैंडबुक और अन्य जरूरी अध्ययन सामग्री भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी. ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार सही ट्रेड चुनने के लिए उचित काउंसलिंग भी दी जाती है, ताकि वे अपने करियर का सही चुनाव कर सकें.
ट्रेनिंग के बाद रोजगार का सहारा
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह केवल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विभाग युवाओं को नौकरी दिलाने या अपना खुद का काम (Self-employment) शुरू करने में भी पूरी मदद करता है. सरकार का लक्ष्य है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और मार्केट की जरूरतों के हिसाब से युवाओं को तैयार किया जाए, ताकि वे अपने क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें. इसमें सामान्य और आरक्षित दोनों श्रेणियों के युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं.
कौन कर सकता है आवेदन?
बिरसा योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं. आवेदक का झारखंड का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है. उम्र सीमा की बात करें तो सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए यह 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वहीं, एससी (SC), एसटी (ST) और ओबीसी (OBC) जैसी आरक्षित श्रेणियों के लिए उम्र सीमा में भारी छूट देते हुए इसे 50 वर्ष तक रखा गया है. इससे बड़ी उम्र के लोग भी नया हुनर सीखकर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं.
आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी कागजात
योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके अपनाए जा सकते हैं. ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को अपने नजदीकी 'ट्रेनिंग सर्विस प्रोवाइडर' (TSP) सेंटर पर जाना होगा. वहां उनका रजिस्ट्रेशन 'मुख्यमंत्री सारथी योजना' के तहत किया जाएगा. खास बात यह है कि रजिस्ट्रेशन आधार कार्ड पर आधारित होगा, इसलिए आवेदन के समय आधार नंबर होना अनिवार्य है. इसके अलावा उम्मीदवारों को शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ रखना होगा.
बदलेगी ग्रामीण झारखंड की तस्वीर
बिरसा योजना झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर को कम करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है. ब्लॉक स्तर पर ही सेंटर होने से विशेष रूप से उन महिलाओं और युवाओं को फायदा होगा जो पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से शहरों में जाकर ट्रेनिंग नहीं ले सकते थे. सरकार की इस स्थानीय कौशल विकास योजना से आने वाले समय में झारखंड के गांवों में हुनरमंद कामगारों की एक नई फौज खड़ी होगी, जो राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी.
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पीएम मोदी ने कतर के अमीर से फोन पर बात की, ईद की शुभकामनाएं दीं
नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर बातचीत कर उन्हें और कतर की जनता को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को दोहराया। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत पश्चिम एशिया में जारी तनाव और क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचागत सुविधाओं पर हुए हमलों के बीच हुई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, मैंने अपने भाई, कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात की और उन्हें और कतर की जनता को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने पोस्ट में आगे लिखा, मैंने इस बात को दोहराया कि हम कतर के साथ एकजुटता से खड़े हैं और इस क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। मैंने भारतीय समुदाय को दी गई देखभाल और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहेगी। हम होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और मुक्त आवागमन के पक्षधर हैं।
पीएम मोदी का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। पीएम मोदी ने बातचीत में कतर के साथ भारत की मजबूत एकजुटता दोहराई और क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कतर द्वारा उनकी देखभाल की सराहना की, जहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं।
पीएम मोदी ने हाल के दिनों में पश्चिम एशिया के कई नेताओं से इसी तरह बात की है, जिसमें यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शामिल हैं। सभी बातचीतों में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित नौवहन, क्षेत्रीय शांति बहाली और संवाद-कूटनीति पर जोर दिया गया है।
--आईएएनएस
पीएसके
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