IPL 2026: एक ही दिन में राजस्थान रॉयल्स समेत इन 3 टीमों को लगा तगड़ा झटका, स्टार खिलाड़ी हुए बाहर
IPL 2026: आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है. टूर्नामेंट शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी रह गया है. इससे पहले कई टीमों के लिए बुरी खबर सामने आ रही है. राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स और चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा झटका लगा है. राजस्थान रॉयल्स के स्टार ऑलराउंडर सैम करन इंजरी की वजह से पूरे सीजन से बाहर हो सकते हैं. पंजाब किंग्स के स्टार तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन आईपीएल 2026 के शुरुआती मैचों से बाहर हो सकते हैं. वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज नाथन एलिस पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं.
आईपीएल 2026 से खिलाड़ियों का बाहर होने का सिलसिला शुरु हो गया है. कुछ खिलाड़ी इंजरी तो कुछ पर्सनल रीजन की वजह से आईपीएल 2026 से बाहर हो रहे हैं. रिपोर्ट्स सामने आ रही है कि राजस्थान रॉयल्स के स्टार ऑलराउंडर सैम करन इंजरी की वजह से पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो सकते हैं.
Curran out for RR?
— Sportstar (@sportstarweb) March 19, 2026
Rajasthan Royals is likely to be dealt a major blow after a suspected groin injury could rule out all-rounder Sam Curran for the entire Indian Premier League (IPL) 2026 season, according to reports.
The 27-year-old Englishman has been part of the IPL since… pic.twitter.com/7kG1s14QjS
???? BIG BLOW FOR PUNJAB KINGS ????
— Johns. (@CricCrazyJohns) March 19, 2026
- Lockie Ferguson likely to miss the early stage of IPL 2026 as is prioritising to spend time with new born baby. [Espn Cricinfo] pic.twitter.com/DdfcATEKFv
???? IPL UPDATES ???? [Espn Cricinfo & Sportstar]
— Johns. (@CricCrazyJohns) March 19, 2026
- Nathan Ellis ruled out of IPL 2026.
- Sam Curran set to miss the IPL 2026
- Lockie Ferguson is likely to miss early stages in IPL 2026 pic.twitter.com/MenpgYFy6d
अब ब्लॉक लेवल पर मिलेगी फ्री स्किल ट्रेनिंग, झारखंड सरकार की 'बिरसा' योजना से युवाओं को मिलेगा रोजगार
झारखंड सरकार ने राज्य के ग्रामीण और ब्लॉक स्तर के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है. 'मुख्यमंत्री सारथी योजना' के एक मुख्य हिस्से के रूप में 'ब्लॉक लेवल इंस्टीट्यूट फॉर रूरल स्किल एक्विजिशन' यानी 'बिरसा' (BIRSA) को लॉन्च किया गया है. श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को हुनरमंद बनाना है, जो अपने स्थानीय क्षेत्र में रहकर ही काम करना और सीखना चाहते हैं. इस पहल से अब युवाओं को बड़े शहरों की ओर रुख करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उन्हें उनके ब्लॉक में ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा.
योजना की खास विशेषताएं और फायदे
बिरसा योजना पूरी तरह से गैर-आवासीय (Non-residential) है, जिसका मतलब है कि छात्र दिन में ट्रेनिंग लेकर शाम को अपने घर जा सकते हैं. पहले चरण में इसे झारखंड के सभी 24 जिलों के 80 चयनित ब्लॉकों में शुरू किया गया है. योजना के तहत उम्मीदवारों को न केवल मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि उन्हें हैंडबुक और अन्य जरूरी अध्ययन सामग्री भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएगी. ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार सही ट्रेड चुनने के लिए उचित काउंसलिंग भी दी जाती है, ताकि वे अपने करियर का सही चुनाव कर सकें.
ट्रेनिंग के बाद रोजगार का सहारा
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह केवल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विभाग युवाओं को नौकरी दिलाने या अपना खुद का काम (Self-employment) शुरू करने में भी पूरी मदद करता है. सरकार का लक्ष्य है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और मार्केट की जरूरतों के हिसाब से युवाओं को तैयार किया जाए, ताकि वे अपने क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकें. इसमें सामान्य और आरक्षित दोनों श्रेणियों के युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं.
कौन कर सकता है आवेदन?
बिरसा योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं. आवेदक का झारखंड का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है. उम्र सीमा की बात करें तो सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए यह 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वहीं, एससी (SC), एसटी (ST) और ओबीसी (OBC) जैसी आरक्षित श्रेणियों के लिए उम्र सीमा में भारी छूट देते हुए इसे 50 वर्ष तक रखा गया है. इससे बड़ी उम्र के लोग भी नया हुनर सीखकर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं.
आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी कागजात
योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके अपनाए जा सकते हैं. ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को अपने नजदीकी 'ट्रेनिंग सर्विस प्रोवाइडर' (TSP) सेंटर पर जाना होगा. वहां उनका रजिस्ट्रेशन 'मुख्यमंत्री सारथी योजना' के तहत किया जाएगा. खास बात यह है कि रजिस्ट्रेशन आधार कार्ड पर आधारित होगा, इसलिए आवेदन के समय आधार नंबर होना अनिवार्य है. इसके अलावा उम्मीदवारों को शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ रखना होगा.
बदलेगी ग्रामीण झारखंड की तस्वीर
बिरसा योजना झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर को कम करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है. ब्लॉक स्तर पर ही सेंटर होने से विशेष रूप से उन महिलाओं और युवाओं को फायदा होगा जो पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से शहरों में जाकर ट्रेनिंग नहीं ले सकते थे. सरकार की इस स्थानीय कौशल विकास योजना से आने वाले समय में झारखंड के गांवों में हुनरमंद कामगारों की एक नई फौज खड़ी होगी, जो राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी.
ये भी पढ़ें- झारखंड : सीएम सोरेन ने दुमका में फहराया तिरंगा, कहा- राज्य में 48 हजार रिक्त पदों पर शीघ्र होगी नियुक्ति
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















